बगहा में गंडक और सुपौल में कोसी नदी उफान पर, 171 गांव प्रभावित

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बगहा/सुपौल 12 अगस्त, बिहार के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही व्यापक वर्षा के कारण आज बाल्मीकिनगर बराज से दो लाख और कोसी बराज से दो लाख 80 हजार 225 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गंडक और कोसी नदी में उफान से पश्चिम चंपारण एवं सुपौल जिले के निचले इलाके के 171 गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाने से इन इलाकों के लोग ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर शरण लिये हुए हैं । बगहा से यहां प्राप्त सूचना के अनुसार पिछले दो दिनों से नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही वर्षा के कारण बाल्मीकिनगर बराज में पानी का दबाव बढ़ गया था जिसके बाद आज बराज से दो लाख क्यूसेक पानी गंडक नदी में छोड़ा गया है । पानी छोड़े जाने के कारण पश्चिम चंपारण जिले के गंडक नदी के दियारा वाले निचले इलाके के ठकराहा, भितहा, मधुबनी और पिपरासी प्रखंडों के एक सौ अधिक गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इन इलाकों के लोग तटबंध के अलावा ऊंचे एवं सुरक्षित स्थानों पर शरण लिये हुए है । बाढ़ के पानी से दियारा इलाके के हजारों एकड़ में लगी फसलों को भी नुकसान हुआ है । सूत्रों ने बताया कि गंडक के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण पिपरा-पिपरासी तटबंध पर पानी का दबाव बढ़ गया है जहां जल संसाधन विभाग के अभियंता 24 घंटा चौकसी बरत रहे हैं । वहीं जलस्तर में वृद्धि के कारण बगहा नगर के मिर्जा टोली के निकट कटाव स्थल पर पानी का भारी दबाव बना हुआ है । सूत्रों ने बताया कि वही दूसरी ओर लगातार वर्षा के कारण जिले के पहाड़ी नदी भपसा और मनोर के जलस्तर बढ़ने से बाल्मीकिनगर टाईगर रिजर्व के जंगलों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है । वन एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारी इस पर नजर बनाये हुए हैं । वहीं सुपौल से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार कोसी नदी में आये उफान के कारण जिले के सरायगढ़ , मरौना, बसंतपुर समेत कई प्रखंडों के 30 पंचायतों के 71 गांव में बाढ़ का ताजा पानी फैल गया है । पानी के कारण इन गांवों के 310 कच्चे मकान ध्वस्त हो गये है । आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि कोसी बराज से आज दो लाख 80 हजार 225 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है । बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिये गये हैं और 171 नावों का परिचालन किया जा रहा है । प्रभावित इलाकों के 2350 लोगों सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। 

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