पिछले महीने नयी दिल्ली में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले पुतिन और मोदी के बीच बातचीत हुई थी। इस दौरान रूस के राष्ट्रपति ने फरवरी 2022 में शुरू हुए यूक्रेन युद्ध की समग्र स्थिति और शांति के लिए जारी प्रयासों के बारे में मोदी को जानकारी दी थी। उससे कुछ दिन पहले क्रेमलिन (रूस के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा था कि रूस यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए भारत की ओर से किए जाने वाले किसी भी शांति प्रयास का स्वागत करेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान निकालने की मॉस्को की रणनीति नयी दिल्ली के रुख से काफी हद तक मेल खाती है। पुतिन ने बुधवार को इसी मंच पर भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता की भी सराहना की। उन्होंने कहा, ‘‘भारत का विशाल स्वरूप और उसकी विविधता हर किसी के लिए चर्चा का विषय है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बहुत कम लोग यह जानते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुझे बताया कि 1.5 अरब लोगों में से 60 करोड़ भारतीय अपनी मातृभाषा हिंदी बोलते हैं, जबकि अधिकांश लोग अपनी-अपनी स्थानीय भाषाएं बोलते हैं। इसके बावजूद वे सभी एक साथ रहते हैं—यह अद्भुत है।’’ उन्होंने कहा कि यह निश्चित रूप से प्रशंसा और सम्मान की भावना जगाने वाली बात है। पुतिन ने कहा, ‘‘भारतीय संस्कृति में कुछ ऐसा अनूठा है, जो यह दिखाता है कि विविधता और एकता किस तरह साथ-साथ रह सकती हैं। निश्चित रूप से इससे बहुत कुछ सीखा जा सकता है।’’
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि यूक्रेन संघर्ष के पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास ‘‘बेहद लाजवाब विचार’’ हैं और वह ‘‘हर मुलाकात’’ में इस मुद्दे को उठाते हैं। सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ के अनुसार, पुतिन ने बृहस्पतिवार को ‘वाल्दाई अंतरराष्ट्रीय चर्चा क्लब’ की वार्षिक बैठक में कहा, ‘‘युद्ध समाप्त करने को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के रुख के बारे में मैं कह सकता हूं कि वह उन विश्व नेताओं में से एक हैं, जो व्यक्तिगत स्तर पर मैत्रीपूर्ण संबंध होने के बावजूद लगातार यह मुद्दा उठाते हैं और यूक्रेन में संघर्ष समाप्त करने के बारे में पूछते हैं।’’ उन्होंने कहा कि मोदी ‘‘हमारी हर मुलाकात में इन मामलों को उठाते हैं और इनमें गहरी दिलचस्पी रखते हैं।’’पुतिन ने कहा, ‘‘पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान खोजने के उद्देश्य से उनके पास बहुत अच्छे विचार हैं।’’

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