मधुबनी प्रशासनिक खबर 10 जून

बच्चों के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाब बच्चों को मिले 

madhubani newsमधुबनी, 08 जून; राज्य के अनाथ एवं बेसहारा बच्चों एवं दुसाध्य रोगों से पीडित बच्चों एवं दुसाध्य रोगों के कारण विकलांगता के शिकार माता-पिता की संतान को समाज में बेहतर पालन-पोषण के लिए बिहार सरकार द्वारा परवरिश योजना चलायी जा रही है। यह योजना वैसे गरीब परिवार के लिए है, जिनका नाम बी0पी0एल0 सूची में दर्ज है अथवा जिनकी वार्षिक आय 60,000 रूपये से कम है। एच.आई.बी./एड्स/कुष्ठ रोग से पीडित मामले में आय की सीमा का बंधन नहीं है। इस योजना के अंतर्गत चयनित बच्चों के पालन-पोषण हेतु 0-6 वर्ष उम्र समूह के बच्चों के लिए 900 रूपया तथा 6-17 वर्ष के बच्चों को 1000 रूपया प्रतिमाह की अनुदान राशि सरकार द्वारा दी जाती है। अनुदान राशि प्रतिमाह लाभुकों एवं अभिभावक के नाम से खोले गए संयुक्त बचत खाते में सीधे हस्तांतरित की जाती है। अनाथ एवं बेसहारा बच्चे अथवा अनाथ बच्चे की स्थिति में बच्चे के पालक परिवार का मुख्य व्यक्ति तथा एच.आई.बी. प्लस/एडस/कुष्ठ रोग से पीडित बच्चे एवं एच.आई.बी./एड्स पीडित माता/पिता एवं कुष्ठ रोग से पीडित माता/पिता की स्थिति में बच्चे के माता या पिता इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन दे सकते है। आवेदन पत्र सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई के कार्यालय/समेकित बाल विकास परियोजना कार्यालय।, आॅगनवाडी केन्द्र से निःषुल्क प्राप्त किया जा सकता है। आवेदन पत्र समाज कल्याण विभाग के वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। आवेदक विहित प्रपत्र में आवेदन-पत्र भरकर एवं आवश्यक कागजात संलग्न कर आॅगनवाडी सेविका को उपलब्ध करायेगे तथा प्राप्ति रसीद प्राप्त करेंगे। एच.आई.बी. प्लस/एडस रोग से पीडित बच्चे एवं एच.आई.बी. प्लस/एडस से पीडित माता/पिता के मामले में आवेदक विहित प्रपत्र में आवेदन पत्र भरकर तथा आवष्यक कागजात संलग्न कर समेकित बाल विकास परियोजना कार्यालय में उपलब्ध करायेंगे तथा प्राप्ति रसीद ले लेंगे। आॅगनवाडी सेविका आवेदन प्राप्ति के 15 दिन के अंदर अपने मंतव्य के साथ बाल विकास परियोजना कार्यालय में आवेदन को जमा करेंगी। बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एक सप्ताह के अंदर संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी को स्वीकृति के लिए अग्रसारित कर देंगे। अनुमंडल पदाधिकारी स्वीकृत्यादेष सहायक निदेषक, जिला बाल संरक्षण इकाई/समिति को अग्रसारित करेंगे। विहित प्रपत्र में आवेदन देकर अनाथ एवं बेसहारा बच्चों, तथा इस योजना से आच्छादित अन्य बच्चों को लाभ दिलाकर उनके अच्छे  भविष्य की नींव रखी जा सकती है।


परमिट लागू करने के लिए बैठक 

मधुबनी, 10 जून; जिला पदाधिकारी, मधुबनी श्री गिरिवर दयाल सिंह ने आज अपने कार्यालय कक्ष में परमिट की शर्तो को लागू करने एवं वाहन के सुरक्षित परिचालन सुनिष्चित करने के लिए बैठक की। बैठक में जिला पदाधिकारी द्वारा निम्न निदेष दिया गयाः, जिले में परिचालित सभी वाणिज्यिक वाहनों में अग्निषमन यंत्र लगा रहना चाहिए। सभी निजी विघालय के बसों में अग्निषमन यंत्र लगा हुआ है, एस.डी.ओ. इसे सुनिष्चित करायें। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी 16 सूत्री गाइड लाइंस की प्रति डी.टी.ओ. सभी एस.डी.ओ. को दे दें। सभी वाणिज्यिक वाहन ( ट्रेक्टर छोडकर) में स्पीड गवर्नर लगाना वाध्यकारी है। जून माह तक सभी स्कूली बसों में स्पीड गवर्नर लगाना एस.डी.ओ. सुनिष्चित कराये। यदि कोई स्कूल संचालक इस मामले में प्रषासन के साथ सहयोग नहीं करते है तब उनके विरूद्व कार्रवाई करें। सभी स्कूल संचालक यह बतायेंगे कि किस-किस नंबर की गाडी उनके बच्चों को ठोने में प्रयोग की जा रही है। उनमें फस्र्ट एड किट, अग्निषमन यंत्र, स्पीड गवर्नर आदि की व्यवस्था है या नहीं। स्कूल बस में सीट से ज्यादा बच्चों को नहीं ठोना है। सभी एस.डी.ओ. अपने क्षेत्र में प्रेषर हार्न की ब्रिकी को प्रतिबंधित कर दे। स्पीड गवर्नर नहीं रहने पर पाॅच हजार रूपए तक जुर्माना तथा प्र्रेषर हार्न का प्रयोग पहली बार करने पर एक हजार तथा दूसरी बार करने पर दो हजार रूपये का जुर्माना किया जा सकता है। बैठक में सभी एस.डी.ओ., ए.एस.पी., जिला परिवहन पदाधिकारी, सिविल सर्जन, श्री सत्य प्रकाष वरीय उप समाहत्र्ता आदि उपस्थित थे।
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