- जिलों के सरकारी अस्पतालों में 70 प्रकार की सर्जरी और 24×7 स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने पर स्वास्थ्य विभाग का जोर
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सदर अस्पतालों में ऑर्थोपेडिक, जनरल सर्जरी तथा स्त्री एवं प्रसूति रोग के लिए पृथक-पृथक ऑपरेशन थिएटर चौबीसों घंटे संचालित किए जाएं। सभी आईसीयू एवं वेंटिलेटर पूर्णतः कार्यशील रहें तथा प्रत्येक अस्पताल में ट्रायज व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सदर अस्पतालों को जिले का सबसे बेहतर एवं भरोसेमंद अस्पताल बनाना है, ताकि अधिकांश मरीजों को छोटी-बड़ी सर्जरी के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर न रहना पड़े। जिलावार समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि जिला अस्पतालों में चिन्हित 70 प्रकार की सर्जरी का दायरा चरणबद्ध तरीके से बढ़ाते हुए सभी निर्धारित सर्जिकल सेवाएं शीघ्र प्रारंभ की जाएं। उन्होंने कहा कि मरीजों को उनके गृह जिले में ही गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा अनावश्यक रेफरल को प्रभावी रूप से कम किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि जिन अस्पतालों में अभी सीमित प्रकार की सर्जरी हो रही है, वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता, ऑपरेशन थिएटरों की कार्यक्षमता तथा आवश्यक आधुनिक सर्जिकल उपकरणों की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, मॉनिटरिंग उपकरण तथा अन्य आवश्यक सर्जिकल संसाधनों की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी होने पर उसे शीघ्र दूर किया जाए, ताकि सभी चिन्हित सर्जरियों का नियमित संचालन संभव हो सके। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि सभी सिविल सर्जन सर्जरी की संख्या और सर्जरी के प्रकार में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक रेफरल की चिकित्सकीय आवश्यकता की नियमित समीक्षा करें, जिससे मरीजों को अधिकतम उपचार जिला अस्पतालों में ही उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि ट्रायज व्यवस्था, आपातकालीन सेवाओं एवं सर्जिकल सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ करते हुए समयबद्ध कार्ययोजना के साथ उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उनके जिले में ही उपलब्ध हो सकें।

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