मुनीर ने अधिकारियों और सैनिकों के उच्च मनोबल, तैयारी और पेशेवर रवैये की भी सराहना की तथा देश और उसके लोगों की सुरक्षा के लिए उनकी प्रतिबद्धता को स्वीकार किया।उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में जान गंवाने वाले लोगों को भी श्रद्धांजलि दी। फील्ड मार्शल का यह दौरा ऐसे समय हुआ है, जब खैबर-पख्तूनख्वा में आतंकवाद का खतरा बढ़ रहा है। हाल में कोहाट में पुराने पुलिस लाइन्स परिसर पर घातक हमला हुआ था। अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार की नमाज के दौरान आतंकवादियों द्वारा परिसर को निशाना बनाए जाने के बाद कम से कम 21 लोग मारे गए और 100 से अधिक घायल हुए। पुलिस ने बाद में बताया कि अभियान के दौरान आठ हमलावर मारे गए। अफगानिस्तान में 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों में फिर बढ़ोतरी हुई है। इस्लामाबाद ने काबुल में तालिबान प्रशासन से अफगानिस्तान की जमीन पर मौजूद आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने की बार-बार अपील की है। इनमें विशेष रूप से प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़े ठिकाने शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल पाकिस्तान में हमलों के लिए किए जाने का आरोप है।
पाकिस्तान के सेना प्रमुख और रक्षा बलों के प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने मंगलवार को कहा कि देश में बढ़ते आतंकवादी खतरे के बीच सशस्त्र बल आतंकवाद को हराने के अपने संकल्प पर कायम हैं। ‘इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशन्स’ (आईएसपीआर) के अनुसार, फील्ड मार्शल ने पेशावर में कोर मुख्यालय का दौरा किया, जहां उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की और प्रांत की मौजूदा सुरक्षा स्थिति की जानकारी ली। उन्हें जारी आतंकवाद रोधी अभियानों, सीमा प्रबंधन के उपायों और प्रांत में तैनात सैन्य इकाइयों की अभियान संबंधी तैयारियों के बारे में भी जानकारी दी गई। सेना के अनुसार, मुनीर ने जोर देकर कहा कि ‘‘राष्ट्र के अटूट समर्थन के साथ सशस्त्र बल आतंकवाद को हराने और पूरे देश में स्थायी शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित करने के अपने संकल्प पर कायम हैं।’’

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