सिएटल में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘शिकागो 1893 से सिएटल 2026 तक! ...सिएटल का प्रशासन शहर के मध्य क्षेत्र में स्वामी विवेकानंद स्मारक स्थापित करने वाला पहला नगर प्रशासन बन गया है।’’ विल्सन ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह स्मारक सिएटल की समावेशी भावना को दर्शाता है और भारत एवं अमेरिका के प्रशांत उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के इस विविधतापूर्ण महानगरीय प्रौद्योगिकी केंद्र के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करता है। सिएटल में भारतीय मिशन ने एक बयान में कहा कि भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) ने सिएटल की ‘‘समृद्ध बहुसांस्कृतिक पहचान और समावेशी भावना’’ के सम्मान में उसे यह प्रतिमा भेंट की। महावाणिज्य दूतावास ने बताया कि प्रतिमा का अनावरण आईसीसीआर दिवस के अवसर पर किया गया और यह भारत की व्यापक सांस्कृतिक कूटनीतिक पहलों का हिस्सा है जिसका उद्देश्य भारत और अमेरिका के प्रशांत उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के बीच लोगों के आपसी संबंधों को मजबूत करना है। स्वामी विवेकानंद ने 1893 में शिकागो में विश्व धर्म संसद में ऐतिहासिक भाषण दिया था जिसके जरिए उन्होंने वैश्विक श्रोताओं को हिंदू दर्शन से परिचित कराया था।
अमेरिका में स्वामी विवेकानंद की पहली आदमकद प्रतिमा का सिएटल में अनावरण किया गया। यह प्रतिमा प्रसिद्ध भारतीय दार्शनिक और आध्यात्मिक नेता स्वामी विवेकानंद के सम्मान में स्थापित की गई है। अधिकारियों ने बताया कि सिएटल शहर में ‘वेस्टलेक स्क्वायर’ पर स्थापित आदमकद कांस्य प्रतिमा अमेरिका में किसी नगर प्रशासन की ओर से लगाई गई अपनी तरह की पहली प्रतिमा है। भारतीय कलाकार नरेश कुमार कुमावत द्वारा बनाई गई इस प्रतिमा का सिएटल की महापौर केटी विल्सन और सिएटल में भारत के महावाणिज्य दूत प्रकाश गुप्ता ने शनिवार को संयुक्त रूप से अनावरण किया।

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