अगले लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के गठबंधन की संभावना के बीच शनिवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि दोनों दल एक बार फिर बिहार में 'कुशासन' लाने के लिए एक हो रहे हैं। मुजफ्फरपुर में संकल्प रैली के दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 15 वर्ष के लिए राजद की कुशासन वाली सरकार बिहार के लोगों ने देखा है, जब शाम होने के बाद लोगों को अपने घर जाने की जल्दबाजी हेती थी। लोगों में अपहरण का भय था। ऐसी सरकार के लिए जितना राजद दोषी है उतनी ही दोषी कांग्रेस भी है।
उन्होंने कहा कि आज फिर ये दोनों दल अगले लोकसभा चुनाव में एक होने की तैयारी में लगे हैं। उन्होंने दावा किया कि 25 नवंबर 2005 को पहली बार जब उन्होंने सत्ता संभाला था तब से अब तक बिहार को पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है, दिन-रात काम किया जा रहा है। बिहार के विकास की चर्चा अब देश में ही नहीं विदेशों में होने लगी, कानून का राज स्थापित हुआ है। अब लोग रात में घर से बाहर घूमते हैं, शाम होने के बाद घर जाने की जल्दबाजी नहीं होती है।
उन्होंने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को दोहराते हुए कहा कि रघुराम राजन समिति की रिपोर्ट आने के बाद भी केन्द्र सरकार इस मामले को लेकर चुप है। मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी से जनता दल (युनाइटेड) के साथ गठबंधन टूटने के लिए भाजपा को जिम्मेवार ठहराते हुए कहा कि यह गठबंधन विवादित मुद्दों को अलग कर बनाया गया था परंतु वे सिद्धांतों पर कायम नहीं रह सके।

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