बिहार में एक से अधिक जगह के मतदाताओं का सूचि से हटेगा नाम

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पटना 16 अगस्त, बिहार निर्वाचन विभाग ने राज्य में एक से अधिक जगह पर पंजीकृत मतदाताओं का सूचि से नाम हटाने, संशोधन एवं स्थानांतरण की सुविधा एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने के लिए आज ईआरओनेट पोर्टल लांच किया। उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विवेकानंद झा ने यहां पोर्टल की लांचिंग पर कहा कि यह मतदाता सूचि प्रबंधन के लिए अखिल भारतीय प्लेटफॉर्म है। इसके माध्यम से एक से अधिक जगह पर पंजीकृत मतदाताओं की पहचान कर उनका दूसरा पहचान पत्र रद्द करना आसान हाे जाएगा। साथ ही इससे चुनाव आयोग देश के सभी राज्यों के 36 मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, 661 जिला निर्वाचन पदाधिकारी, एवं 7500 निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों द्वारा 14 भाषाओं एवं 11 लिपियों में किये जो रहे सूचि प्रबंधन कार्य की निगरानी कर सकता है। श्री झा ने बताया कि इस पोर्टल के जरिये कोई मतदाता यदि पहले से किसी राज्य के किसी भी विधानसभा क्षेत्र में पंजीकृत हैं और दुबारा किसी दूसरे क्षेत्र के निर्वाचक के रूप में अपना नाम पंजीकृत कराने का आवेदन करते हैं तो स्वत: उनके पूर्व पंजीकरण से संबंधित सभी सूचनाओं का पता चल जाएगा। उन्होंने कहा कि पहचान होने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत मतदाता से किसी एक स्थान का पहचान पत्र रखने के बारे में पूछा जाएगा और जवाब आने के बाद दूसरे क्षेत्र की सूचि से उनका नाम हटा दिया जाएगा। पदाधिकारी ने बताया कि पोर्टल के माध्यम से मतदाता निर्वाचक सूचि में अपना पंजीकरण, नाम एवं अन्य जानकारियों में संशोधन, एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर पहचान पत्र का स्थानांतरण करवा सकते हैं। इसके लिए राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल के जरिये ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा मतदाता ईआरओ, एईआरओ और बीएलओ के द्वारा पहले की तरह भी आवेदन कर सकते हैं। श्री झा ने बताया कि पोर्टल से चुनाव आयोग के लक्ष्य के अनुरूप सभी राज्यों में त्रुटिरहित निर्वाचक सूचि का निर्माण संभव हाे सकेगा। उन्होंने बताया कि दो स्थानों पर पंजीकृत मतदाताओं का नाम किसी एक क्षेत्र की सूचि में ही रखने से राज्य में मतदाताओं की संख्या में भी कमी आएगी। उन्होंने बताया कि पोर्टल लांच होने की तिथि तक बिहार में मतदाताओं की संख्या छह करोड़ 93 लाख छह हजार 944 हैं। 

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