अपने बयान में कामरा ने कहा, ‘‘पिछले एक साल में मुझे भारत के सबसे तेज तर्रार और प्रशंसित राजनीतिक कार्टूनिस्ट में से एक बालासाहेब ठाकरे की राजनीतिक विरासत को लेकर जारी लड़ाई के बारे में किए गए एक व्यंग्य पर कई कानूनी कार्रवाइयों का सामना करना पड़ा है।’’ उन्होंने कहा कि बाल ठाकरे ने सत्ता के शीर्ष पदों पर बैठे कई लोगों पर व्यंग्य किए, जिनमें तत्कालीन प्रधानमंत्री भी शामिल थे लेकिन उन्हें कभी विशेषाधिकार कार्यवाही का सामना नहीं करना पड़ा। इंदिरा गांधी पर बनाए गए कार्टून का उल्लेख करते हुए कामरा ने तर्क दिया कि बाल ठाकरे की राजनीतिक विरासत की रक्षा करने का मतलब कार्टूनिस्ट और व्यंग्यकारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करना भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक व्यंग्य उसी विचारधारा की नींव है, जिसे एकनाथ शिंदे आगे बढ़ाने का दावा करते हैं। कामरा ने यह उम्मीद भी जताई कि यह कार्यवाही ‘‘संविधान के उन कम ज्ञात प्रावधानों’’ को उजागर करेगी, जिनका इस्तेमाल जनप्रतिनिधि नागरिकों की स्वतंत्रता को सीमित करने के लिए कर सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘21वीं सदी के लोकतंत्र में यह तथ्य हर नागरिक के लिए चिंता का विषय होना चाहिए कि निर्वाचित प्रतिनिधियों के पास ऐसे नागरिकों के खिलाफ कार्यवाही शुरू करने और उन्हें जेल भेजने का अधिकार है, जो उनकी पसंद के खिलाफ बातें कहते हैं।’’ इससे पहले, कामरा ने इस मामले में माफी मांगने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि इससे कलात्मक स्वतंत्रता के लिए “खतरनाक मिसाल” स्थापित होगी। विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष प्रसाद लाड ने कहा है कि समिति कामरा के जवाब के आधार पर फैसला करेगी।
समिति के सामने कॉमेडियन उस शिकायत के बाद पेश हुए थे, जो भाजपा के विधान परिषद सदस्य प्रवीण दारेकर ने दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि कामरा ने अपने ‘स्टैंड-अप शो’ में शिंदे का अपमान किया और उनकी टिप्पणियां विशेषाधिकार हनन के दायरे में आती हैं। पिछले साल मुंबई में एक प्रस्तुति के दौरान कामरा ने फिल्म ‘दिल तो पागल है’ के एक हिंदी गीत का परिवर्तित संस्करण इस्तेमाल कर शिवसेना में हुई राजनीतिक उथल-पुथल का जिक्र किया था, जिसका नेतृत्व पहले उद्धव ठाकरे कर रहे थे। जून 2022 में एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी थी, जिससे शिवसेना में विभाजन हुआ और तत्कालीन महा विकास अघाडी सरकार गिर गई। मुंबई के खार क्षेत्र के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कामरा ने शिंदे को निशाना बनाते हुए एक पैरोडी गीत प्रस्तुत किया था। इसके बाद जब उन्होंने इसका वीडियो ऑनलाइन साझा किया, तो मार्च 2025 में राहुल कनाल के नेतृत्व में शिवसेना समर्थकों ने कार्यक्रम स्थल और होटल में तोड़फोड़ की। इस मामले में खार थाने में कामरा के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी, जिसमें शिवसेना विधायक मुरजी पटेल की शिकायत पर उपमुख्यमंत्री के खिलाफ मानहानिकारक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया गया।

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