उत्तराखंड की विस्तृत खबर (26 जुलाई) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 26 जुलाई 2015

उत्तराखंड की विस्तृत खबर (26 जुलाई)

शौर्य दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि
  • प्रदेश में वार मेमोरियल के लिए भूमि का चयन शीघ्र
  • संसाधन सीमित हैं, परंतु सैनिकों और सैन्य परिवारों के प्रति हमारी भावनाएं असीमित: हरीश रावत
  • उपनल राज्य के प्रमुख शहरों में सैन्य परिवारों के बच्चों के लिए बनाएगा छात्रावास: हरक सिंह 

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देहरादून, 26 जुलाई।  शौर्य दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि राज्य सरकार के संसाधन सीमित हैं, परंतु सैनिकों और सैन्य परिवारों के प्रति हमारी भावनाएं असीमित हैं। उŸाराखण्ड, सैनिक कल्याण में अनुकरणीय राज्य के रूप में दिखेगा। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि हमें गर्व है कि देश के लिए शहादत की परम्परा निभाने में उŸाराखण्ड के वीर सैनिक हमेशा आगे रहे हैं। हमारी सरकार इस गौरवशाली सैन्य परम्परा को सेल्यूट करती है। राज्य सैनिक कल्याण परिषद सैनिकों के हित में स्वतंत्रता के साथ काम कर सके और सैनिकों व पूर्व सैनिकों के लिए प्रारम्भ की गई योजनाओं की माॅनिटरिंग कर सके, इसके लिए निर्णय लिया गया है कि सैनिक कल्याण परिषद एक स्वायŸाशासी संस्था के तौर पर काम करेगी। इसके अध्यक्ष को केबिनेट मंत्री का स्तर देने का निर्णय लिया गया। वरिष्ठतम सैन्य अधिकारी ले.जनरल गम्भीर सिंह नेगी के व्यापक अनुभव को देखते हुए उन्हें परिषद का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वन रैंक वन पेंशन पर राज्य सरकार केंद्र सरकार से अनुरोध करेगी। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि शहीदों के सपनों के अनुरूप राष्ट्र, राज्य व गांव का विकास करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। आजादी के बाद से ही देश प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष युद्ध का सामना कर रहा है। इसमें हमारे वीर सैनिकों का जो खून बहता है, उस खून की हर बूंद के साथ भारत की एकता व अखण्डता का संकल्प मजबूत होता है। शौर्य दिवस पर पूरा राष्ट्र संकल्प ले रहा है कि वीर सैनिकों की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने देंगे। हमारी युवा पीढ़ी वीरता की इस गाथा को आगे ले जाएगी। हरीश रावत ने कहा प्रदेश में वार मेमोरियल के लिए सैनिक कल्याण मंत्री, राज्य सैनिक कल्याण परिषद के अध्यक्ष व मुख्य सचिव की समिति भूमि का चयन करेगी। आवश्यकता होने पर राज्य सरकार इसके लिए भूमि खरीदने को भी तैयार है। उधर सैनिक कल्याण मंत्री डाॅ. हरक सिंह रावत ने कारगिल शहीदों को नमन करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री हरीश रावत के नेतृत्व में राज्य सरकार, सैनिकों, पूर्व सैनिकों, उनके परिवारजनों के लिए खुले दिल से काम कर रही है। सैनिकों के सम्मान के लिए जितना किया जाए उतना कम है। डाॅ. रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर निर्णय लिया गया है कि उपनल राज्य के प्रमुख शहरों में छात्रावास बनाएगा। इनमें सैनिक विधवाओं के बच्चों को निशुल्क जबकि सैनिकों व पूर्व सैनिकों के बच्चों को नाममात्र के शुल्क पर छात्रावास की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी। सैनिक विधवाओं व अपंग सैनिकों के बच्चे जो कि आई.आई.टी., एम.बी.बी.एस. व आई.आई.एम. में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, को उपनल द्वारा 1 लाख रूपए प्रति वर्ष की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कार्यक्रम में शहीद सैनिकों के परिवारजनों, वीरता मेडल प्राप्त सैनिकों, पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया। विभागीय योजनाओं के तहत श्रीमती औंकारी देवी, सुहासिनी देवी, कस्तूरी देवी, ममिता देवी, आशा देवी मनीषा देवी को पुत्री के विवाह के लिए 1 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि के चैक भेंट किए। आयुष सेमवाल, बसंत सिंह पंवार को छात्रवृŸिा के लिए सहायता राशि प्रदान की गई। इस अवसर पर संसदीय सचिव व विधायक राजकुमार, राज्य सैनिक कल्याण परिषद के अध्यक्ष ले.ज.(से.नि.) गम्भीर सिंह नेगी, उपाध्यक्ष केप्टन(से.नि.) बलवीर सिंह रावत सहित बड़ी संख्या में विभिन्न रेंक के पूर्व सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक, शहीद सैनिकों के परिवारजन मौजूद थे।

शहर के कई क्षेत्रों में पानी का संकट

देहरादून, 26 जुलाई (निस)। रविवार को शहर के कई इलाकों में पेयजल संकट बना रहा। जिससे लोग खासे परेशान हुए। बंजारावाला, आशीर्वाद एन्क्लेव, आराघर, पटेलनगर, सहारनपुर रोड, रामनगर, मतवाला बाग, पार्क रोड, भंडारी बाग, लक्ष्मण चैक, अजबपुर आदि में पानी की सप्लाई बाधित रही। मातावाला बाग में ओवरहेड टेंक में मरम्मत कार्य के चलते छह हजार की आबादी प्रभावित हुई। अजबपुर में ट्यूबवेल नहीं चलने के कारण करीब एक हजार लोगों को दिक्कत हुई। बंजरवाला निवासी बाला सिंह राणा ने बताया के इलाके में तीन महीने से पानी का संकट बना हुआ है। इस संबंध में जल संस्थान के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई कर्रवाई नहीं हुई। लोगों को मजबूरी में रुपए खर्च कर पानी के टेंकर मंगवाने पड़ रहे है। इस मामलंे में जल संस्थान के अधिशासी अभियंता डीपी पोखरियाल का कहना है कि अजबपुर में पानी नहीं आने का कारण पता नहीं चल रहा है। बंजरवाला और आशीर्वाद एन्क्लेव की समस्या का शीघ्र निस्तारण किया जाएगा। 

