आईडीएचपीएचपी पोर्टल ऐप के बारे एएनएम को दी गई जानकारी
पूर्णिया (आर्यावर्त संवाददाता) : स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य परीक्षण और इलाज को सहज बनाने के लिए नई टेक्नोलॉजी का आईडीएचपी इंडीग्रेटेड डिजीटल सर्विलांस प्रोग्राम पोर्टल लांच किया है। पोर्टल के बारे जानकारी देने के लिए सोमवार को जिला प्रतिरक्षण कार्यालय के सभागार में एएनएम को जानकारी सह प्रशिक्षण दिया गया। एएनएम को प्रशिक्षण देते हुए जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी सुभाष चंद्र पासवान ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के लिए यह एेप काफी महत्वपूर्ण है। अब तक अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों मेंे बीमारी, उपचार और रोगियों की सूची रजिस्टर और कागजी स्तर से चलता था। लेकिन अब ऐप के आ जाने से इन कागजी झमेलाें से एएनएम और डॉक्टरों को मुक्ति मिलेगी। सुभाष चंद्र ने कहा कि एएनएम और डॉक्टर मरीजों का जो भी इलाज करते हैं इसकी जानकारी ऐप के जरिये मिनटों में विभाग को पता चल जाएगी। जैसे स्वास्थ्य केंद्र में प्रत्येक दिन कितने मरीज आए और किन बीमारियों का इलाज हुआ। इसकी जानकारी तत्काल ऐप के जरिये मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र में किस बीमारी के कितने मरीज हैं और सबसे अधिक किस बीमारी का प्रकोप है इसकी जानकारी मिलेगी। वहीं इपीडीमियोलॉजिस्ट नीरज कुमार निराला ने एएनएम को ऐप कैसे चलाना है और प्रत्येक दिन का डाटा कैसे अपलोड करना है के बारे में जानकारी दी। नीरज ने बताया कि इस एेप के जरिये अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्रों में दिए जाने वाले टीका, वैक्सीन और मरीजों के इलाज के बारे में विभाग को जानकारी मिल जाएगी। साथ ही समय समय पर फैलने वाले जनित व संक्रामक रोग के बारे में भी विभाग को तत्काल जानकारी मिल जाएगी। नीरज ने कहा कि अभी मोबाईल पर ऐप चलाने का तरीका के बारे में बताया गया है और बहुत ही जल्द एएनएम और डॉक्टरों को टेबलेट दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि टैबलेट में जीपीएस लगा रहेगा। जिससे यह पता चल पाएगा कि एएनएम और डॉक्टर अपना काम कर रहें है और सेंटर पर मौजूद हैं कि नहीं। इस बात का पता जीपीएस के माध्यम से पता चल जाएगा। यदि कोई एएनएम या डॉक्टर अपने सेंटर का रिपोर्ट प्रत्येक दिन अपलोड नहीं करते है और काम में लापरवाही बरतते हैं तो ऐसे स्थिति में दोषी के ऊपर विभागीय कार्रवाई होगी।

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