नयी दिल्ली, 14 नवंबर, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज कहा कि असहिष्णुता के माहौल के कारण समाज के प्रतिष्ठित लोग सम्मान और पुरस्कार लौटा रहे हैं और ऐसे में अकादमियों, कला तथा विज्ञान संस्थाओं को बचाने की जरूरत है। श्रीमती गांधी ने पंडित जवाहरलाल नेहरू की 125वीं जयंती के समापन समारोह पर पार्टी द्वारा यहां आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि नेहरू जी ने मानवीय मूल्यों और वैज्ञानिक सोच को बढ़ाने तथा परंपराओं को बरकरार रखने के लिए कला संस्थाएं, अकादमियां, इतिहास तथा विज्ञान परिषदों का गठन किया था।
उन्होंने कहा कि नेहरू जी इन संस्थाओं का राजनीतिकरण नहीं होने देना चाहते थे। उन्होंने कहा कि शायद बहुत लोगों को पता नहीं है कि साहित्य अकादमी के पहले अध्यक्ष खुद प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू थे और तब उन्होंने अपने पहले भाषण में कहा था कि साहित्य अकादमी का अध्यक्ष होने के नाते उनका पहला काम अकादमी को प्रधानमंत्री से बचाना होगा।
उन्होंने कहा कि आज इन संस्थाओं के साथ बड़ा मज़ाक हो रहा है। कई प्रतिष्ठित लोग जिन्हें सरकार ने सम्मानित किया था, अपने पुरस्कार वापस कर रहे हैं। अकादमियों, कला और विज्ञान संस्थाओं को बचाने की आज जरूरत है। उन्होंने कहा कि जो सरकार आम नागरिक को हिंसा और मंहगाई से सुरक्षा नहीं दे सकती, वह इन महत्वपूर्ण संस्थाओं की सुरक्षा के बारे में क्या सोचेगी।

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