मसूलाधार बारिश से कई मार्गो पर भूस्खलन

देहरादून, 26 जुलाई (निस)। शनिवार रात प्रदेशभर में हुई तेज बारिश से चारधाम यात्रा मार्ग समेत कई मुख्य और संपर्क मार्ग भूस्खलन के कारण बंद हो गए। हालांकि, इससे चारधाम यात्रा पर ज्यादा असर नहीं देखा गया है। रविवार को धूप खिलते ही श्रद्धालु विभिन्न पड़ावों से धामों के दर्शन के लिए रवाना हुए। बीआरओ और नेशनल हाईवे की टीम सड़कों को खोलने में जुटी गई है। रास्ते बंद होने से जनजीवन काफी हद तक प्रभावित हुआ है। रात रुद्रप्रयाग जिले में हुई तेज बारिश से गोरीकुंड हाईवे अगस्त्यमुनी से पहले सिल्ली में क्षतिग्रस्त हो गया है। जिससे मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह से बंद है। केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को रुद्रप्रयाग में ही रोका गया है। अगस्यमुनि से आगे पहुंच चुके यात्री रविवार को केदारनाथ के लिए रवाना हुए, इसके साथ ही धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवा भी जारी है। उत्तरकाशी जनपद में मूसलाधार बारिश के कारण गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे भी बंद हो गया है। रात भारी बारिश से अभी बदरीनाथ हाईवे गौचर आईटीवीपी के पास भूस्खलन से बंद हो गया है। बीआरओ के जवान मलबा हटाने के काम में जुटे हैं। मैठाणा में हाईवे केवल छोटे वाहनों के लिए खुला गया है। हालांकि, इससे यात्रा पर ज्यादा कुछ प्रभाव नहीं पड़ा है। पौड़ी जनपद में भी बीती रात तेज बारिश हुई। मुख्य मार्ग की स्थिति तो ठीक है, लेकिन आठ संर्पक्र मार्ग मलबा हाने के कारण बंद हो गए हैं। उधर, टिहरी जनपद में भी मूसलाधार बारिश हुई है, लेकिन इससे मार्गों अवरुद्ध नहीं हुए हैं। रात बारिश के कारण विकासनगर, जौनसार, बावर के भी कई मार्ग बंद हो गए है। 

राज्यपाल से मिले पर्यावरणविद बहुगुणा

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देहरादून, 26 जुलाई (निस)। राज्यपाल डा0 कृष्ण कांत पाल से रविवार को राजभवन में पर्यावरणविद सुन्दर लाल बहुगुणा ने भेंट की। उन्होनें पर्यावरण संरक्षण के साथ ही हिमालय से जुड़े क्षेत्रों के पर्यावरण को संरक्षित रखने  तथा पर्वतीय क्षेत्रों से हो रहे पलायन को रोकने से सम्बंधित विषयों पर बात-चीत की। राज्यपाल डा0 पाल ने श्री बहुगुणा को काॅफी टेबल बुक ‘व्यू आॅफ इण्डिया‘ की प्रति भी भेंट की। इस अवसर पर सुन्दर लाल बहुगुणा की धर्मपत्नी कमला बहुगुणा भी उपस्थित थी।

दुर्घटना के मृतकों के प्रति दुख व्यक्त किया 

देहरादून, 26 जुलाई (निस)। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जनपद देहरादून के त्यूनी में विगत दिवस हुई वाहन दुर्घटना में मृत लोगों के प्रति गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति एवं दुःख की इस घडी में उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने तथा दुर्घटना में घायल लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की ईश्वर से कामना की है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने जिला प्रशासन को निर्देश दिये है कि दुर्घटना में मृत लोगो के परिजनों व घायलों को अनुमन्य राहत राशि शीघ्र उपलब्ध करायी जाए। 

आपदा प्रभावित क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों का टोटा

देहरादून, 26 जुलाई (निस)। मुख्यमन्त्री की विधान सभा आपदा की दृश्टि से अतिसंवेदनशील होने के बाद भी इस विधान सभा में प्रशासनिक अधिकारियों के पद तक रिक्त चल रहे है। जिस कारण आपदा प्रभावितों को राहत और मुआवजा देने में कठिनाई आ रही है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों की सुध लेने के लिए जब अधिकारी ही मौजूद नहीं है। ऐसी स्थिति में आपदा प्रभावितों के कश्ट बढ़ रहे है। भाजपा ने राज्यपाल को डीएम के माध्यम पत्र भेजकर हस्तक्षेप करने की मांग की। भाजपा के धारचूला विधान सभा प्रभारी जगत मर्तोलिया के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने आज जिलाधिकारी के माध्यम से गर्वनर को पत्र भेजा। उन्होंने बताया कि मुनस्यारी तहसील प्रशिक्षु उप जिलाधिकारी के भरोसे छोड़ा गया है। वित्तीय तथा न्यायिक अधिकार डीडीहाट के उप जिलाधिकारी को दिये गये है। वित्तीय अधिकार नहीं होने से आपदा प्रभावितों के अलावा फसल मुआवजा के लिए आने वाले किसानों को कई बार तहसील के चक्कर काटने पड़ रहे है। प्रशिक्षु ु उप जिलाधिकारी के पास वित्तीय अधिकार नहीं होने से आपदा प्रभावितों को तत्काल राहत भी महिनों तक नहीं मिल पा रहा है। मुख्यमन्त्री के पास अपनी विधान सभा के एक आपदा की दृश्टि से अति संवेदनशील तहसील के लिए पूर्व अधिकार प्राप्त उप जिलाधिकारी पूरे राज्य में नहीं मिल पा रहा है। बंगापानी तहसील तथा धारचूला तहसील के तहसीलदार का कार्यभार मात्र एक तहसीलदार के पास है। तहसीलदार कभी धारचूला तो कभी बंगापानी के बीच आने जाने में ही समय गवाने को मजबूर है। दोनों तहसीलों में तहसीलदार का स्थाई पद नहीं होने के कारण आपदा प्रभावितों की फाईल कई दिनों तक तहसील में धूल फांक रही है। बंगापानी तहसील का गठन हाल में ही किया गया। इस तहसील के अन्तर्गत लिये गये ग्राम पंचायतों की जनता स्वयं को ठगा महसूस कर रही है। भाजपा के आन्दोलन के दबाव में बंगापानी तहसील तो खोल दिया गया लेकिन मुख्यमन्त्री एक तहसीलदार की नियुक्ति तक स्थाई तौर पर नहीं कर पाये। धारचूला और मुनस्यारी में राजस्व उप निरीक्षक के 50 प्रतिषत से अधिक पद रिक्त चल रहे है। आपदा प्रभावित प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारियों के नहीं होने से ज्यादा परेशान है। मुख्यमन्त्री ने अभी तक दोनों तहसीलों में आपदा की स्थिति और प्रशासनिक महकमों की जबाब देही की कोई समीक्षा तक नहीं की। मुख्यमन्त्री रामनगर से अगला चुनाव लड़ने की तैयारी में लगे हुये है। इसलिए उन्हें धारचूला और मुनस्यारी की जनता की कोई फिक्र नहीं है। भाजपा एक सप्ताह के भीतर तहसीलदार और उप जिलाधिकारी के साथ ही राजस्व निरीक्षक, कानूनगो सहित सभी रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं होने पर मुख्यमन्त्री के खिलाफ हल्लाबोल अभियान चलायेगी।

