दरभंगा : छात्रों और पत्रकारों को डाक्टरों ने पीटा


  • मामला एक एक बच्चे की मौत का, सवाल करने पर डाक्टरों ने अस्पताल में गुंडागर्दी मचाई 
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दरभंगा के डीएमसीएच में इलाज़ के दौरान बरती गई लापरवाही के कारण एक बच्चे की हुई मौत से गमजदा परिजनों के बुलावे पर पहुंचे मिथिला स्टूडेंट यूनियन के कार्यकर्त्ताओं के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। साथ ही इस मारपीट के वाक्यात को कैमरे में कैद कर रहे स्थानीय चैनल के एक पत्रकार का कैमरा छीनकर उसके साथ भी मारपीट की गयी है । जिस संदर्भ में उक्त पत्रकार का आरोप है कि उसे बंद कमरे में बाँध कर मारा-पीटा गया है। सूचना मिलने पर कुछ पत्रकारगण जब पुलिस के साथ डीएमसीएच पहुँचे, तब कहीं जाकर उस पत्रकार की जान बच पायी। फिलहाल घायल एमएसयू के कार्यकर्ताओं का इलाज़ इमरजेंसी में चल रहा है । उधर समाचार लिखे जाने तक घायल पत्रकार द्वारा बेंता ओपी में प्राथमिकी दर्ज करवाने की प्रक्रिया चल रही है। घटना के संदर्भ में बताया जाता है कि सिंहवाडा प्रखंड के अतरबेल निवासी बबन यादव ने मिशू के कार्यकर्ताओं को जानकारी दी कि नर्स के लापवाही के कारण उनके भांजा राकी यादव की मृत्यु डीएमसीएच में इलाज के दौरान हो गई है। नर्स पर आरोप है कि उसने गलत सूई का प्रयोग किया था। फिर जब मिशू के कार्यकर्ता डीएमसीएच पहुँचे, तो वहाँ पहले से ही पुलिस मौजूद थी। जिसने इन कार्यकर्ताओं पर मामले को रफा-दफा करने का दबाव भी बनाया। लेकिन येलोग नहीं माने। फिर जब येलोग शिशू विभाग में प्रवेश करने लगे, तो अपने-आपको डाक्टर एशोसिएशन का चेयरपर्सन बताने वाले एक डाक्टर द्वारा इनलोगों को गेट पर ही रोक दिया गया। कहते हैं कि इसी बीच डीएमसीएच परिसर स्थित हास्टल से सैकडों की तादाद में आए मेडिकल के छात्रों ने इनलोगों पर जानलेवा हमला कर दिया। पत्रकारों के कैमरे छीन लिए गए और इन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया। जिस मारपीट के दौरान मिशू के जिलाध्यक्ष अमित कुमार समेत अविनाश कुमार, सागर नवदिया एवं जयप्रकाश झा गंभीर रुप से जख्मी हो गए। फिर भी पुलिस मूक-दर्शक बनकर खडी रही।

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