- आपदा प्रबंधन ने मृतकों की मौत पर मुआवजा देने का ऐलान नहीं किया है.जल्द से जल्द करने का आग्रह.
144 राहत शिविरों में 46053 लोग शरण लिए हैं. 313 कम्युनिटी किचन संचालित.25 एस.डी.आर.एफ. व एन.डी.आर.एफ. की टीम जानमाल की रक्षा करने में लगे हैं. सर्वाधिक पूर्वी चम्पारण में 19 लोगों की मौत हो गयी है.
फिलवक्त अपुष्ट खबर के अनुसार 37 लोगों की मौत हो गई है.वहीं सरकारी आंकड़ा के अनुसार 14 लोगों की मौत होने की पुष्टि की गयी है.
पटना, 15 जुलाई। रविवार की छुट्टी बिताकर सोमवार को तरोताजा होकर आएं थे विपक्षी विधायक.आज बिहार विधान मंडल के सामने विरोधी दलों ने बाढ़ विभिषिका संबंधित पोस्टरों के साथ प्रदर्शन किए.इसके पहले दोनों सदनों विधान सभा व विधान परिषद में प्रभावित जिलों में बिलबिलाते लोगों को राहत सामग्री युद्ध स्तर पर पहुंचाने की मांग को लेकर जोरदार ढंग से शोरगुल करने लगे. सरकार की ढुलमुल नीति के कारण ही बाढ़ पीड़ित भूखों मरने को बाध्य हैं. विपक्षी नेताओं ने गैर सरकारी संस्थाओं से अपील किए है कि आफत की घड़ी में सहयोग करें. बताते चले कि राज्य के 12 जिले सीतामढ़ी, सुपौल, अररिया, कटिहार, सहरसा, पूर्वी चम्पारण, शिवहर,मुजफ्फरपुर, मधुबनी, किशनगंज, दरभंगा व पूर्णिया में बाढ़ का पानी हेल गया है. सयाने कुछ भूंजा और बच्चे बिस्कुट खाकर जिंदगी बचा रहे हैं.वहीं उनके पशुधनों को चारा नहीं मिल रहा है.मवेशी बाढ़ का पानी पीकर पेट भर रहा है. लब्बोलुआब है कि उत्तर बिहार और सीमांचल के लोग बेहाल हैं. बहरहाल 12 जिले के 68 प्रखंड, 444 पंचायतों में रहने वाले 19 लाख 60 हजार 585 लोग प्रभावित हैं. 149 शिविरों में 46,053 लोग रहते हैं. 12 जिलों में 313 कम्युनिटी किचन संचालित है. इसमें बाढ़ पीड़ित भोजन कर रहे हैं.आवश्यकतानुसार कम्युनिटी किचन को बढ़ाया जा सकता है. इस बीच जानमाल की रक्षा के लिए एस.डी.आर.एफ. और एन.डी.आर.एफ. की 25 टीम लगायी गई है. फिलवक्त अपुष्ट खबर के अनुसार 37 लोगों की मौत हो गई है.वहीं सरकारी आंकड़ा के अनुसार 14 लोगों की मौत होने की पुष्टि की गयी है. इस बीच मुख्यमंत्री दो दिनों से एरियल सर्वे करके अधिकारियों को सीएम नीतीश कुमार आवश्यक निर्देश दे रहे हैं. जल संसाधन विभाग के द्वारा तटबंधों की सुरक्षा करने में लगा है. संजय झा, जल संसाधन मंत्री ने कहा कि नेपाल से अप्रत्याशित पानी छोड़ा रहा है. 56 गेट खोल दी गयी है.वहीं बारिश भी काफी हुई.इससे बिहार बेहाल हो गया है.सरकार स्थिति पर तीखी नजर रखी हुई. बचाव और राहत का कार्य जारी है.
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