पूर्णिया (आर्यावर्त संवाददाता) : विश्व युवा कौशल दिवस एवं स्किल कार्निवल 2019 का आयोजन बिहार कौशल विकास मिशन, बिहार सकार द्वारा ज्ञान भवन एवं बापू सभागार पटना में किया गया। जिसमें भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय पूर्णिया ने अपने स्टाॅल पर विगत वर्षों में विकसित किए गए मखाना सह मत्स्यपालन के आधुनिक तकनीक का प्रदर्शन किया। महाविद्यालय द्वारा मखाना पर चल रहे अनुसंधान के द्वारा विकसित प्रजाति सबौर मखाना-1, मखाना उत्पादन तकनीक, मखाना में कीट प्रबंधन एवं मखाना सह मत्स्यपालन पर माॅडल के रूप में राज्य के विभिन्न तकनीकी संस्थानों एवं महाविद्यालयों से आए हुए छात्र छात्राओं, अध्यापकों, कृषि वैज्ञानिकों, प्रसार कार्यकर्ताओं, राष्ट्रीय निजी कंपनियों तथा उद्यमियों के बीच काफी चर्चित रहा। प्रदर्शिनी के दौरान कृषि महाविद्यालय के स्टाॅल पर तकनीकी जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रदर्शिनी में उपस्थित प्रतिभगियों एवं दर्शनार्थियों की भीड़ लगातार तीन दिनों से बनी है। कृषि महाविद्यालय का स्टाॅल विश्व युवा कौशल दिवस-2019 के मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। प्रदर्शिनी के विशिष्ट अतिथि सुशील कुमार मोदी (उपमुख्यमंत्री), विजय कुमार सिन्हा (मंत्री श्रम संसाधन विभाग), जय कुमार सिंह (मंत्री विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी), प्रमोद कुमार (मंत्री कला संस्कृति एवं युवा कार्य), दीपक कुमार सिंह (भाप्रसे प्रधान सचिव श्रम संसाधन विभाग) को स्टाॅल के अवलोकन के दौरान मखाना वैज्ञानिक तथा प्रधान अन्वेषक डाॅ अनिल कुमार ने मखाना के विकास पर विगत 7 वर्षों से चल रहे शोध कार्यों की उपलब्धियों को विस्तारपूर्वक बताया। सभी गणमान्य अतिथियों ने मखाना के विकास पर विगत वर्षों से चल रहे शोध कार्यों की उपलब्धियों के लिए वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए स्टाॅल की विशेष सराहना की। सुशील कुमार मोदी ने कहा कि वास्तविक नवचार एवं तकनीक के जरिये बिहार के जलजमाव क्षेत्रों का समुचित विकास के साथ साथ मछुआरा समुदाय के लोगों के लिए सालों भर रोजगार का भी सृजन करेगा। जय कुमार सिंह ने कहा बिहार में मखाना के बढ़ावा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विजय कुमार सिन्हा यह जानकर काफी प्रसन्न हुए कि मखाना के क्षेत्र में किसी भी सरकारी संस्थान का सबौर मखाना अनोखा प्रथम उत्पाद है। जिसका उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्यवर्द्धन एवं विपणन भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय के अंतिम वर्ष के कृषि स्नातक छात्र एवं छात्राओं द्वारा किया जा रहा है। श्रम संसाधन विभाग के मंत्री ने छात्र छात्राओं एवं विशेष रूप से मखाना वैज्ञानिकों की टीम के कार्यों की सराहना की। दीपक कुमार सिंह ने कहा कि मखाना अपने राज्य का अनोखा उत्पाद है। जिसकी मांग देश एवं विदेशों के बाजार में बहुत ज्यादा है। सबसे अच्छी एवं प्रशंसनीय बात यह है कि इस कार्य में कृषि स्नातक के छात्र एवं छात्राएं शामिल हैं। उन्होंने सह अधिष्ठाता सह प्राचार्य डाॅ पारसनाथ को बधाई दी। कहा कि भविष्य में मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्यवर्द्धन एवं विपणन के क्षेत्र में भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय को और भी अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। डाॅ जितेंद्र प्रसाद निदेशक, बिहार कृषि प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान (बामेती) ने प्रशंसा करते हुए कहा कि कृषि महाविद्यालय पूर्णिया को मखाना अनुसंधान के क्षेत्र में एक विशेष केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
सोमवार, 15 जुलाई 2019
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पूर्णिया : सूबे के जलजमाव क्षेत्रों काे किया जाएगा विकसित, होंगे रोजगार सृजित : सुशील मोदी
पूर्णिया : सूबे के जलजमाव क्षेत्रों काे किया जाएगा विकसित, होंगे रोजगार सृजित : सुशील मोदी
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