मुंबई 24 जून, रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन ने आज कहा कि भारत ब्रेग्जिट के प्रभावों से पूरी तरह अछूता नहीं रहेगा, लेकिन फिलहाल बाजार में हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। श्री राजन ने एक कान्फ्रेंस कॉल में संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुये कहा “हम बाजार के स्वयं संतुलन ढूँढ़ने में कोई हस्तक्षेप नहीं करेंगे। फिलहाल सभी बाजार सही स्थिति में प्रतीत हो रहे हैं।” उन्होंने कहा कि जब भी तरलता की जरूरत होगी केंद्रीय बैंक बाजार में डॉलर और रुपया उपलब्ध करायेगा। विदेशों में विशेषकर ब्रिटेन में कारोबार करने वाले बैंकों के बारे में पूछे जाने पर श्री राजन ने कहा कि दिक्कत सिर्फ उन्हीं बैंकों को आ सकती है जो एक ही मुद्रा में बहुत ज्यादा काम करते हैं।
फॉरेन करेंसी नॉन रेजिडेंट (एफसीएनआर) खातों से बहुत ज्यादा पैसा निकाले जाने की स्थिति में डॉलर का भारत से बाहर प्रवाह बढ़ने के बारे में उन्होंने कहा कि इसके लिए आरबीआई तैयार है। जब समय आयेगा इसके लिए काफी अतिरिक्त डॉलर उपलब्ध है। उल्लेखनीय है कि इस अगस्त सितंबर से इन खातों से प्रवासियों के बड़ी मात्रा में डॉलर निकालने की आशंका है। वर्ष 2013 में विदेशों में जारी मंदी और यहाँ मिल रहे ऊँचे ब्याज के कारण उन्होंने इन खातों में तीन साल के लिए डॉलर जमा कराया था। श्री राजन ने कहा, “आज दुनिया के सभी बाजार एक-दूसरे से जुड़े हुये हैं और एक बाजार में होने वाले उथल-पुथल का असर दूसरे बाजार पर भी पड़ता है। मैं यह नहीं कहता कि भारत इसके प्रभाव से अछूता रहेगा, लेकिन मुख्य रूप से कॅमोडिटी निर्यातक नहीं होने के कारण उस पर कम असर होगा। भारत एक उपमहाद्वीपीय अर्थव्यवस्था है जहाँ घरेलू माँग काफी मजबूत है।”

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