राष्ट्र निर्माण को लेकर नेहरू पर नहीं उठाये जा सकते सवाल : राजनाथ - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शनिवार, 14 नवंबर 2015

राष्ट्र निर्माण को लेकर नेहरू पर नहीं उठाये जा सकते सवाल : राजनाथ

could-not-question-over-nehru-to-build-india-rajnath-singh
नयी दिल्ली 14 नवम्बर, केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के साथ भले ही हमारे वैचारिक मतभेद रहे हाें लेकिन जन कल्याण और राष्ट्र निर्माण के बारे में उनकी प्रतिबद्धता पर कोई भी सवाल नहीं उठा सकता। श्री सिंह ने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू की 126 वीं जयंती पर यहां आयोजित कार्यक्रम में कहा ,“ कई मुद्दों पर पंडित नेहरू के साथ हमारे मतभेद रहे । उनकी नीतियों को लेकर भी मतभेद हैं लेकिन हम जन कल्याण और राष्ट्र निर्माण के लिए काम करने की उनकी मंशा पर संदेह नहीं कर सकते। ’’

उन्होंने कहा कि वह पंडित नेहरू को ‘राजनीति के चश्मे’ से नहीं देखते क्योंकि उन्हें हमेशा ‘राष्ट्रीय चश्मे ’ से देखा जाना चाहिए। उन्होंने गुलामी से आजाद हुए देश को आगे बढ़ाने का भारी बीड़ा उठाया । नेहरू जी ऐसे दूरद्रष्टा थे जिन्हें पता था कि लोकातांत्रिक सिद्धांतों पर चलने वाली सरकार समय की मांग है। उन्होंने कहा कि नेहरू जी जैसे नेताओं के योगदान से ही भारत में सभी को मताधिकार हासिल है, देश में संप्रभु संसद , स्वतंत्र न्यायपालिका और स्वतंत्र प्रेस है। 

श्री सिंह ने देश में ढांचागत संरचना, उद्योग और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पंडित नेहरू की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में ही देश में भिलाई, राउरकेला और बोकारो इस्पात संयंत्र स्थापित किये गये । भारतीय विज्ञान संस्थान , प्रौद्योगिकी संस्थान और प्रबंधन संस्थान तथा कई परमाणु संयंत्र भी उनके नेतृत्व में ही बने। उन्होंने उद्योग के साथ ही कृषि को भी देश के विकास में उतना ही महत्व दिया। 

श्री सिंह ने कहा कि पंडित नेहरू अपने समय के बड़े नेता थे और उनके साहसिक नेतृत्व में ही गुट निरपेक्ष आंदोलन की नींव रखी गयी । अर्थव्यवस्था , विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बारे में उनकी नीतियां सराहनीय थी। पंडित नेहरू ने ही निजी - सरकारी भागीदारी परियोजनाओं की शुरूआत की, जो अभी ज्यादा प्रासंगिक है। उन्होंने बच्चों के लिए शिक्षा को बढ़ावा दिया क्योंकि उन्हें आभास था कि शिक्षा के बिना भारत विकास नहीं कर सकता। 

कोई टिप्पणी नहीं: