देशभर में 100 छोटे हवाईअड्डे विकसित होंगे : प्रधानमंत्री - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 21 सितंबर 2013

देशभर में 100 छोटे हवाईअड्डे विकसित होंगे : प्रधानमंत्री


manmohan singh
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को कहा कि सरकार देश के विकास के लिए छोटे शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ने की कोशिश कर रही है। इसके तहत देशभर में 100 से अधिक छोटे हवाईअड्डे विकसित किए जाएंगे। राजस्थान में किशनगढ़ हवाईअड्डे की आधारशिला रखने के दौरान मनमोहन सिंह ने कहा कि शहर देश के आर्थिक विकास के इंजन होते हैं। जयपुर से 120 किलोमीटर दूर अजमेर जिले में विकसित हो रहा यह हवाईअड्डा अगले तीन वर्षो बाद काम करना शुरू कर देगा। इसके निर्माण में 1.6 अरब रुपये की लागत आएगी। हवाईअड्डे का शिलान्यास करने के बाद मनमोहन ने कहा, "प्रारंभ में बड़े शहर हवाई मार्ग से जुड़े थे। अब ध्यान छोटे शहरों को जोड़ने पर है।" इसके बाद मनमोहन सिंह ने जयपुर मेट्रो परियोजना के प्रथम चरण के साथ ही देश को समर्पित एक सौर ऊर्जा संयंत्र की भी आधारशिला रखी।

मनमोहन ने कहा, "हवाईअड्डा अमीरों के लिए तैयार की गई सुविधा मानी जाती है। हालांकि, देश के विकास को सुनिश्चित करने के लिए हवाई संपर्क आवश्यक हो गया है। हवाई संपर्क का अभाव विकास में बाधक साबित हो सकता है।" उन्होंने कहा कि हवाई संपर्क को सुधारना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, "हमने छोटे शहरों और नगरों में हवाईअड्डों के विकास के लिए महात्वाकांक्षी परियोजना शुरू की है। हमारी योजना के तहत, हम विभिन्न हिस्सों में 100 छोटे हवाईअड्डे विकसित करेंगे। किशनगढ़ हवाईअड्डा हमारी योजना में पहली परियोजना है।" देश में लगभग 16 करोड़ लोगों ने पिछले साल हवाई यात्रा की थी। 

प्रधानमंत्री ने कहा, "पिछले 10 वर्षो में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। 2020 तक यह संख्या 30 करोड़ हो जाने की संभावना है। उड्डयन क्षेत्र में सरकारी और निजी क्षेत्रों द्वारा बड़ी संख्या में किया जाने वाला निवेश इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए आवश्यक है।" इस दौरान राजस्थान की राज्यपाल मार्गरेट अल्वा, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कॉरपोरेट मामलों के मंत्री सचिन पायलट भी मौजूद थे।

इसके बाद जयपुर में मेट्रो परियोजना का शिलान्यास करने के बाद मनमोहन सिंह ने कहा कि देश में तेजी से बढ़ रहे नगरीकरण के साथ-साथ यातायात की बढ़ रही समस्या से निबटने में मेट्रो रेल परियोजना बहुत व्यावहारिक विकल्प है। जयपुर में चांदपोल से लेकर बड़ी चौपड़ तक प्रस्तावित भूमिगत मेट्रो रेल लाइन का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होगा तथा इस परियोजना पर 507 करोड़ रुपयों की लागत आने की संभावना है। मेट्रो परियोजना के शिलान्यास के बाद मनमोहन सिंह ने कहा, "शहर देश के आर्थिक विकास का इंजन होते हैं। देश की सकल घरेलू उत्पाद में 60 फीसदी योगदान नगरों का ही होता है। एक अनुमान के मुताबिक, 2031 तक देश के नगरों में 60 करोड़ आबादी निवास करेगी। नगरीकरण में वृद्धि के साथ-साथ कई समस्याएं भी आती हैं। सार्वजनिक परिवहन उन समस्याओं में से एक है।"

मनमोहन सिंह ने इस बात पर भी बल दिया कि उचित दरों पर विद्युत उपलब्धता भी देश के विकास के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, "पिछले दशक से ऊर्जा की जरूरत में बढ़ोतरी हुई है। जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर मिशन सरकार की उन आठ योजनाओं में से एक है, जिसे जलवायु परिवर्तन की समस्या से निबटने के लिए बनाई गई राष्ट्रीय कार्य योजना के तहत कार्यान्वित किया जा रहा है। इस योजना की शुरुआत 2010 में हुई, और हमारा उद्देश्य 2020 तक 20,000 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन करने का है।"

मनमोहन ने आगे कहा, "मैं इस अवसर पर एक और महत्वाकांक्षी परियोजना दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे का भी जिक्र करना चाहूंगा। इस परियोजना पर हम काम शुरू कर चुके हैं। दोनों ही राज्यों के संबंधित अधिकारियों ने इस परियोजना को सैद्धांतिक तौर पर अपनी मंजूरी दे दी है।" मनमोहन सिंह ने आगे कहा, "इस एक्सप्रेसवे परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली से जयपुर सिर्फ दो घंटे में पहुंचा जा सकेगा।"

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