भारत, अमेरिका ने आर्थिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाने का लिया संकल्प, मतभेदों को करेंगे दूर

s-jayshankar
वाशिंगटन, 27 जून, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड्र ट्रम्प भारत-अमेरिका आथर्कि भागीदारी को प्रगाढ़ बनाने पर सहमत हुए जिससे दोनों बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को लाभ हो। साथ ही दोनों पक्षों ने मतभेदों को दूर करने के लिये सौहार्दपूर्ण तरीके से काम करने पर बल दिया है। व्हाइट हाउस में मोदी और ट्रम्प की पहली बैठक के बाद विदेश सचिव एस जयशंकर ने संवाददाताओं से कहा, आथर्कि मोर्चे पर दोनों पक्षों की काफी सार्थक बातचीत हुई। दोनों देशों में आथर्कि बदलाव नई मांग सृजित कर रहे हैं और भारत और अमेरिका के बीच उच्च स्तरीय संतोषजनक स्थिति होने पर दूसरा सहयोगी उन मांगों को पूरा करने में बेहतर स्थिति में है।  जयशंकर ने नागर विमानन बाजार तथा प्राकृतिक गैस जैसे सहयोग वाले क्षेत्रों का जिक््र किया और कहा कि अगले साल से तरलीकृत प्राकृतिक गैस :एलएनजी: अमेरिका से भारत जाने लगेगी। उन्होंने अनुमान जताते हुए कहा कि अगले कुछ साल में भारत-अमेरिका एलएनजी व्यापार 40 अरब डालर से अधिक होगा। जयशंकर के अनुसार यह धारणा बनी है कि दोनों देशों को एक-दूसरे को इस रूप से प्रोत्साहित करने का प्रयास करना चाहिए जिससे ऐसे मुद्दों पर वे एक स्वभाविक और पसंसदीदा सहयोगी हों। उन्होंने कहा, व्यापार मामलों, बाजार पहुंच, नियामकीय मुद्दों तथा बाधाओं पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं मुक्त और निष्पक्ष व्यापार के महत्व को रेखांकित किया।  एच-1बी वीजा से जुड़े एक सवाल के जवाब में विदेश सचिव ने कहा कि अनुसंधान और डिजिटल भागीदारी के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा, एच-1बी वीजा के मुद्दे पर उद्योग दिग्गजों के साथ काफी चर्चा हुई और दोनों नेताओं ने डिजिटल भागीदारी के बारे में बातचीत की।

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