नयी दिल्ली, 07 अप्रैल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वैज्ञानिक समुदाय को देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे लोगों के जीवन में रोजाना आ रही कम से कम 100 समस्याओं की सूची बनाने और उन्हें एक तय समयावधि में तकनीक के जरिये हल करने की चुनौती दी। वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री मोदी ने सीएसआईआर की प्रयोगशालाओं के प्रदर्शन का आकलन करने और एक ऐसा तंत्र विकसित करने का आह्वान किया जिससे इनके बीच अापसी प्रतिस्पर्धा बढे। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय चुनौतियों से निपटने के लिए सीएसआईआर द्वारा किये गये कार्यों का ब्योरा दिया गया। सदस्याें ने सीएसआईआर की प्रयोगशालाओं में हुए अनुसंधानों से निकले कई स्टार्ट अप्स के लिए उसके पास मौजूद क्षमता का उल्लेख किया।
उन्होंने प्रयोगशाला अनुसंधान को व्यवसायिक अनुप्रयोग में बदलने के महत्व पर जोर दिया। चिकित्सा उपकरण, ऊर्जा और कचरा प्रबंधन जैसे कई क्षेत्रों का उल्लेख किया गया जिनमें सीएसआईआर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। . श्री मोदी ने कहा कि जनजातीय लोगोें में ‘सिकल सेल एनीमिया’, रक्षा उपकरण निर्माण, जवानों के लिए जीवन रक्षक उपकरण, सौर ऊर्जा से जुड़े नवाचार तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े नवाचारों जैसे क्षेत्रों में सीएसआईआर बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि वह सीएसआईआर को आम आदमी का जीवन बेहतर बनाते हुए और गरीबों एवं समाज के हाशिये पर मौजूद लाेगों की समस्याओं का तकनीकी समाधान निकालते हुए देखना चाहते हैं।

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