पोस्टल आर्डर की वैधता छह महीने नहीं तीन साल 

देहरादून, 26 जुलाई (निस)। भारतीय पोस्टल आर्डर की वैधता जारी किये जाने वाले माह की अन्तिम तिथि से 24 माह है। 24 माह के बाद 36 माह तक द्वितीय कमीशन भुगतान डाक टिकट के रूप में पोस्टल आर्डर पर चिपका कर 12 माह तक वैधता बढ़ाई जा सकती है। राष्ट्रीय स्तरीय सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन एडवोकेट को चीफ पोस्टर मास्टर जनरल, उत्तराखंड परिमण्डल, देहरादून द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना से यह भ्रांति समाप्त हो गयी है कि पोस्टल आर्डर की वैधता छः माह है। नदीम को उपलब्ध करायी गयी सूचना के अनुसार भारतीय डाकघर (चैथा संशोधन) नियमावली 1995 से भारतीय डाक घर नियम 1933 के नियम  180-घ  तथा 180-ड़ में संशोधन करके उक्त वैैधता निर्धारित की गयी है।नदीम को उपलब्ध करायी गयी सूचना केे अनुसार पोस्टल आर्डर का मूल्य बढ़ाने के लियेे अधिकतम 3 रूपये मूल्य के 4 डाक टिकट चिपकाये जा सकते है बशर्ते पोस्टल आर्डर का मूल्य 100 रूपये से अधिक न हो जाये। चीफ पोस्टर मास्टर उत्तराखंड परिमण्डल, देहरादून द्वारा उत्तराखंड परिमण्डल के सभी मण्डलों के प्रमुखों को र्सक्रुलर टेक-पोस्टल आर्डर 23 फरवरी 2015 भेज कर 10 रूपये के पोस्टल आर्डर की डाक घरों में उपलब्धता सुनिश्चित कराने को निर्देश दिये गये है। नदीम ने बताया कि पोस्ट मास्टर जनरल कार्यालय की इस सूचना से सूचना अधिकार प्रार्थना पत्र देने वालों को काफी राहत मिली है। एक ओर तो छः माह से अधिक पहले खरीदे गये पोस्टल आर्डरोें को लोक सूचना अधिकारियों द्वारा काल बाधित कहकर वापस करने पर रोक लगेगी वही दूसरी ओर सूचना आवेदक एक बार खरीदे गये पोस्टल आर्डरों का प्रयोग तीन वर्षों तक कर सकेंगे। इसके लिये उन्हें बार-बार डाक घरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।

लाल बत्ती बांटने से अच्छा मानदेय में सरकार करें वृद्धि

देहरादून, 26 जुलाई (निस)। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश में चल रहे आगनबाड़ी कार्यकर्ती और साहियाकाओं के आन्दोलन का समर्थन किया। मुख्यमन्त्री को भेजे पत्र में पार्टी ने कहा कि लालबत्ती में करोड़ो रूपये लुटाने वाली सरकार इनके मानदेय में वृद्धि क्यों नहीं कर रही है। अगर सरकार आर्थिक दिवालिया की स्थिति पर पहुंच गयी है तो मुख्यमन्त्री को राज्य की अर्थ आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। भाजपा के जिला प्रवक्ता जगत मर्तोलिया ने प्रदेश भर में चल रहे आंगनबाड़ी कार्यकर्ती, साहियाकाओं के आन्दोलन को आवश्यक बताते हुये कहा कि जब से प्रदेष में कांग्रेस की सरकार आयी है तब से आंगनबाड़ी कार्यकर्तीयों और साहियाकाओं के मानदेय में एक रूपये की भी वृद्धि नहीं हुई है। इनकी शेष मांगों पर कई बार घोषणा और आष्वासन दिये जा चुके है। उसके बावजूद राज्य सरकार इस मातृषक्ति के साथ छलावा कर रही है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में आन्दोलित आंगनबाड़ी कार्यकर्तीयों के बहिष्कार के कारण बच्चों और महिलओं के पोशण आदि कार्य ठप पड़े है। इसके लिए मुख्यमन्त्री को दोशी ठहराते हुये कहा कि प्रदेश में लालबत्ती बांटने वाले मुख्यमन्त्री को इसकी कोई चिन्ता नहीं है। भाजपा इनके आन्दोलन के समर्थन में सरकार को झुकने के लिए मजबूर करेगी। 

आपदा घोटालें की जांच के लिए बनी पत्रकारों की कमेटी 
  • मुख्यमन्त्री के निमन्त्रण को श्रमजीवी यूनियन ने स्वीकारा

