जी हां, इसी मूल मंत्र के साथ इस बार धर्म एवं आस्था की नगरी काशी के गिरजाघरों में पाठ पढ़ाएं जायेंगे। यानी इस बार विश्व शान्ति की कामना संग होगी क्रिसमस की शुरुआत
वाराणसी। पोप फ्रांसिस ने इस वर्ष को करुणा जयन्ती वर्ष घोषित किया गया है। इसका मकसद है कि इस वर्ष में विशेष रूप से करुणा के कार्य हों। गुरुवार को घड़ी जैसे ही रात के 12 बजाएगी महागिरजा का घण्टा बज उठेगा। यह संकेत होगा कि प्रभू यीशु का जन्म हो गया है। और इसके साथ ही क्रिसमस काशी क्रिसमस की खुशियों में डूब जाएगी। विधि-विधान से पूजा व मिस्सा जागरण के बाद क्रिसमस की खुशियों की शुरुआत इस बार विश्व के लिये संकट बने चरमपंथी गुट आईएसआईएस के संकट समेत चल रही लड़ाईयों और आतंकी घटनाओं के खात्मे और विश्व शान्ति के साथ होगी। बिशप यूजीन जोसेफ के नेतृत्व में विशेष आराधना से होगी। इसके लिए पूरे जिले से मसीही समुदाय के लोग महागिरजा पहुंचेंगे और हाथ में मोमबत्ती लेकर प्रभु के जन्म की खुशियां मनाएंगे। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी। यूपी पुलिस के साथ ही आईबी समेत सेंट्रल एजेंसीज निगहबानी करेंगी।
वाराणसी कैथोलिक धर्मप्रांत के धर्माचार्य विशप यूजीन ने बुधवार को पत्रकारों को बताया कि गुरुवार की रात क्रिसमस की पूर्व सन्ध्या पर विशेष आराधना महागिरजा में रात 11.45 बजे से शुरू हो जाएगी। सबसे पहले जागरण की मिस्सा (विशेष पूजा) होगी और उसके बाद बाद मसीही गीत गाए जाएंगे। मसीही बन्धु बालक यीशु का दर्शन करेंगे। इसके बाद शोभायात्रा निकालकर बालक यीशु को चरनी में स्थापित कर अभिषेक होगा। लोग केक बांटकर क्रिसमस की खुशियां व एकता व्यक्त करेंगे। शुक्रवार को क्रिसमस के दिन सुबह आठ व नौ बजे दो प्रार्थनाएं होंगी। इस मौके पर 25, 26 व 27 दिसंबर तक चलने वाले तीन दिवसीय मेले का उद्घाटन बिशप दोपहर एक बजे करेंगे। मेले में सौ से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिसमें चाट, पकौड़े, गोलगप्पे, आइसक्रीम, फास्ट फूड, कॉफी आदि खाने-पीने के स्टॉल लगेंगे। पारंपरिक चरनी, लाइट एण्ड साउण्ड बाइबिल प्रदर्शनी, कठपुतली का नाच व कैरल सिंगिंग क्रिसमस मेले का खास आकर्षण होंगे। इसके अलावा मेले में दो बड़ी चर्खियां, एडवेंचरस झूले, और डांसिंग झूला आदि कई विशेष प्रकार के झूले और चर्खियां लगाई गई हैं।
क्रिसमस कार्यक्रम का समापन दो जनवरी को सेंट जॉंस स्कूल डीएलडब्ल्यू परिसर में विकलांग दिवस मनाकर होगा। दृष्टिबाधित, मूक बधिर, व शारिरिक विकलांग बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों से इसका उद्घाटन होगा। आयोजन के बाद खेलकूद प्रतियोगिता में विभिन्न प्रकार के विकलांगों के खेल होंगे। बिशप ने बताया कि युद्ध और विश्व में आतंकी घटनाओं के चलते लाखों लोग शरणार्थी जीवन जीने को मजबूर हैं। ऐसे में करुणा जयन्ती वर्ष के तहत ऐसे लोगों की मदद होगी। वाराणसी में भी हम बेघर, शिक्षा से वंचित और गम्भीर रोगों से ग्रसित गरीब लोगों मदद करेंगे। जनवरी के दूसरे सप्ताह में विकलांग बच्चों की सहायता कार्यक्रम होगा। मदर टेरेसा को अब सन्त का दर्जा मिलने वाला है। हम कोलकाता में मदर जनरल से सम्पर्क कर वाराणसी धर्म प्रान्त में उस सिलसिले से एक कार्यक्रम करने का प्रयास करेंगे।
(सुरेश गांधी)

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