अातंकवादियों को परमाणु हथियार पाने से रोकने के लिए तकनीक मौजूद : मोदी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शनिवार, 2 अप्रैल 2016

अातंकवादियों को परमाणु हथियार पाने से रोकने के लिए तकनीक मौजूद : मोदी

technology-in-place-to-deter-terrorists-from-acquiring-nuclear-weapon-modi
वाशिंगटन, 02 अप्रैल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत ‘परमाणु आतंकवाद’ के खतरे से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है और परमाणु हथियारों को आतंकवादियों के हाथों में जाने से रोकने के लिए उच्च तकनीक का विकास किया जा रहा है। श्री मोदी ने यहां परमाणु सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि परमाणु हथियारों को आतंकवादियों में हाथों में जाने से रोकने के लिए भारत उच्चस्तरीय तकनीक विकसित कर रहा है और इसकी तैनाती कर रहा है। परंपरागत सुरक्षा के अलावा साइबर और तकनीकी सुरक्षा को मजबूत किया गया है। रेडियोधर्मी पदार्थों को ठिकाने लगाने की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने कहा कि भारत परमाणु सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। 

इसके लिए संस्थागत ढांचा और स्वतंत्र नियामक संस्था बनायी गयी है तथा विशेष प्रशिक्षित लोगों को परमाणु सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि परमाणु सामग्री की तस्करी रोकने के लिए एक विशेष टीम गठित की गयी है। श्री मोदी ने परमाणु सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की भूमिका का समर्थन करते हुए परमाणु सुरक्षा कोष में दस लाख डॉलर का योगदान देने की भी घोषणा की। इंटरनेशनल फिजिकल प्रोटेक्शन एसेसमेंट सर्विस के बारे में भारत आईएईए के विशेषज्ञों के साथ एक कार्यशाला भी आयोजित करेगा।

कोई टिप्पणी नहीं: