वाराणसी : उद्योग में सहयोग और समन्वय की नई पहल को मिली सराहना - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 25 जुलाई 2026

वाराणसी : उद्योग में सहयोग और समन्वय की नई पहल को मिली सराहना

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वाराणसी (सुरेश गांधी). पूर्वांचल सहित उत्तर प्रदेश के छोटे शहरों में वित्तीय जागरूकता और निवेश संस्कृति को नई गति देने के उद्देश्य से आयोजित एक विशेष सम्मेलन में देश की विभिन्न म्यूचुअल फंड कंपनियों के सौ से अधिक वरिष्ठ अधिकारी एक मंच पर जुटे। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि अब निवेश को महानगरों तक सीमित रखने के बजाय छोटे शहरों और कस्बों तक पहुंचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसके लिए व्यवस्थित निवेश योजना (एसआईपी), डिजिटल निवेश व्यवस्था और निवेशकों के बीच विश्वास को मजबूत बनाना होगा। वाराणसी में आयोजित इस सम्मेलन का आयोजन ठुकराल कैपिटल मार्केट तथा टीसीएम फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न निवेश प्रबंधन कंपनियों के क्लस्टर प्रमुख, शाखा प्रमुख, संबंध प्रबंधक, संचालन अधिकारी और अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया।


वित्तीय साक्षरता को सामाजिक परिवर्तन का आधार बताया

कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व अपर आयुक्त रामाश्रय ने की। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से सशक्त समाज के निर्माण में वित्तीय साक्षरता की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि लोगों को सही समय पर सही निवेश की जानकारी मिले तो वे भविष्य को अधिक सुरक्षित बना सकते हैं। उन्होंने ग्रामीण और छोटे शहरों तक निवेश संबंधी जानकारी पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।


चार दशक की यात्रा साझा करते हुए भावुक हुए अशोक ठुकराल

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ठुकराल कैपिटल मार्केट के संस्थापक अशोक कुमार ठुकराल ने वर्ष 1987 से अब तक की अपनी निवेश यात्रा का अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने कार्य शुरू किया था, उस समय म्यूचुअल फंड और व्यवस्थित निवेश योजना के बारे में आम लोगों को बहुत कम जानकारी थी। अधिकांश लोग केवल सोना, भूमि और पारंपरिक बचत के साधनों को ही सुरक्षित निवेश मानते थे। उन्होंने कहा कि लगातार जागरूकता अभियान, पारदर्शिता और निवेशकों से विश्वास का संबंध स्थापित करने के प्रयासों का परिणाम है कि आज पूर्वांचल सहित छोटे शहरों में भी म्यूचुअल फंड और एसआईपी तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। यह बदलाव भारत की बदलती आर्थिक सोच का प्रमाण है।


'बिक्री नहीं, विश्वास सबसे बड़ी पूंजी'

सम्मेलन के दौरान कई वक्ताओं ने कहा कि निवेश उद्योग केवल उत्पाद बेचने का माध्यम नहीं है, बल्कि विश्वास का व्यवसाय है। यदि निवेशक का भरोसा कायम रहता है तो उद्योग का विकास स्वतः होता है। इसके लिए पारदर्शी व्यवस्था, समय पर सेवा और बेहतर संवाद आवश्यक है।


संचालन व्यवस्था को बताया उद्योग की रीढ़

कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि किसी भी निवेश प्रबंधन कंपनी की सफलता केवल विपणन करने वाली टीम पर निर्भर नहीं करती, बल्कि संचालन व्यवस्था उसकी सबसे मजबूत आधारशिला होती है। निवेशकों से किए गए प्रत्येक वादे को समय पर पूरा करने की जिम्मेदारी संचालन विभाग निभाता है। इसलिए दोनों के बीच बेहतर समन्वय उद्योग की सफलता के लिए अनिवार्य है।


एक मंच पर दिखी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और आत्मीयता

सम्मेलन की सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि सामान्य परिस्थितियों में एक-दूसरे की प्रतिस्पर्धी मानी जाने वाली निवेश प्रबंधन कंपनियों के अधिकारी पूरे आत्मीय वातावरण में एक-दूसरे के अनुभव साझा करते दिखाई दिए। कई अधिकारियों ने कहा कि वर्षों से एक ही शहर में कार्य करने के बावजूद पहली बार सभी को एक साथ बैठकर परिचय और संवाद का अवसर मिला है। अधिकारियों ने इसे उद्योग के लिए नई शुरुआत बताते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन आपसी सहयोग, समन्वय और बेहतर कार्य संस्कृति को बढ़ावा देंगे।


उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभिन्न अधिकारियों और क्लस्टर प्रमुखों को सम्मानित भी किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बेहतर कार्य करने वालों को सम्मानित करने से पूरे उद्योग को सकारात्मक प्रेरणा मिलती है।


छोटे शहर बनेंगे निवेश का नया केंद्र

सम्मेलन में यह भी माना गया कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश के दूसरे और तीसरे श्रेणी के शहर देश के निवेश मानचित्र पर महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त करेंगे। डिजिटल तकनीक, वित्तीय जागरूकता और व्यवस्थित निवेश योजना के विस्तार से लाखों नए निवेशक इस क्षेत्र से जुड़ेंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने वित्तीय समावेशन को गति देने, निवेशकों का विश्वास और मजबूत करने तथा छोटे शहरों तक आधुनिक निवेश सेवाएं पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया।

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