बिहार : सीबीआई छापे के बाद कांग्रेस खुलकर लालू के पक्ष में ,जदयू मौन

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पटना 08 जुलाई, रेलवे के दो होटलों के टेंडर में हुई हेराफेरी के मामले में केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष एवं पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के पटना समेत 12 ठिकानों पर कल की गयी छापेमारी के बाद बिहार में सत्तारूढ़ महागठबंधन के प्रमुख घटक जनता दल यूनाईटेड (जदयू) ने जहां चुप्पी साध रखी है वहीं कांग्रेस खुल कर पक्ष में आ गयी है । श्री यादव के यहां 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास पर सीबीआई की हुई छापेमारी के बाद आज सुबह से ही राजद अध्यक्ष से मिलने के लिए आने वाले नेताओं का सिलसिला बना रहा ।पार्टी के वरिष्ठ नेता जहां राजद अध्यक्ष के आवास के अंदर प्रदेश की ताजा राजनीतिक हालात पर चर्चा करते रहे वहीं बाहर कार्यकर्ताओं में अपने अध्यक्ष से मिलने के लिए बेचैनी बनी रही । राजद अध्यक्ष के आवास पर सबसे पहले पार्टी के नेताओं के पहुंचने का सिलसिला रहा । राजद के प्रदेश अध्यक्ष रामचन्द्र पूर्वे ,पूर्व सांसद जगदानंद सिंह ,विधायक शक्ति सिंह यादव ,मो.नेमातुल्लाह ,सुरेन्द्र यादव ,मो.नवाज आलम के बाद पूर्व मंत्री रमई राम राजद अध्यक्ष से भेंट की । भेंट करने गये पार्टी नेताओं के साथ श्री यादव ने मंथन भी किया । इसके बाद राजद कोटे से परिवहन मंत्री चंद्रिका राय और सहकारिता मंत्री आलोक मेहता ने भी पार्टी सुप्रीमों से मिलकर राजनीतिक हालात पर चर्चा की । 


इसके बाद सत्तारूढ़ महागठबंधन के घटक कांग्रेस के नेताओं ने भी राजद अध्यक्ष से मुलाकात की । विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता सदानंद सिंह ,प्रदेश अध्यक्ष एवं शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ,महागठबंधन की सरकार में कांग्रेस कोटे से राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री मदन मोहन झा और पशुपालन मंत्री अवधेश कुमार सिंह ने राजद अध्यक्ष से मिलकर उनका हालचाल लिया । राजद अध्यक्ष से मिलकर लौटने के बाद शिक्षा मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि जिस समय के मामले की चर्चा अभी की जा रही है, उस समय तो उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव नाबालिग थे । उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि फिर कैसे उप मुख्यमंत्री पर प्राथमिकी दर्ज की गयी । धर्मनिरपेक्ष दलों के नेताओं के खिलाफ इस तरह की साजिश की जा रही है लेकिन इससे कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है और साम्प्रदायिक शक्तियों के खिलाफ एकजुटता के साथ लड़ाई जारी रहेगी। कांग्रेस विधायक दल के नेता सदानंद सिंह ने राजद प्रमुख के आवास से निकलने के बाद कहा कि उनकी पार्टी श्री यादव के साथ मुस्तैदी से खड़ा है । उन्होंने कहा कि राजद अध्यक्ष के खिलाफ जो आरोप है उस पर उन्हें कुछ नहीं बोलना है और यह जांच का विषय हो सकता है लेकिन उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव तो वर्ष 2006 में नाबालिग थे और उस समय की घटना के लिए उन्हें कैसे अभियुक्त बनाया जा सकता है । 

इसी तरह राजद अध्यक्ष श्री यादव से भेट कर लौटने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि सीबीआई की इस कार्रवाई से विपक्षी एकता कमजोर नहीं होगी । उन्होंने कहा कि महागठबंधन के नेता एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चुप्पी तोड़नी चाहिए । विपक्षी की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, जो धर्मनिरपेक्षता पर खतरा है । वहीं महागठबंधन के प्रमुख घटक जदयू के अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब तक इस मामले पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है । जदयू के प्रवक्ता भी इस मामले पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं । राजद अध्यक्ष श्री यादव के 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास के बाहर सुबह से ही अपने अध्यक्ष से मिलने के इंतजार में बड़ी संख्या में खड़े कार्यकर्ताओं को देर शाम उनसे मुलाकात का मौका मिला । राजद अध्यक्ष से मिलने का अवसर मिलते ही सभी कार्यकर्ता उत्साहित हो उठे और जिंदाबाद का नारा लगाते हुए आवास के अंदर प्रवेश कर गये । 

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