भारत सीमा विवाद का सौहार्दपूर्ण हल चाहता है :राजनाथ सिंह - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

बुधवार, 28 जनवरी 2015

भारत सीमा विवाद का सौहार्दपूर्ण हल चाहता है :राजनाथ सिंह


भारत ने आज कहा कि उसकी चीन के साथ सीमा विवाद के सौहार्द्रपूर्ण हल की ईमानदार मंशा है और उसने उससे मतभेद दूर करने के लिए आगे आने का आह्वान किया। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने यहां सीमा प्रहरी बल आईटीबीपी के बटालियन कैंप का उद्घाटन करने के बाद कहा, ‘चीन भारत सीमा के सिलसिले में धारणा संबंधी मतभेद है। चीन कहता है कि यहां सीमा है। हम कहते हैं, नहीं, यहां सीमा है। हम सीमा समस्या का हल करने का प्रयास कर रहे हैं। चीन को आगे आना चाहिए। भारत सभी विवादों का शांतिपूर्ण हल चाहता है। ’

आईटीबीपी के कार्यक्रम के लिए दिल्ली से यहां आए सिह ने कहा, ‘हम विस्तारवादी नहीं हैं। भारत का इतिहास बताता है कि हम कभी विस्तारवादी नहीं रहे। हमने किसी देश पर कभी हमला नहीं किया। हम शांति के पुजारी हैं। चीन को इसे समझना चाहिए। हम ईमानदारी के साथ सभी मुद्दों का हल करना चाहते हैं । ’ उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों के लिए पहले ही 35 नयी सीमा चौकियों मंजूर कर चुका है। बाईस सीमा चौकियां शीघ्र ही चालू होने जा रही हैं और बाकी 13 पर काम चल रहा है। आईटीबीपी पर इस सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी है।

कोई टिप्पणी नहीं: