भ्रष्टाचार निवारण कानून में संशोधन की जरूरत : जेटली - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 23 दिसंबर 2015

भ्रष्टाचार निवारण कानून में संशोधन की जरूरत : जेटली

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नयी दिल्ली 23 दिसम्बर, वित्त मंत्री अरूण जेटली ने उदार अर्थव्यस्था की जरूरताें के अनुरूप भ्रष्टाचार निवारण कानून की समीक्षा और तुरंत संशोधन की आवश्यकता बतायी है। श्री जेटली ने अाज यहां खुफिया ब्यूरो के एक व्याख्यान में कहा कि यह कानून 1988 में बनाया गया था और उस समय अर्थव्यवस्था का उदारीकरण नहीं हुआ था। यह कानून भ्रष्ट निर्णयों और गलती से लिये गये फैसलों में अंतर करने में सक्षम नहीं है। इसके चलते नौकरशाही अर्थव्यवस्था के हित में कडे और सही निर्णय लेने से हिचकती है। रक्षा खरीद, वाणिज्यिक निर्णय , विनिवेश तथा निजीकरण ऐसे निर्णयों के उदाहरण हैं। 

उन्होंने कहा कि इसे देखते हुए उदार अर्थव्यवस्था के इस दौर में इस कानून की समीक्षा और इसमें संशोधन करने की जरूरत है। श्री जेटली ने कहा कि देश आज जिन चुनौतियों का सामना कर रहा है उनसे निपटने के बारे में गंभीर आत्मचिंतन की जरूरत है । सफेदपोश लोगों के अपराध , साइबर अपराधियों के नये नये तरीके और जटिल आर्थिक अपराधों में वृद्धि जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए कडे और उचित कदम उठाने की जरूरत है1 इसे देखते हुए संसद , सरकार और न्यायपालिका को लोगों की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए मिलकर काम करना होगा। देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती बनाये रखने तथा सार्वजनिक जीवन में वित्तीय मामलों में उच्च नैतिकता सुनिश्चत करने की भी जरूरत है। 

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