कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि देश की शिक्षा प्रणाली नयापन लाने और उच्च शिक्षा को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप ढालने की जरूरत है। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के तत्वावधान में आयोजित एक चर्चा सत्र के दौरान पूछे गए एक सवाल के जवाब में राहुल ने कहा कि अपने देश में शिक्षा और उद्योग दो अलग-अलग तरीके से सोचते हैं।
राहुल ने कहा, "लेकिन दूसरी तरफ, आधुनिक विश्वविद्यालय और आधुनिक शिक्षा एक ऐसा नेटवर्क है, जो उद्योग, सरकार, गैर सरकारी संगठनों, विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के अंदर एक बिंदु पर जोड़ते हैं।" गांधी ने कहा कि देश के कुछ विश्वविद्यालय, जैसे कि आईआईटी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान), अपवाद हैं, लेकिन जरूरत के अनुरूप देश में नेटवर्किं ग स्तर और ज्ञान प्रणालियों का अभाव है। राहुल ने कहा कि उद्योग और शिक्षा के बीच एक संपर्क स्थापित करने का समय आ गया है।
उन्होंने जोर देकर कहा, "हमारी उच्च शिक्षा में उद्योग की क्या भूमिका होती है? दोनों में एक गहरा जुड़ाव है, लेकिन दोनों में संपर्क नहीं है, इसलिए दोनों को विश्वविद्यालय स्तर पर एक साथ लाया जाए।" राहुल ने यह भी कहा कि शिक्षा प्रणाली की पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, "शिक्षा की पहुंच बढ़ाइए, और हम आधुनिक प्रौद्योगिकी के जरिए इस काम को कर सकते हैं, जो कि एक बहुत शक्तिशाली औजार है। आईआईटी के ढेर सारे महत्व हैं, लेकिन इनका सही तरीके से उपयोग नहीं हो रहा है।"
राहुल ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा में नामांकन बढ़ा है, लेकिन शिक्षकों की गुणवत्ता और इमारतों के मामले में बहुत कुछ किया जाना बाकी है। उन्होंने कहा, "बड़ी बात यह है कि पूरी शिक्षा प्रणाली में आमूलचूल बदलाव की जरूरत है।" कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, "हम पुराने औजारों के जरिए इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकते। इसे पहुंच बढ़ाकर, लोगों को इससे जोड़कर, उद्योगों के विचारों को इसमें शामिल कर हासिल किया जा सकता है।"

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