फिल्में एक सूत्र में बांधने का माध्यम: अमिताभ


बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन भारतीय सिनेमा पर लग रहे आरोपों से परेशान हैं। उन्होंने सिनेमा जगत का बचाव करते हुए कहा कि यही वह जगह है जो लोगों को एक छत के नीचे एकजुट करती है। अमिताभ (70) ने कहा कि बहुत से लोग बहुत सारी बातों और कमजोरियों के लिए भारतीय सिनेमा को कोसते हैं। मैं कहता हूं कि जब बहुत से लोग एक सिनेमाहॉल में फिल्म देखने के लिए जमा होते हैं, तब बगल में बैठे दूसरे व्यक्ति की जाति, धर्म, रंग नहीं पूछते।

बिग बी मुम्बई विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे थे जहां फिल्मों में अपूर्व योगदान और उपलब्धियों के लिए उन्हें सम्मानित किया जाना था। उन्होंने कहा कि फिल्में लोगों को एक सूत्र में बांधने का दुलर्भ माध्यम हैं। बकौल अमिताभ ‘‘फिल्म देखते हुए हम एक ही बात पर हंसते हैं, एक ही दृश्य पर भावुक होते हैं, एक ही संगीत का आनंद लेते हैं। मेरा मानना है दुनिया में ऐसे संस्थान कम हैं जो इस तरह की अखंडता का दावा कर सकें, जो सिनेमा हॉल में देखने को मिलती है।’’ उन्होंने कहा कि इसलिए, मेरा मानना है कि पूरी दुनिया में फिल्मों में ही वह बात है जो लोगों को बांटने के बजाए सिनेमाहॉल की छत के नीचे एकजुट करती है। हम अक्सर या हर रोज ऐसा होते देख सकते हैं।
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