देहरादून, 26 जुलाई (निस)। मुख्यमन्त्री द्वारा मीडिया से स्थलीय जांच की अपील का असर आज पिथौरागढ़ में दिखा। उत्तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने वर्ष 2013 की आपदा में धारचूला और मुनस्यारी में हुये घोटालों की जांच के लिये एक कमेटी का गठन किया। यूनियन ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमन्त्री को पत्र भेजकर इस कमेटी को अपने वायदे के अनुरूप सरकारी संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की। यूनियन ने कहा कि अगर मुख्यमन्त्री ने अपनी घोषणा के अनरूप सहयोग नहीं लिया तो यूनियन न्यायालय का दरवाजा खटखटायेगी। यूनियन के वरिष्ठ प्रदेष उपाध्यक्ष जगत मर्तोलिया ने मुख्यमन्त्री द्वारा देहरादून में आपदा घोटालों की हकीकत जानने के लिए मीडिया से जांच की अपील के उत्तर में आज जांच कमेटी का औपचारिक गठन करने का ऐलान कियां। उन्होंने उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग और चमोली जिले में भी कमेटी गठन करने के लिए भी जिलाध्यक्षों को पत्र भेज दिया है। उन्होंने बताया कि वर्श 2013 की आपदा में राहत, पुर्नवास, पुर्ननिर्माण और राशन, रैस्क्यू आदि कार्यो में भारी अनियमित्ताऐं प्रकाश में आयी है। मुख्यसचिव द्वारा की गयी जांच को उन्होंने अफीनैक-अफीपैक की संज्ञा देते हुये कहा कि घोटाला करने वाले शासन के ही मुखिया ने जांच कर इस घोटाले पर पर्दा डाल दिया है। मुख्यमन्त्री द्वारा मीडिया को जांच कार्य में आगे आने का जो निमन्त्रण दिया है उसे उत्तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने स्वीकारतें हुये जनता के प्रति अपनी जवाबदेही पर कार्य करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए पिथौरागढ़ जिले में जिलाध्यक्ष गोविन्द भौर्याल के नेतृत्व में जांच कमेटी बनायी गयी है। जांच कमेटी ने तेज सिंह गुन्ज्याल, प्रदीप मेहरा, किशोर दरियाल, प्रमोद द्विवेदी, देवेन्द्र सिंह देवा, कृष्णा गब्र्याल, शालू दताल, जगदीश उप्रेती को सदस्य बनाया गया है। जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमन्त्री को आज पत्र भेजकर यह अपेक्षा की गयी है कि वह अपने कहे के अनुसार जांच कमेटी को तत्काल सरकारी सुविधाऐं उपलब्ध कराये। यूनियन ने प्रदेश स्तर पर भी जांच कमेटी बना दी है। इस कमेटी में प्रदेश अध्यक्ष सहित दस पदाधिकारियों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि अभी भी सैकड़ो आपदा प्रभावितों को पात्र होने के बाद भी राहत और पुर्नवास नहीं मिला है। इसके लिए राज्य सरकार अपनी जबाबदेही से पीछे हट रही है। उन्होंने कहा कि श्रमजीवी पत्रकार यूनियन जनता के प्रति और लोकतन्त्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इसीलिए वह निष्पक्ष जांच के लिए आगे आयी है। 

मल्ला जोहार और रालम में भुखमरी की स्थिति

देहरादून, 26 जुलाई (निस)।  मुख्यमन्त्री की विधान सभा के मुनस्यारी तहसील में मल्ला जोहार और रालम क्षेत्र में ग्रीष्म कालीन प्रवास (माईग्रेशन) के लिए जनता तो 14 गांव में पहंुच चुकी है। लेकिन अभी तक इन गांवों के लिए खाद्यान्न नहीं पहुंच पाया। पैदल रास्ते जर्जर स्थिति में है। इसके सुधार के लिए क्षेत्रीय विधायक और मुख्यमन्त्री को कोई चिन्ता नहीं है। भाजपा ने आज जिला मुख्यालय में जिलाधिकारी के सम्मुख इस मामले को उठाया। भाजपा ने कहा कि मुख्यमन्त्री अगर विधान सभा की पैरवी नहीं कर पा रहे है तो उन्हें विधायक के पद से त्याग पत्र दे देना चाहिए। भाजपा के जिला सम्र्पक्र प्रमुख जगत मर्तोलिया ने आज राज्यपाल के नाम का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। उन्होंने जिलाधिकारी को मुख्यमन्त्री की विधान सभा की स्थिति के बारे में बताया। मर्तोलिया ने कहा कि मुनस्यारी तहसील के मल्ला जोहार के 14 गांव में माईग्रेशन के लिए सैकड़ों परिवार 20 दिन पूर्व जा चुके है। अभी तक इन परिवारों के लिए राषन की व्यवस्था नहीं की गयी है। मल्ला जोहार के लिए सरकारी सस्ते-गल्ले की दुकानों में उपलब्ध होने वाला खाद्य सामग्री नहीं भेजी गयी है। जिस कारण 14 गांव में गये लोग खाद्यान्न के अभाव में लौटने लगे है। मई माह से शुरू होने वाले माईग्रेशन को एक माह का समय बीत गया है। अभी तक राशन की व्यवस्था न होना क्षेत्रीय विधायक हरीश रावत की कार्यप्रणाली पर सवाल खडे कर रहा है। मल्ला जोहार और रालम के पैदल मार्ग जानलेवा बने हुये है। इन पैदल रास्तों से अभी तक एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है और एक व्यक्ति लापता है। जबकि एक अन्य व्यक्ति गम्भीर रूप से घायल हो चुका है। पैदल मार्ग की स्थिति में सुधार के लिए क्षेत्रीय विधायक और मुख्यमन्त्री ने एक रूपया भी जारी नहीं किया है। तीन घटना घट जाने के बाद भी मुख्यमन्त्री ने पीडि़त परिवारों के लिए एक शब्द भी दुःख का व्यक्त नहीं किया। मर्तोलिया ने कहा कि धारचूला और मुनस्यारी विधान सभा लावारिस हो चुका है। मुख्यमन्त्री के पास इस इलाके की समस्याओं के समाधान के लिए वक्त नहीं है। पूरे क्षेत्र में सरकारी अधिकारी और कर्मचारी बेलगाम होकर कार्य कर रहे है। 

अधिकारियों को दिये जनसमस्या निवारण के निर्देश 

देहरादून, 26 जुलाई (निस)। वित्तमंत्री डा0 श्रीमती इन्दिरा हृदयेश द्वारा अपने आवास संकलन में जन समस्यायें सुनी तथा उनके निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं के निराकरण के प्रति संवदेनशील है। जगह-जगह शिविर लगाकर जनसमस्याओ ंका निराकरण किया जा रहा है। उनहोने अधिकारियो से कहा कि वे जनसमस्याओ का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करें। वित्तमंत्री द्वारा रविवार को एक सादे समारोह 42 पात्र लाभार्थियो को लगभग चार लाख की धनराशि के आर्थिक सहायता सम्बन्धी चैको का वितरण भी किया। उन्होने लाभार्थियो से कहा कि सरकार गरीबो की हमदर्द है तथा उन्हे यथा सम्भव आर्थिक सहायता देकर विकास की धारा से जोडा जा रहा है। उन्होने ओमप्रकाश को 75 हजार रूपये, जाहिद, मो0 यासीन को 50-50 हजार रूपये को, शंकर सक्सेना को 25 हजार, प्रताप सिह 20 हजार, विमला देवी को 20 हजार ईलाज हेतु तथा अन्य को आर्थिक सहायता प्रदान की गयी।

