पटना, 31 जुलाई, (रजनीश के झा) । बिहार कांग्रेस के मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने मदरसा शिक्षकों के वेतन पर अघोषित रूप से कुंडली मार कर बैठे राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए सवाल किया है कि बिहार सरकार, राज्य के अनुदानित 1942 मदरसों में कार्यरत लगभग 11652 शिक्षकों एवं 1500 गैर शैक्षणिक कर्मियों का वेतन पिछले छह महीनों से क्यों रोके रखी है? प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने सरकार की नीयत और कार्यशैली पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि मदरसा शिक्षकों के लिए उनके राज्यकोष में पैसा नहीं है या फिर नियत की कमी के कारण इन शिक्षकों और कर्मचारियों को भूखे मरने के लिए छोड़ रखा है? साथ ही उन्होंने राज्य की एनडीए सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री रहते ही अंतिम बार वेतन भुगतान किया गया था लेकिन अब नई सरकार के मुखिया सम्राट चौधरी जो खुद नीतीश कुमार के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री पद प्राप्त किए हैं, आखिर क्यों वें वेतन भुगतान पर कुंडली मार कर बैठे हुए हैं? शिक्षकों के मान सम्मान को राज्य की भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पूरी तरीके से ताक पर रख कर उनकी हकमारी कर रही है। शिक्षकों और कर्मियों के वेतन के साथ छह महीने का बैंक इंटरेस्ट जोड़कर वेतन का भुगतान राज्य सरकार को सुनिश्चित करना ही होगा।
शुक्रवार, 31 जुलाई 2026
पटना : मदरसा शिक्षकों के वेतन को अविलंब भुगतान करें सरकार : राजेश राठौड़
Tags
# बिहार
Share This
About आर्यावर्त डेस्क
बिहार
Labels:
बिहार
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
संपादकीय (खबर/विज्ञप्ति ईमेल : editor@liveaaryaavart या वॉट्सएप : 9899730304 पर भेजें)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें