- मैहर-सतना मार्ग पर करीब 10 किमी तक सड़क की बदहाली, बारिश ने बढ़ाई मुसीबत; अंडरपास के पास पानी से लबालब गड्ढे, फंसे वाहनों को श्रद्धालु लगा रहे धक्का
नवरात्र में लाखों कदम, रास्ता तैयार है?
नवरात्र करीब है। मां शारदा के दर्शन के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, दिल्ली समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस तीर्थ की आस्था देशभर को खींचती है, वहां तक पहुंचने वाला रास्ता श्रद्धालुओं का स्वागत करेगा या उन्हें गड्ढों के बीच से गुजरना पड़ेगा? स्थानीय नागरिक दयालु यादव सड़क की बदहाली के लिए क्षेत्र के सांसद और विधायक को जिम्मेदार ठहराते हैं। उनका कहना है कि इतने बड़े धार्मिक पर्यटन स्थल की सड़क की यह स्थिति जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। सवाल सिर्फ एक सड़क का नहीं है। तीर्थ, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को विकास से जोड़ने की बात होती है, लेकिन उस विकास की पहली सीढ़ी ही सड़क है। यदि श्रद्धालु मंदिर तक पहुंचने से पहले ही रास्ते में फंस जाएं, वाहन खराब हो जाएं या उन्हें पानी भरे गड्ढों में उतरकर धक्का लगाना पड़े तो मैहर की कैसी तस्वीर उनके साथ वापस जाएगी? नवरात्र की भीड़ दस्तक देने वाली है। अब गेंद जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के पाले में है—क्या गड्ढे भरेंगे या फिर श्रद्धालु इन्हीं गड्ढों के बीच मां शारदा तक पहुंचते रहेंगे?स्थानीय नागरिक की दो टूक “इतने बड़े तीर्थ की सड़क ऐसी क्यों?”
स्थानीय नागरिक दयालु यादव ने सड़क की बदहाली के लिए सांसद और विधायक को जिम्मेदार बताया। उनका कहना है कि मैहर में देशभर से श्रद्धालु आते हैं। नवरात्र में लाखों लोगों की आवाजाही होगी, ऐसे में प्रमुख मार्ग की यह हालत चिंता का विषय है। जनप्रतिनिधियों को इस समस्या का स्थायी समाधान कराना चाहिए, ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालु मैहर से अच्छी व्यवस्था की तस्वीर लेकर लौटें।
फोटो में कैद हकीकत
गड्ढों की गहराई बारिश ने छिपाई, लेकिन कैमरे ने व्यवस्था की बदहाली छिपने नहीं दी।


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