प्रदेश में नहीं हुई विद्युत कटौती 

देहरादून, 26 जुलाई (निस)। राज्य के जल विद्युत गृहों से प्राप्त विद्युत उत्पादन 19.29 एम0यू0 प्राप्त हुआ। राज्य की अप्रतिबन्धित विद्युत मांग 38.93 एम0यू0 के सापेक्ष राज्य के विद्युत गृहों एवं केन्द्रीय सेक्टर तथा अन्य स्रोतों को सम्मिलित करते हुये कुल उपलब्धता 38.16 एम0यू0 रही। केन्द्रीय पूल से 17.99 एम0यू0 आज विद्युत प्राप्त हुई। उपाकालि द्वारा राज्य में आज सांय 4.30 बजे तक उपाकालि द्वारा राज्य के किसी भी हिस्से में काई विद्युत कटौती नहीं की गयी। 

कारगिल युद्ध में प्रदेश मे 75 जवान हुए थे शहीदः डा0 श्रीमती इन्दिरा हृदयेश

हल्द्वानी, 26 जुलाई (निस)। 16वां कारगिल विजय दिवस पूरे अकीदत के साथ जिले भर में मनाया गया। मुख्य समारोह जिला सैनिक कल्याण परिसर मे आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वित्तमंत्री डा0 श्रीमती इन्दिरा हृदयेश, मेयर डा0 जोगेन्द्र पाल सिह रौतेला, विधायक वंशीधर भगत, जिलाधिकारी दीपक रावत, एसएसपी सैथिल अबुदई ने कारगिल युद्ध में शहीद जिले के वीरों के चित्रों पर पुष्पर्चक्र एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हे श्रद्धांजलि दी। इस अवसर स्कूली छात्र छात्राआंे द्वारा देश भक्ति पर आधारित गीत एवं नाटक भी प्रस्तुत किये। कार्यक्रम मंे शहीदो के परिजन श्रीमती जयन्ती देवी, जानकी देवी, अनिता कुमारी को शाल ओढाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम मे शहीदो को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुये वित्तमंत्री डा0 हृदयेश ने कहा  कि भारतीय इतिहास का यह वो महत्पूर्ण दिन है जिस दिन हमारे देश के महान वीर सपूतांे ने हंस्ते हंस्ते मातृभूमि की रक्षा करते हुये अपने प्राणो का बलिदान देकर 26 जुलाई 1999 को कश्मीर के कारगिल जिले मे पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेडा था। भारतीय सेना ने आपरेशन विजय संचालित कर आज से 16 वर्ष पूर्व ये महान उपलब्धि हासिल की थी। कारगिल युद्ध में हमारे लगभग 500 वीर योद्धा शहीद हुये थे। डा0 हृदयेश ने कहा कि इस पूरे युद्व मे उत्तराखण्ड के 75 जवान शहीद हुये थे। जिसमें से जनपद नैनीताल के पांच वीर जवानो ने कारगिल युद्व मे अपने प्राणों की आहुति देकर देश का मान बढाया। उन्होने कहा कि उत्तराखण्ड वीरांे की धरती है। लगभग प्रत्येक परिवार से एक व्यक्ति सेना में है। कुमायू एवं गढवाल रेजीमैन्ट के वीर सेनानी हमारे गर्व के प्रतीक है। भारतीय सेना के बलिदान एवं उनकी सेवाओं को कभी भुलाया नही जा सकता। आज, ‘कारगिल विजय दिवस-शौर्य दिवस’, कारगिल युद्ध के सभी नायकों, वीर शहीदों तथा देश की सीमा की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने वाले भारतीय सेना के सभी अंगों के पराक्रमी जवानों के प्रति श्रद्धा, आभार, गर्व और सम्मान की अभिव्यक्ति के साथ उन्हें स्मरण करने का एक विशेष अवसर है। हमारे देश की अखण्डता और सम्प्रभुता को अक्षुण्ण रखने में भारतीय सैनिकों के शौर्य, पराक्रम और साहस की अहम भूमिका है। वे देश का अभिमान हैं। उन्होने जिलाधिकारी से कहा वे भूतपूर्व सैनिको तथा शहीद हुये सैनिको के परिवारो ंकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करें। शहीद सैनिको के बच्चो की शिक्षा-दीक्षा पर ध्यान दिया जाए तथा पंेशन सम्बन्धी समस्याओं को का निराकरण सैनिक कल्याण अधिकारी स्वयं करवायें। उन्होने कहा कि सरकार द्वारा सैनिको के लिए अनेक योजनाये प्रारम्भ की गयी है। अपने सम्बोधन में मेयर डा0 रौतेला ने कहा कि उत्तराखण्ड वीरो की भूमि है यहां के सैनिको ने समय-समय पर अपने प्राणों की आहुति देकर देश का मान बढाया है। उन्होने कारगिल युद्ध में शहीद जनपद नैनीताल के मेजर राजेश अधिकारी, नायक मोहन सिह, लांसनायक चन्दन सिह, लांसनायक रामप्रसाद, सिपाही मोहन चन्द्र जोशी की शहादत को याद करते हुये कहा कि हमें उनकी शहादत पर गर्व है। उन्होने कहा कि आज की युवा पीढी को ज्ञान और संस्कार लेना चाहिए क्योकि राष्ट्र भक्ति से बढकर कोई धर्म नही है। अपने सम्बोधन में जिलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार जनपद मे सैनिको के कल्याण हेतु चलायी जा रही योजनाओ का लाभ पूर्व सैनिकों एव उनके परिवारजनो को दिया जा रहा है। उन्होने  बताया कि सेैनिक स्कूल, आरआईएमसी, मिलटरी स्कूल हेतु कोचिग फीस धनराशि 15000 रूपये की गयी है।एनडीए मे प्रवेश पाने वाले आश्रितो का जेब खर्च बढाकर 2000 प्रतिमाह कर दिया गया है। सैनिक विधवाओं के पुर्नविवाह हेतु अनुदान धनराशि एक लाख कर दी गयी हैै। सैनिको की पुत्रियोे के विवाह हेतु भी एक लाख की धनराशि दी जा रही है। इसके साथ ही विभिन्न युद्धों व सीमान्त झडपों तथा आन्तरिक सुरक्षा में शहीद हुये सैनिक व अर्द्धसैनिक बलों की विधवाओं/आश्रितो को 10 लाख का अनुदान भी दिया जा रहा है। सरकार की यह योजनाये जनपद मंे संचालित हैै।कार्यक्रम में सेवा0नि0 कर्नल एलके रावल, कर्नल दर्शनसिह कार्की, कर्नल बसेडा, मेजर बीएस रौतेला, सिटी मजिस्टेट हरवीर सिह, उपजिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किये। कार्यक्रम मंे बडी संख्या मे भूतपूर्व सैनिक उनके परिजन एवं गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

