देश में पांचवीं और आठवीं कक्षा में परीक्षा प्रणाली फिर शुरू होगी

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जयपुर 05 अगस्त, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लक्ष्य को हासिल करने के लिये पांचवी और आठवीं कक्षाओं में परीक्षाएं फिर से आयोजित कराने की घोषणा की है। श्री जावडेकर ने आज यहां देश के पहली बार जयपुर में आयोजित फेस्टिवल आपॅ एजुकेशन का शुभारंभ करते हुये कहा कि केन्द्र सरकार का अगले पांच सालों में देश में अशिक्षा को पूरी तरह ख़त्म करने का इरादा है. साथ ही सरकार नई शिक्षा नीति में सभी सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है । उन्होंने कहा कि पाचवीं और आठवीं कक्षाओं में परीक्षाएं फिर शुरू करने के निर्णय से नौवीं कक्षा में स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी जो अभी करीब 20 प्रतिशत है । उन्होंने कहा कि देश के 24 राज्यों ने इस पर सहमति भी व्यक्त कर दी है । उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में पढाई से ज्यादा सीखने पर जोर दिया गया है और सरकार हर स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करेगी। उन्होंने देश में अगले पांच सालों में सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों का मुकाबला करने योग्य बनाने के संकल्प को दोहराते हुये कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य अच्छे इंसान बनाना होना चाहिए । उन्होंने सतत विकास का लक्ष्य हासिल करने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर शोध और नवाचार की आवश्यकता पर जोर देते हुये कहा केवल वे ही देश आगे बढ़ सकते हैं, जो शोध और नवाचारों को सर्वाधिक महत्व देते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा मनुष्य को ताकतवर बनाती है, जिससे हम समाज और देश में मनचाहा बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति, जाति, धर्म और सम्प्रदाय के आधार पर भेद-भाव किये बिना हर व्यक्ति तक शिक्षा के श्रेष्ठतम अवसरों की पहुँच होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से शिक्षा को रोचक बनाने का प्रयास करने की अपील करते हुये कहा कि इन्हीं कोशिशों का नतीजा है कि देश में शिक्षा की दर जो आजादी के समय 18 प्रतिशत थी वह अब बढ़कर 80 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि मिड डे मील योजना को और कारगर बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं ताकि इस योजना में शामिल 10 करोड़ बच्चों को रोजाना साफ़-सुथरा और स्वादिष्ट भोजन मिल सके। समारोह में राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने शिक्षा के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुये शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों को वैश्विक स्तर पर एक दूसरे के साथ साझा करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कुशलता बढ़ाने के लिए उन्हें समय समय पर प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए । समारोह में संयुक्त अरब अमीरात के संस्कृति और शिक्षा विकास मंत्री शेख नाहयान बिन मुबारक अल नाहयान ने कहा कि लिंग और गरीबी के आधार पर शिक्षा के अवसरों को हासिल करने में भेद-भाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का लक्ष्य व्यक्ति को राष्ट्रीय संसाधन के रूप में विकसित करना होना चाहिए। दो दिन के इस कार्यक्रम में देश भर से नीति निर्माता, विषय विशेषज्ञ, अध्यापक, विद्यार्थी और अभिभावक हिस्सा ले रहे हैं।

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