दारोगा सहित दस हजार पुलिसकर्म्मियों की बहाली शीघ्र : रघुवर

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दुमका-राॅची (अमरेन्द्र सुमन) झारखंड पुलिस देश की सबसे आधुनिक और विश्वसनीय पुलिस बने। हमारी पुलिस आधुनिक, साज-शस्त्र से लैश तथा मानव संसाधन से परिपूर्ण होगी। 10 हजार पुलिस बल दरोगा सहित और बहाल किये जायेंगे। यह बात राज्य के मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने रांची के जैप-1 में आयोजित झारखंड पुलिस अलंकरण परेड समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस बल को सम्बोधित करते हुये कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के दो पड़ोसी देश पाकिस्तान और चीन छद्म युद्ध छेड़े हुये हैं जिसका बहादुरी से हमारी सेना और अर्द्धसैनिक बल जवाब दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा में पुलिस बल और अर्द्धसैनिक बलों की अहम भूमिका है। *मुख्यमंत्री ने उग्रवाद पर कारगर लगाम तथा उग्रवादी घटनाओं में 50 प्रतिशत से अधिक कमी पर पुलिस बल को बधाई दिया। उन्होंने कहा कि आज भी चुनौतियां बड़ी हैं। उग्रवादियों द्वारा लेवी के नाम पर किये जा रहे आर्थिक अपराध पर कुठाराघात करना है। लेवी के पैसे से मासूम युवाओं को गुमराह कर नक्सल गतिविधियों में उपयोग होता है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की पुलिस अपराधियों की दुश्मन और नागरिकों के सच्चे दोस्त बनें।


मुख्यमंत्री ने *बंगलादेशी घुसपैठ मामले पर दो टूक कहा कि इसे रोकना ही नहीं वरन घुसपैठियों को चिन्हित कर उन्हें वापस बंगलादेश भेजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल वोट बैंक के लिये अवैध घुसपैठ को बढ़ावा दे रहे हैं तथा भ्रष्ट अधिकारियों के सहयोग से उनके पहचान पत्र, वोटर आईडी भी बन रहे हैं। पर अब यह नहीं चलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संगठित अपराध और  कोयला क्षेत्र में अवैध कोयला व्यापार बन्द होगा। मुख्यमंत्री ने पुलिस कर्मियों, सहायक पुलिस, बाल आरक्षी आदि की नियुक्ति पर नियुक्ति पत्र देते हुये आह्वान किया कि वे ईमानदारी, जवाबदेही के साथ कार्य करें। उन्हें सम्मान मिले। उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी वर्दी पर कोई दाग ना लगने दे। मुख्यमंत्री ने आज राज्यस्तर पर 100 डायल तथा नागरिक सेवायें समधान का आॅनलाइन उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि जनता जब 100 नम्बर डायल करे तो जिम्मेदारी से जवाब मिले। कोई षिकायत ना आये। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पिता यह निश्चिंत रहे कि उसकी बेटी अगर बाहर गई है तो सुरक्षित वापस आयेगी। महिलायें सोना जेवर आदि धारण कर जब चाहे जहां चाहे जाय। हमारी पुलिस उनकी सुरक्षा के लिये तत्पर रहे। अपराधियों को झारखंड से खदेड़ दिया जाय।  मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस आम जनता गरीब जनता के साथ भी वैसा ही व्यवहार करे जो साधन संपन्न बुद्धिजीवियों के साथ करती है वस्त्र देखकर व्यवहार ना बदलें। उन्होंने कहा कि थाना दलालों से बिचैलियों से मुक्त रहे। प्रत्येक माह थाना में शांति समिति की बैठक हो। शांति समिति में शहर के सभी वर्गों के लोग हों जिनका समाज पर प्रभाव हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस सभी जन प्रतिनिधियों चाहे वह पंचायत के हों या विधायक, सांसद उनकी बात भी सुनें और कानून के दायरे में उनकी बातों का और सुझावों पर अमल हो पुलिस पैरवी और दलालों से मुक्त हो निर्भीक हो गांव के मानकी, मुण्डा, पाहन आदि से भी नियमित संवाद करें। जन सहयोग से पुलिस की शक्ति भी बढ़ेगी और पुलिस पर लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति से वीरता पदक पाने वाले पुलिस अधिकारियों तथा अन्य को बधाई देते हुये कहा कि यह सभी के अनुकरणीय होना चाहिये। सेवा में सम्मान मिले इसलिये हमें अपने कार्योंं में ईमानदारी रखनी चाहिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईमानदारी की रोटी में सात्विक दूध और बेईमानी में आह का खून मिलता है। इस स्वतंत्रता दिवस पर हम सभी यह संकल्प लें कि हमें उग्रवाद और अपराध मुक्त झारखंड बनाना है।  कार्यक्रम में बोलते हुये मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा ने कहा कि पुलिस वर्दी के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा और आर्थिक प्रगति दोनो में ही पुलिस की बड़ी भूमिका है। महिला सुरक्षा और साइबर क्राईम की चुनौतियां है। सशस्त्र, प्रशिक्षित और आधुनिक पुलिस जो पर्याप्त मानव बल से युक्त हो हर चुनौती का सामना कर सकती है। पुलिस के आवासन सहित सभी कार्यों में जो भी आवष्यकता है सरकार उसे पूरा कर रही है। उन्होंने नवनियुक्त पुलिसकर्मियों सहित सभी जिम्मेवार लोगों से कहा कि आपके होने में माता-पिता का जो योगदान है उसे ना भूलें। उनका सम्मान आदर और उनकी सेवा को सर्वोपरि महत्व दें। 