शौर्य दिवस के रूप में बड़े हर्षोउल्लास के साथ मनाया

पौड़ी गढ़वाल, 26 जुलाई (निस)। जनपद मुख्यालय समेत छावनी परिषद् लैंसडौन में आयोजित कारगिल विजय दिवस कार्यक्रम को शौर्य दिवस के रूप में बड़े हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया। जनपद मुख्यालय के शिक्षण संस्थाओं के छात्र-छात्राओं ,एनसीसी कैडैट्स द्वारा एजेन्सी चैक से स्थानीय कलेक्ट्रट परिसर तक मार्चपास्ट एवं रैली निकाली गई। रैली के दौरान बच्चों द्वारा कारगिल युद्व में खेत रहे शहीद सैनिक अमर रहे के नारों से वातावरण को गुन्जायमान बनाये रखा। मुख्य कार्यक्रम जिला कार्यालय में कारगिल शहीदों को  प्रभारी जिलाधिकारी श्रीमती सोनिका समेत अन्य गणमान्य नागरिकों, कारगिल युद्व में शहीद नायक धर्म सिंह की पत्नी श्रीमती अनुसुया देवी एवं सिपाही कुलदीप सिंह की माता श्रीमती कमला देवी द्वारा श्रद्वासुमन अर्पित किये तथा पुलिस टुकड़ी द्वारा शहीदों को भावभीनी श्रद्वान्जलि के साथ ही गार्ड आॅफ आर्नर एवं शोक बिगुल वादन के साथ ही दो मिनट का मौन रखा गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रभारी जिलाधिकारी सोनिका ने कारगिल विजय के इस दिवस को शौर्य दिवस के रूप में मनाये जाने हेतु जिला सैनिक कल्याण अधिकारी द्वारा किये गये प्रयासों की सराहना की। उन्होंने उपस्थित नागरिकों से देश के लिये अपना सर्वस्व बलिदान करने वाले उत्तराखण्ड के वीर सैनिकों को श्रद्वान्जलि देते हुए एनसीसी कैडेट्स से उनके पदचिन्हों पर चलने की बात कही। उन्होंने बताया कि जनपद के 17 सैनिक कारगिल युद्व के दौरान शहीद हुये थे। कार्यक्रम में उपस्थित शहीदों के परिजनों को प्रभारी जिलाधिकारी द्वारा अंगवस्त्र भेंट कर उनका सम्मान किया गया। कार्यक्रम में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी मेजर (से.नि.) करन सिंह ने कारगिल युद्व में भारतीय जाबांजों के अदम्य साहस की सराहना करते हुये उन्हें दो मिनट का मौन रखकर श्रद्वान्जलि अर्पित की। इस अवसर पर एन सी सी के कमाण्डेंट कर्नल आशीश दत्त, उप जिलाधिकारी पी0एल0 शाह, वरिष्ट पत्रकार जी पी सेमवाल ने भी  अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में पुलिस उपाधिक्षक धन सिंह तोमर, अग्निशमन अधिकारी संदीप राना एवं विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सेवानिर्वित सूबेदार  भारत भूषण बलूनी ने किया। इसके अतिरिक्त जिला सैनिक कल्याण एवं पुर्नवास द्वारा स्थानीय कार्यालय के अलावा जनपद के उफल्डा ग्राम में भी कारगिल शहीदों की स्मृति में वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाया गया। 

अर्द्ध कुंभ के लिए रूके काम होंगे पूरेः आर्य

हरिद्वार, 26 जुलाई (निस)। सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि अर्द्ध कुंभ के लिए रुके कार्यों जल्द पूरे किए जाएंगे। इसके लिए सरकार अपने कोष से बजट जारी करेगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार अर्द्ध कुंभ जैसे महापर्व की अनदेखी करने पर तूली है। रविवार को सिंचाई मंत्री आर्य अर्द्ध कुंभ मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लेने हरिद्वार पहुंचे। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर अर्द्ध कुंभ मेले की अनदेखी का आरोप लगाया। आर्य ने कहा कि केन्द्र लगातार उत्तराखण्ड की उपेक्षा कर रहा है। जिससे प्रदेश के विकास को गहरी चोट पहंुच रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द सिंचाई विभाग को अधूरे कार्यों के लिए बजट जारी करेगी। 

महिला पर किया गुलदार ने हमला

पौड़ी, 26 जुलाई (निस)। सतपुली इलाके के नौगांव में चारापत्ती के लिए जंगल गई एक महिला पर गुलदार ने हमला कर दिया। हमले में घायल महिला को पौड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मिली जानकारी के अनुसार रविवार को नौगांव निवासी पुष्पा देवी मवेशियों के लिए घास लेने जंगल गई थी। बताया जा रहा है कि इसबीच पीछे से घात लगाकर बैठे गुलदार ने उसपर हमला कर दिया। चीखपुकार सुनकर आसपास के लोगों ने शोर मचाया तो गुलदार महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। मौके पर पहुंचे परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से महिला को पौड़ी के सरकार अस्पताल में भर्ती कराया है। 

सत्तर परिवार भूस्खलन की जद में

टिहरी, 26 जुलाई (निस)। प्रशासन की लापरवाही के चलते घनसाली के तिगाड़ गांव के 70 परिवार भूस्खलन की जद में आ गए हैं। खौफदजा ग्रामीणों ने जान बचाने के लिए एक मंदिर में शरण ली है। प्रशासन की टीम राहत बचाने के लिए मौके रवाना तो हो गई है, मगर अभी तक इनके पुनर्वास के लिए कोई कार्ययोजना तैयार नहीं है।
शनिवार रात तेज बारिश के कारण तिगाड़ गांव में एक बार फिर भूस्खलन की स्थिति पैदा हो गई। ग्रामीणों को रातों रात गांव के समीप सुरक्षित स्थान पर बने मंदिर में शरण लेनी पड़ी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पुनर्वास की मांग की है। उधर, एसडीएम जगदीश लाल ने कहा कि प्रशासन की टीम मौका मुआयना करने के लिए भेजी गई है।

