दिल्ली : चुनाव आयोग ने तृणमूल के दोनों गुटों को बंगाल उपचुनाव में पार्टी के नाम, चिह्न के इस्तेमाल से रोका - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 17 सितंबर 2026

दिल्ली : चुनाव आयोग ने तृणमूल के दोनों गुटों को बंगाल उपचुनाव में पार्टी के नाम, चिह्न के इस्तेमाल से रोका

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नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों को पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा उपचुनाव के दौरान पार्टी के नाम और ‘जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न का इस्तेमाल न करने का बृहस्पतिवार को निर्देश दिया। आयोग ने दोनों गुटों से शुक्रवार सुबह तक अपनी पसंद के नाम और चुनाव चिह्न सौंपने के लिए भी कहा है। बृहस्पतिवार रात जारी अपने अंतरिम आदेश में निर्वाचन आयोग ने ममता बनर्जी और अरूप रॉय के नेतृत्व वाले दोनों गुटों के नेताओं का पक्ष सुनने के बाद कहा कि इस मामले में ‘चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश 1968’ के प्रावधानों के तहत आयोग की ओर से ठोस निर्णय लिए जाने की आवश्यकता है। 


अंतरिम आदेश में कहा गया है, “रिकॉर्ड पर मौजूद सभी जानकारियों पर ठीक से विचार करने के बाद... आयोग का मानना ​​है कि तृणमूल कांग्रेस में दो विरोधी गुट हैं, जिनमें से एक का नेतृत्व ममता बनर्जी कर रही हैं और दूसरे की कमान अरूप रॉय संभाल रहे हैं।” इसमें कहा गया है, “अब हर गुट खुद के असली तृणमूल कांग्रेस होने का दावा कर रहा है, इसलिए चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के पैराग्राम 15 के तहत आयोग को इस मामले पर ठोस फैसला लेना होगा।” आयोग ने कहा कि दोनों विरोधी गुटों को समान अवसर देने और उनके अधिकारों व हितों की रक्षा करने के लिए, तथा पिछली मिसालों को ध्यान में रखते हुए उसने अंतरिम आदेश जारी किया है, ताकि मौजूदा उपचुनावों के उद्देश्य को पूरा किया जा सके। उसने कहा कि यह आदेश मामले में विवाद के अंतिम निपटारे तक जारी रहेगा। आयोग ने कहा, “अरूप रॉय (याचिकाकर्ता) और ममता बनर्जी (प्रतिवादी) के नेतृत्व वाले दोनों में से किसी भी गुट को तृणमूल कांग्रेस पार्टी का नाम इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होगी।” उसने कहा, “दोनों में से किसी भी गुट को तृणमूल कांग्रेस के लिए आरक्षित ‘जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने की अनुमति भी नहीं होगी।” आयोग ने कहा कि दोनों गुट अपने-अपने लिए चुने गए नामों से जाने जाएंगे और अगर वे चाहें तो अपनी मूल पार्टी तृणमूल कांग्रेस से जुड़ाव भी रख सकते हैं। उसने कहा कि मौजूदा उपचुनावों के लिए आयोग की ओर से जारी मुक्त चुनाव चिह्नों की सूची में से अपनी पसंद के अलग-अलग चुनाव चिह्न भी दोनों गुटों को आवंटित किए जाएंगे।

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