सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 19 जुलाई

जनसंख्या स्थिरता माह पर निबंध प्रतियोगिता एवं संगोष्ठी आयेाजित

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जनसंख्या स्थिरता माह-2017 पर निबंध प्रतियोगिता एवं मिषन परिवार विकास कार्यक्रम पर संगोष्ठी का आयोजन शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक .वि़द्यालय सीहोर क्रमंाक-1 में किया गया। निबंध प्रतियोगिता का विषय राष्ट्रीय विकास में जनसंख्या नियंत्रण का महत्व तथा जनसंख्या नियंत्रण जरूरी निर्धारित किया गया था। इस अवसर पर मिषन परिवार विकास विचार संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया । प्रतियोगिता में जहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ने बढ़ चढकर हिस्सा लिया वहीं संगोष्ठी में जिला परिवार कल्याण अधिकारी डाॅ.डी.आर.अहिरवार, डीपीएम श्री धीरेन्द्र आर्य, विद्यालय के प्राचार्य श्री रवीन्द्र बांगरे, डिप्टी मीडिया अधिकारी सुश्री उषा अवस्थी, विद्यालय के एनएसएस प्रभारी  श्री डीके राय, मीडिया सलाहकार श्री शैलेष कुमार ने अपने विचार व्यक्त किए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.आर.के.गुप्ता के दिषा निर्देषन तथा जिला परिवार कल्याण अधिकारी डाॅ.डी.आर.अहिरवार के मार्गदर्षन में आयोजित निबंध प्रतियोगिता में छा़त्राओं ने जनसंख्या नियंत्रण पर विस्तार से अपने विचार निबंध प्रतियोगिता में लिखें । निबंध प्रतियोगिता में करीब 100 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया वहीं छात्रों ने इस संबंध में संबोधित करते हुए देष के विकास में जनसंख्या नियंत्रण की महत्वपूर्ण भागीदारी महत्व पर भी विचार रखें एवं निबंध लिखा। मिषन परिवार विकास संगोष्ठी पर विचार रखते हुए जिला परिवार कल्याण अधिकारी डाॅ.डी.आर.अहिरवार ने कहा भारत में तेजी से बढ़ती जनसंख्या का एक प्रमुख कारण अनचाहा गर्भ भी है। उन्होंने कहा वर्ष 2015 में 1 अरब 28 करोड़ जनसंख्या में से करीब 48 लाख लोग अनचाहे गर्भ का परिणाम थे। संगोष्ठी में विचार रखते हुए डीपीएम श्री धीरेन्द्र आर्य ने कहा जनसंख्या वृद्धि के कारण षिक्षा,स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा प्रदान करने जैसे कार्य अति प्रभावित होते है। उन्होंने कहा भारत ऐसा पहला देष है जहां 1952 में परिवार नियोजन कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर प्रारंभ किया गया था। विद्यालय के प्राचार्य श्री रवीन्द्र बांगरे  ने कहा परिवार कल्याण एवं परिवार नियोजन कार्यक्रम को घर-घर तक पहंुचाया जाना जरूरी है और यह काम हमारे छात्र-छात्राएं बेहतर ढंग से कर सकते हंै। उन्होंने कहा आज की छात्रा कल की ग्रहणी भी होगी इसलिए उसे हर उस पहलू की जानकारी होनी चाहिए जिससे उसका और उसके परिवार का समग्र विकास हो सकें इसमें जनसंख्या नियंत्रण प्रमुख हिस्सा है। जिला मीडिया सलाहकार श्री शैलेष कुमार ने इस अवसर पर कहा भारत में बडे़ पैमाने पर महिलाओं की प्रतिष्ठा उनके बेटे पैदा करने से जोड़ दी गई है। इसलिए परिवार नियोजन के लिए विषेषकर पुरूष वर्ग में और घर के बुजूर्ग जैसे सास-ससुर को जागरूक किया जाना जरूरी है । डीएमईआईओ सुश्री उषा अवस्थी ने कहा  स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीण स्तर पर सास-बहू सम्मेलनों का आयोजन भी किया जाता है। उन्होंने कहा सुरक्षित एवं शैक्षिक परिवार नियोजन हर एक नागरिक का अधिकार है। और यहीं लोगों को सषक्त और देष को विकास की दिषा में लेकर जाने में भागीदार हो सकता है। इस अवसर पर एनएसएस प्रभारी श्री डीके राय सहित छात्र श्री अर्जून पुष्पक एवं श्री अतुल कुमार मालवीय,  श्री राहुल मालवीय ने मिषन परिवार विकास कार्यक्रम तथा जनसंख्या नियंत्रण पर विस्तार से विचार रखें तथा निबंध प्रतियोगिता में बतौर पर्यवेक्षक सहयोग प्रदान किया।


कार्यशाला का आयोजन संपन्न

विकेन्द्रीकृत नियोजन के माध्यम से सीहोर जिले की वार्षिक योजना 2018-19 तैयार करने हेतु समस्त विभागों के जिलाअधिकारियों एवं उनके नोडल अधिकारियों के लिये उन्मुखीकरण कार्यक्रम/कार्यषाला का आयोजन किया गया। राज्य योजना आयोग द्वारा दिये गये नवीन निर्देषो के तहत् सभी पहलुओ ंपर विस्तृत जानकारी जिला योजना अधिकारी श्री संजय लक्केवार द्वारा पाॅवर पाॅईट प्रेजेन्टेषन के माध्यम से दी गई। उनके द्वारा जिले की त्रिवर्षीय कार्य योजना, सात वर्षीय स्ट्रेट्जिक व 15 वर्षीय दीर्घकालिक योजना के निर्माण के बारे मे ंबताया गया। बैठक मे ंराज्य योजना आयोग द्वारा नियोजन से संबंधित प्रक्रिया मे ंकिये गये परिवर्तन जैसे- द्विस्तरीय तकनीकी दलों के निर्माण, सतत् विकास लक्ष्य हेतु किये जाने वाले सामुदायिक प्रयास, अतिगरीव परिवारो का 07-अभाव स्तर पर चयन एवं योजना निर्माण मे ंजन अभियान परिषद की भूमिका तथा नर्मदा सेवा मिषन के उददेष्यों की प्रतिपूर्ती हेतु नर्मदा नदी के संरक्षण एवं संबर्धन हेतु की गईमांग एवं आवष्यकताओ ंको जिला योजना मे ंसम्मिलित करने के बारे मे ंजानकारी दी गई। श्री लक्केवार द्वारा सभी विभागो को निर्देष दिये गये के स्थानीय स्तर पर उठाई गई सामुदायिक अथवा हितग्राहीमूलक योजनाओं से संबंधित समस्त मांगो को संिम्मलित करते हुये जिले की वार्षिक योजना तैयार की जावें।
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