देवप्रयाग के भटकोट के आदमखोर तेंदुए को मार गिराया, कुत्ते का पीछा करते घर में घुसा तंेदुआ

टिहरी, 26 जुलाई (निस)। बीती रात देवप्रयाग में भटकोट गांव में आदमखोर तेंदुए को मार गिराया गया। जिससे स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। गौरतलब हो कि पिछले दिनों देवप्रयाग में तेंदुए ने बुजुर्ग महिला को मार दिया था। इससे ग्रामीणों में डर व्याप्त था। शाम ढलते ही लोग अपने घरों में कैद हो जा रहे थे। बच्चों को स्कूल भेजने में लोग डर रहे थे। बीती रात डा प्रशांत सिंह ने आदमखोर तेंदुए को मार गिराया। इससे ग्रामीणों न राहत की सांस ली। वहीं घनसाली में बीती रात एक तेंदुआ मकान की तीसरी मंजिल मे घुस गया। युवक ने उसे कमरे में बंद कर दिया। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है। मिली जानकारी के अनुसार, घनसाली के मेन बाजार में चंदू का मकान है। यहीं मकान के प्रथम तल में उसकी मीट की दुकान है। बीती रात तेंदुआ कुत्ते के पीछा करते हुए मकान की तीसरी मंजिल में घुस गया। रात में चंदू का पुत्र अंकित कमरे में सोने के लिए आया। जैसे ही वह कमरे में घुसा और कुंडी बंद की तो उसने तेंदुए को देखा। इस पर वह सकपका गया और कमरे से लगे दूसरे कमरे में तेजी से आ गया। उसने तेंदुए को कमरे में बंद कर दिया। शोर मचाने पर आस-पास के लोग मौके पर एकत्र हुए। लोगों ने घर की दीवार तोड़कर युवक को बाहर निकाला। साथ ही इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना पर वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इस संबंध में रेंजर केएस भंडारी ने बताया कि देहरादून से ट्रैंक्विलाइजर गन मंगाई गई है। इसके बाद ही तेंदुए को बेहोश कर पकड़ा जाएगा। 

कारगिल युद्ध के रणबांकुरों को सलाम

लैंसडौन, 26 जुलाई (निस)। कारगिल युद्ध में गढ़वाल राइफल्स के सैनिक अदम्य साहस व विलक्षण बहादुरी का परिचय देते निर्णायक साबित हुए, सैनिकों ने पूर्वजों की परंपरा को कायम रखते दुश्मनों को घुटने टेकने के लिए भी विवश कर दिया। आपरेशन विजय के दौरान बहादुरी से लड़ते दो अधिकारियों समेत 53 सैनिकों ने जीवन की सर्वाेच्च कुर्बानियां दी। युद्ध में रेजीमेंट को बैटल ऑनर, वीर चक्र समेत विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। वर्ष1999 के आपरेशन विजय में गढ़वाल राइफल्स की छह बटालियन कारगिल के बटालिक व द्रास सैक्टर में तैनात थी। इस आपरेशन में दस, सत्रह और अठारह बटालियन ने 29 जून से 13 जुलाई 1999 के मध्य वीरता का परिचय देकर दुश्मनों के नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया। युद्ध में तीनों बटालियनों के अलावा गढ़वाल स्काउट के विशेष सैनिकों की एक प्लाटून ने भी हिस्सा लिया। रेजीमेंट के सैनिकों ने दुश्मनों को मुंह तोड़ जबाव देते कब्जों में ली गई, एक-एक इंच जमीन वापस ली। युद्ध के दौरान दसवीं बटालियन नियंत्रण रेखा में तैनात थी, दसवीं बटालियन के जिम्मेवारी के इलाकों को छोड़ कर बटालिक से लेकर मुश्कोह घाटी तक पाकिस्तानी सिपाही हर जगह भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने में कामयाब हो गए थे, जबकि सत्रवीं बटालियन को सब सेक्टर के जुबार, थारू, और कुकरथांग के कालापत्थर और बम्ब एक-दो और तीन पर कब्जा करने की जिम्मेदारियां गई थी। बटालियन ने 13 जुलाई 1999 को सैन्य रणनीति को दृष्टि से अति महत्वपूर्ण इन ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और विषम मौसम के बीच कब्जा करने में सफलता हासिल की। अठारवीं बटालियन को द्रास सब सेक्टर की नियंत्रण रेखा को फिर से बहाल करने की जिम्मेदारी मिली। अठारहवीं बटालियन ने साहसिक कार्रवाई करते प्वांइट 5140 और प्वांइट 4700 को अपने कब्जे में ले लिया। जबकि गढ़वाल स्काउट के विशेष सैनिकों की एक प्लाटून जो उच्च पहाड़ी और उच्च तुंग रणकौशल में विशेष दक्षता रखती थी, को काकसर उप क्षेत्र में तैनात किया गया। पाकिस्तानी घुसपैठियों को मार भगाने के लिए इस प्लाटून ने मिशन को सफलतापूर्वक संपन्न किया।

संर्पक्र मार्ग हो रहे लगातार बंद

पौड़ी, 26 जुलाई (निस)। जनपद में बारिश का असर ग्रामीण क्षेत्रों के संर्पक्र मार्गाे पर भी दिखने लगा है। लगातार बारिश से भूस्खलन या भूधंसाव के चलते ग्रामीण क्षेत्रों के संर्पक्र मार्ग एक के बाद एक करके बंद हो रहे हैं। अभी भी जनपद में सात संर्पक्र मार्ग ऐसे हैं जो बारिश के चलते बंद पडे़ हैं। इन्हें खोला भी जा रहा है, लेकिन अगले ही रोज बारिश होने से भूस्खलन से फिर मार्ग बंद हो रहे हैं। पिछले एक माह से रुक-रुक हो रही बारिश ग्रामीण क्षेत्रों की लाइफ लाइन कहे जाने वाले संर्पक्र मार्गाे पर कहर बनकर टूट रही है। कई क्षेत्रों में मार्गाे पर भूस्खलन से हर समय खतरा बना हुआ है। ऐसे मार्ग थोड़ी सी बारिश में ही दरकने लगते हैं। इतना ही नहीं कई स्थानों में गदेरों के ऊफान पर आने के बाद से मार्गाे का पता ही नहीं लग पा रहा है। किसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों के लोग इन मार्गाे से अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। गत वर्ष आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हुए संर्पक्र मार्गाे की स्थिति सबसे ज्यादा खराब बनी हुई है। इसके इतर देखें तो पौड़ी-देवप्रयाग, पौड़ी-रामनगर एनएच, पीठसैंण-देघाट आदि मोटर मार्ग ऐसे हैं जहां बारिश से कई नए भूस्खलन जोन सक्रिय हो गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के मार्गाे के बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी छात्र छात्राओं के साथ ही बुजुर्गाे को उठानी पड़ रही है। बारिश का यह कहर आगे भी जा रहा तो ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों में दैनिक आवश्यकता के सामान की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

