दो वर्षों में ईईएसएल का 19 गुणा बढ़ा राजस्व

19-times-increase-income-of-eesl
नयी दिल्ली 31 मई, ऊर्जा दक्षता और देश में एलईडी बल्वों एवं उत्पादों के विक्रय की दिशा में काम कर रही कंपनी एनर्जी ऐफिशियेंसी सर्विसिस लिमिटेड (ईईएसएल) ने वित्त वर्ष 2016-17 में 1227.18 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है जो कि 2014-15 के मुकाबले 19 गुणा अधिक है। कंपनी ने आज यहां जारी बयान में कहा कि वर्ष 2016-17 में उसका कर पूर्व लाभ 81.12 करोड़ रुपये रहा जो वर्ष 2015-16 में 50.19 करोड़ रुपये रहा था। कारोबार में जारी बढोतरी के मद्देनजर कंपनी ने चालू वित्त वर्ष में 3000 करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य तय किया है। ईईएसएल के प्रबंध निदेशक सौरभ कुमार ने कारोबार में बढोतरी के लिए कंपनी के शेयरधारकों, कर्मचारियों, उपभोक्ताओं और सहयोगियों का शुक्रिया अदा करते हुये कहा कि उपभोक्ताओं के सहयोग एवं भारत सरकार के सही मार्गदर्शन तथा नीतियों के बिना यह कामयाबी मुमकिन नहीं हो पाती। ईईएसएल यह सुनिश्चित करेगी कि वह ऊर्जा दक्षता के बाजार में आगे बढ़ती रहे। उन्होंने कहा कि देश भर के नागरिकों को उच्च गुणवत्ता युक्त एलईडी बल्बों, एलईडी ट्यूब लाइटों और ऊर्जा दक्ष पंखों का फायदा हुआ हुआ। कंपनी ने भारत को ऊर्जा दक्ष बनाने की अपनी प्रतिबद्धता का विस्तार करते हुए स्ट्रीट लाइटिंग नेशनल प्रोग्राम, ऐनर्जी ऐफिशियेंट बिल्डिंग्स प्रोग्राम जैसी स्कीमें भी चलाई हैं। ईईएसएल ने अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भी अपने परिचालन का विस्तार करते हुए बंगलादेश तथा श्रीलंका में पायलट प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। यूरोपीय बाजार में पैठ बनाने के लिए कंपनी ने लंदन में अपना दफ्तर भी खोला है। ईईएसएल दक्षिण एशिया में ऐसी पहली कंपनी है जो केवल ऊर्जा दक्षता के अमल पर ध्यान केन्द्रित करती है। यह घरों एवं स्ट्रीट लाइटों के लिए एलईडी बल्बों की बड़े पैमाने पर खरीददारी करती है जिससे उत्पाद की लागत कम हो जाती है और वह उपभोक्ता के लिए वहनीय हो जाता है। ईईएसएल का लक्ष्य 2019 तक घरों में 77 करोड़ एलईडी बल्बों तथा 1.34 करोड़ एलईडी स्ट्रीट लाइटों को बदलना है। ईईएसएल के बारे में एनटीपीसी लिमिटेड, पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन, रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन और पावर ग्रिड का संयुक्त उपक्रम ऐनर्जी ऐफिशिऐंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) का गठन ऊर्जा मंत्रालय के अधीन ऊर्जा दक्ष परियोजनाओं को लागू करने के लिए किया गया था।

Share on Google Plus

About आर्यावर्त डेस्क

एक टिप्पणी भेजें
loading...