बिहार : सूबे में 41 लोगों की मौत हो गयी, 12 जिले के 65 लाख लोग बेहाल

  • पूर्वी चम्पारण में बाढ़ की चपेट में आने 3 भाइयों की मौत

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रक्सौल। भारत सरकार के अथितिशाला गृह,रक्सौल, भारतीय महावाणिज्य दूतावास,वीरगंज, प्रखंड कार्यालय, कुष्ठ आश्रम, ईसाइयों का गिरजाघर, डेक्कन हॉस्पिटल समेत गांव की स्थिति भयावह है। राहत कार्य शुरू नहीं है। फाकाकंशी में जीवन है।  बिहार बाढ़ से बेहाल है। 12 जिले के 35 प्रखंड के 65 लाख लोग परेशान हैं। अबतक सूबे में 41लोगों मौत हो गयी है। इसमें पूर्वी चम्पारण 3 लोगों  की मौत हो गयी है। तीनों भाई हैं। नेपाल की तराई में है पश्चिम चम्पारण जिले के रक्सौल। नेपाल से छोड़ा जा रहा पानी से लोग बेहाल हो गये हैं। यहां के प्रखंड कार्यालय में पानी प्रवेश कर गया है। इससे अछूता  डेक्कन हॉस्पिटल भी नहीं नहीं है। ट्रेनों का परिचालन रक्सौल स्टेशन से बंद है। डूबाव से ठेंहुनाभर पानी है। इसके कारण आवाजाही  ठप है। बाढ़ की तबाही के आलोक में डेक्कन हॉस्पिटल ने भर्ती मरीजों के विशेष व्यवस्था की गयी है। 1930 से संचालित हॉस्पिटल कर्मियों का कहना है कि यहां पर 310 बेड है। 4 मंजिला हॉस्पिटल है।भर्ती मरीजों को ऊपरी तल्ला पर सुरक्षित शिफ्ट्र कर दी गयी है। इस बीच मरीजों का नाम काटकर छुट्टी नहीं दी जाएगी। सामान्य स्थिति होने पर ही घर भेजा जाएगा।  बगल में ही लिटिल फ्लॉवर लेप्रोरेसी हॉस्पिटल है जो 1982 से संचालित है। कुष्ठ रोगियों को रखा जाता है। संत मदर टरेसा द्वारा संचालित संस्था है मिशनरी ऑफ चैरिटी। यहां पर केरल में रहने वाले फादर ख्रिस्तोदास कार्य करने लगे। कुष्ठ रोगियों के साथ हिलमिलकर कार्य करने का परिणाम फादर ख्रिस्तोदास को भी कुष्ठ हो गया। उत्तरी बिहार और सीमांचल क्षेत्र में आयी बाढ़ से रक्सौल का बुरा हाल है।

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