भारत-तिब्बत से लगे क्षेत्रों की जनता सड़क के लिए तरसी

गोपेश्वर, 26 जुलाई (निस)। सरकार और जनप्रतिनिधि ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक रेल लाइन बिछाने का राग अलाप रहे हैं,लेकिन भारत- तिब्बत से लगे सीमांत विकासखंड जोशीमठ में जनता आज भी सड़क के लिए तरस रही है। लोग मीलों पैदल चलकर जीवन की दिनचर्या को आगे बढ़ा रहे हैं। सीमांत विकासखंड जोशीमठ के मोल्टा क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांव की दो हजार से अधिक जनसंख्या सड़क सुविधा से महरूम है। आजादी के बाद से ही ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। नेताओं ने भी ग्रामीणों को सड़क निर्माण के नाम पर ही छला, लेकिन जनता का बीस साल से भला नहीं हुआ है। 1995 में सलूड़ डुंग्रा-मोल्टा के लिए सड़क स्वीकृत हुई थी। 2005 तक सड़क निर्माण सलूड़ डुंग्रा तक ही हो पाया है। पीएमजेएसवाइ मद से सलूड़ डुंग्रा तक सड़क स्वीकृति भी 2007 में की गई। सड़क निर्माण के लिए बाकायदा एलाइमेंट भी किया गया। बाद में फिर जनसंख्या मानकों का हवाला देकर 500 से कम जनसंख्या होने की बात कहते हुए कार्य शुरू नहीं हो पाया। अब स्थिति यह है कि पीएमजेएसवाइ मानकों में यह सड़क स्वीकृत होने के बाद वन अधिनियम के फेर में फंसी हुई है। यहां देवदार का जंगल होने के कारण फिलहाल वन अधिनियम को लेकर स्वीकृति नहीं मिल पाई है। स्थिति यह है कि सलूड़ डुंग्रा से 15 किमी की दूरी तय कर यहां के ग्रामीण गांवों तक पीठ में ढोकर सामान ले जाते हैं।

लापता छात्राएं अल्मोड़ा से बरामद

नैनीताल, 26 जुलाई (निस)। बीती शाम क्षेत्र से दो छात्राएं रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई। पुलिस ने दो छात्राओं को अल्मोड़ा में बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार, कल शाम करीब सात बजे तल्लीताल फांसी बरसाती नाले के पास तैनात पुलिसकर्मी चंद्रशेखर खाती को पास ही दो स्कूल बैग पड़े मिले। उसने इसकी सूचना एसओ प्रमोद पाठक को दी। स्कूल बैक की जांच में पता चला कि एक बैग नेहा आर्या पुत्री नरेंद्र कुमार निवासी मार्शल काटेज और दूसरा बैग प्रिया आर्या पुत्री ताराचंद्र निवासी राजमहल कंपाउंड मल्लीताल के हैं। दोनों छात्राएं सहेली हैं और शहर के मोहन लाल साह बालिका विद्या मंदिर में कक्षा नौवीं में पढ़ती हैं। बीते से दोनों लापता हैं। सीओ हरीश सती ने बताया की दोनों छात्राओं के परिजन थाने पहुंच गए हैं। पुलिस दोनों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरे खंगाले।  जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वे दोनों अल्मोड़ा में है। उसके बाद रविवार की सुबह पुलिस ने दोनों छात्राओं को अल्मोड़ा से बरामद कर लिया। इससे परिजनों ने राहत की सांस ली।

बारिश से टमाटर की फसल बर्बाद

पुरोला, 26 जुलाई (निस)। रवांई घाटी में पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश काश्तकारों के लिए आफत साबित हुई है। बारिश के कारण किसानों की टमाटर की फसल बर्बाद हो गई है। काश्तकारों सामने बीज, दवा व खाद के पैसे जुटाने के लाले पड़ गए हैं। बारिश के कारण टमाटर पर सड़न रोग लग गया है। पुरोला, मोरी क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण खेतों में ही टमाटर की फसल सड़ गई है। सालभर की मेहनत को बर्बाद होता देख किसान मायूस हो गए हैं। काश्तकारों को मजबूरी में सड़न बीमारी की चपेट में आए टमाटरों को नदी-नालों में फेंकना पड़ रहा है। अब तक पुरोला, खलाड़ी, नेत्री, चंदेली, आराकोट,मेहराना, ढकाड़ा, कुफारा, पुजेली, छिबाला, देवदुंग करड़ा सहित नौगांव के बनाल पट्टी व मोरी के 82 गांव में 20 लाख रुपये से अधिक की टमाटर फसल बर्बाद हो गई है। फल एवं सब्जी उत्पादक श्यालिकराम नौटियाल, गोविंद राम, राजेंद्र राणा, बिजेंद्र ङ्क्षसह, प्रेम ङ्क्षसह नेगी बताते है कि बीते वर्ष जहां क्षेत्र के काश्तकारों ने मदर डेरी के माध्यम से आजाद मंडी दिल्ली सहित सहारनपुर, देहरादून, विकासनगर की मंडियों को लगभग 62 लाख का टमाटर बेचा था। इस वर्ष अभी तक केवल 8-10 लाख का ही टमाटर मंडियों में पहुंच पाया। बारिश के कारण 60 से 70 फीसद टमाटर की फसल सड़न रोग से खराब हो गई है। किसानों के सामने आढ़तियों के बीज, खाद व दवा की कीमत चुकाने के भी लाले पड़ने लगे हैं। वहीं कृषि विभाग के विशेषज्ञ आरसी कश्यप ने कहा कि किसान शिकायतें लेकर उनके पास आए हैं। खेतों नालियां न बनाने, अनुपात से अधिक बारिश होने व खेतों में पानी भरने से टमाटर की फसल पर सड़न रोग लगा है। इसकी रोकथाम के लिए पानी निकासी के लिए नालियां बनाना व दवा का छिड़काव किया जाना चाहिए।

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