पुलिस राष्ट्र प्रेम, स्वाभिमान और बहादुरी के जज्बे के लिये जानी जाती है। पुलिस अपने गौरव को हमेशा उन्नत और प्रशस्त रखें।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुये पुलिस महानिदेषक ने कहा कि राज्य की सुरक्षा तथा आर्थिक प्रगति में योगदान दे रहे लोगों और विकास योजनाओं की सुरक्षा हमारी जिम्मेवारी है। पहली बार राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के 13 फोकस क्षेत्र के बच्चों/युवाओं को पुलिस से जोड़कर एक सका रात्मक पहल की गई है। साधन संपन्न और प्रोफेसनल पुलिस सेवा बनाकर राज्य के लिये पुलिस का नया आयाम बनाना है। कार्यक्रम को गृह विभाग के प्रधान सचिव श्री एस0के0जी0 रहाटे ने भी संबोधित किया तथा कहा कि पुलिस को साधन संपन्न एवं प्रोफेसनल बनाने में सरकार हर संभव कार्रवाई करेगी।  अलंकरण समारोह में 56 पुलिस अधिकारियों, कर्मियों को सम्मानित किया गया। उनमें राष्ट्रपति पुलिस पदक, वीरता एवं सराहनीय सेवा के लिये पुलिस पदक पुलिस अधिकारियों एवं मरणोपरान्त पुलिस जवान के परिजन को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। इस अवसर पर कर्मचारी चयन आयोग द्वारा 5 हजार चयनित पुलिस कर्मियों को नियुक्ति पत्र दी गई। इनमें से मुख्यमंत्री ने 36 पुलिस कर्मियों को नियुक्ति पत्र दिया। 2500 सहायक पुलिस को भी नियुक्ति पत्र दिया गया। तीन वर्षों के लिये संविदा पर नियुक्त सहायक पुलिस कर्मियों में जो बेहतर कार्य करेंगे उन्हें पुलिस नियुक्ति में प्राथमिकता दी जायेगी। अनुकम्पा पर 35 आरक्षी एवं बाल आरक्षी को भी मुख्यमंत्री ने नियुक्त पत्र सौंपा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने झारखंड पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन द्वारा निर्मित विभिन्न भवनों का आॅनलाईन उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने डायल 100 तथा नागरिक सेवायें समाधान मोबाईल एप्प का भी आॅनलाईन उद्घाटन किया।  कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के अलावे राज्य की मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव श्री एस0के0जी0 रहाटे, पुलिस महानिदेशक श्री डी0के0पांडेय, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री संजय कुमार, पुलिस हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक श्री के0एस0मीणा अपर पुलिस महानिदेशक श्री रेजी डुंगडुंग, सहित पुलिस विभाग के आला अधिकारी बड़ी संख्या में पुलिस बल के जवान, पुलिस परिवार के सदस्य उपस्थित थे।
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