बेगमपुरा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का लक्ष्य
लाल सिंह आर्य ने कहा कि संत रविदास किसी एक समाज के नहीं, बल्कि पूरी मानवता के संत हैं। उन्होंने समता, सेवा, भक्ति, सामाजिक न्याय और मानवता का जो संदेश दिया, उसे देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना इस अभियान का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि संत रविदास का 'बेगमपुरा' का आदर्श समाज, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के संकल्प के अनुरूप है। अभियान सामाजिक समरसता को मजबूत करने के साथ विकसित भारत के निर्माण में सर्वसमाज की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा। उन्होंने बताया कि अभियान की तैयारियों के तहत 19 जुलाई को दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यशाला, 20 से 23 जुलाई तक प्रदेश स्तरीय कार्यशालाएं तथा 25 से 27 जुलाई तक जिला स्तरीय कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं।
28 जुलाई को माटी पूजन, 131 कलशों के साथ निकलेगी शोभायात्रा
समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने बताया कि अभियान के शुभारंभ से पहले 28 जुलाई को सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास जन्मस्थली पर पावन मिट्टी का संग्रह और माटी पूजन होगा। इसके बाद संत रविदास स्मारक स्थल से 131 पवित्र कलशों के साथ भव्य शोभायात्रा जन्मस्थली मंदिर तक निकाली जाएगी। देशभर के राज्यों और उत्तर प्रदेश के सभी जिलों से आए प्रतिनिधिमंडल इस आयोजन में शामिल होंगे और कलश पूजन में भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के दिन संत-महात्माओं और प्रबुद्धजनों की उपस्थिति में पवित्र मिट्टी से भरे कलशों का पूजन कर उन्हें विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को सौंपा जाएगा। कार्यक्रम से पहले अतिथि संत रविदास जन्मस्थली मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे और बाद में स्मारक स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे।
देशभर में पांच चरणों में चलेगा अभियान
भाजपा ने अभियान को पांच प्रमुख चरणों में विभाजित किया है— 29 जुलाई से 10 सितंबर 2026: श्री गुरु रविदास महाराज कलश वंदन अभियान। 29 जुलाई से 31 अगस्त 2026 : संत संपर्क अभियान। 5 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026: जालंधर से काशी तक समरसता यात्रा, जो जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगी। 26 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027: छात्रावास संपर्क अभियान। 20 फरवरी 2027 तक: समरसता एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े विविध कार्यक्रमों के साथ अभियान का समापन।
रविदास घाट पर 11 हजार दीपों से जगेगी समरसता की लौ
अभियान के अंतर्गत 'गुरु रविदास महाराज समरसता दीप अभियान' भी चलाया जाएगा। इसके तहत 29 जुलाई को वाराणसी के श्री रविदास घाट पर 11 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। वहीं संत रविदास स्मारक स्थल, देशभर के रविदास मंदिरों और भाजपा के मंडल स्तर तक दीपोत्सव आयोजित कर सामाजिक समरसता का संदेश दिया जाएगा।
सामाजिक न्याय के संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी
असीम अरुण ने कहा कि यह अभियान केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और समरसता को जन-आंदोलन का रूप देने की पहल है। गुरु पूर्णिमा से माघ पूर्णिमा तक देशभर के रविदास मंदिरों, छात्रावासों, गांवों और सामाजिक संस्थाओं में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर संत रविदास के विचारों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जाएगा। पत्रकार वार्ता का संचालन काशी क्षेत्र के मीडिया प्रभारी नवरतन राठी ने किया। इस दौरान काशी क्षेत्र अध्यक्ष अशोक चौरसिया, विधायक टी. राम तथा अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

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