गाजियाबाद : मेवाड़ के विद्यार्थियों ने गांधी स्मृति दर्शन का भ्रमण कर जाना गांधीवादी दृष्टिकोण - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

गुरुवार, 27 अगस्त 2026

गाजियाबाद : मेवाड़ के विद्यार्थियों ने गांधी स्मृति दर्शन का भ्रमण कर जाना गांधीवादी दृष्टिकोण

Mewar-ghaziabad
गाजियाबाद (संवाददाता)। वसुंधरा स्थित मेवाड़ लॉ इंस्टीट्यूट के बी.ए. एलएल.बी. द्वितीय वर्ष के 50 विद्यार्थियों ने राजघाट स्थित गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति का शैक्षणिक भ्रमण किया और “मध्यस्थता के गांधीवादी दृष्टिकोण” विषय पर व्याख्यान सुना। कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी के जीवन और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान पर आधारित वीडियो प्रस्तुति से हुई। डॉ. वेदाव्यास कुंडू ने पीपीटी के माध्यम से सत्य, अहिंसा, संवाद, करुणा, नैतिकता और पारस्परिक समझ के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता का उद्देश्य केवल विवाद का समाधान नहीं, बल्कि पक्षकारों के बीच विश्वास और संबंधों को फिर से स्थापित करना भी है। मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की निदेशक डॉ. अलका अग्रवाल ने विद्यार्थियों को गांधीजी के जीवन-मूल्यों से प्रेरणा लेने और शांतिपूर्ण विवाद समाधान में मध्यस्थता की भूमिका समझने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर डॉ. कुंडू ने उन्हें गांधीवादी चरखा एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। विद्यार्थियों ने गांधी दर्शन संग्रहालय का भ्रमण कर ऐतिहासिक तस्वीरों और वस्तुओं के बारे में उपयोगी जानकारी हासिल की। 

कोई टिप्पणी नहीं: