लालू का भागलपुर में नुक्कड़ नाटक साबित होगा आत्मघाती : नीतीश कुमार

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पटना, 11 सितम्बर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सृजन घोटाले के विरोध में कल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव की भागलपुर में की गई जनसभा को ‘नुक्कड़ नाटक’ बताया और कहा कि यह उनके लिए आत्मघाती साबित होगा । श्री कुमार ने आज यहां अपने आवास पर आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि श्री लालू प्रसाद यादव ने भागलपुर में नुक्कड़ नाटक किया है। यह उनके लिए आत्मघाती साबित होगा । उन्होंने कहा कि घोटाले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) कर रही है । किसी को इस जांच पर भरोसा नहीं है और अदालत से जांच की निगरानी चाहते हैं तो वे उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय जायें । अदालत जांच की निगरानी करे यह कहना बिहार सरकार के क्षेत्राधिकार में नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि घोटाले का खुलासा उन्होंने किया था । चार-पांच दिन की जांच में जैसे ही लगा कि घोटाला बहुत बड़ा है तो उन्होंने तुरंत इसकी सीबीआई से जांच कराने की अनुशंसा कर दी। उन्होंने कहा कि जिनके पास सृजन घोटाले में उनके या किसी और के खिलाफ कोई सबूत हैं तो वह उसे सीबीआई को क्यों नहीं देते । सीबीआई जांच कर रही है। वह अपनी जांच में उस सबूत का इस्तेमाल कर सकती है।



श्री कुमार ने उत्तर बिहार और सीमांचल में इस साल आयी बाढ़ का जिक्र करते हुए कहा कि बाढ़ से राज्य को काफी नुकसान हुआ है। राज्य के 19 जिलों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुयी, जहां 187 प्रखण्डों के 2371 पंचायतों के अन्तर्गत एक करोड़ 71 लाख 64 हजार लोग प्रभावित हुये। प्रभावितों को सहायता देने के लिए राज्य सरकार की ओर से युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को सरकार की ओर से प्रति परिवार 6 हजार रूपये का नगद अनुदान आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से दिया जा रहा है। अब तक 13 लाख परिवारों को अनुदान दिया जा चुका है और आने वाले एक सप्ताह में सभी पीड़ितों को अनुदान उपलब्ध करा दिया जायेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी 26 अगस्त को प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर पूर्णिया में एक बैठक की थी। इस दौरान प्रधानमंत्री को बाढ़ से हुयी क्षति की जानकारी दी गयी थी। श्री कुमार ने कहा कि इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से एक ज्ञापन तैयार कर केन्द्र को आज भेजा गया है। उन्होंने कहा,“हमने व्यावहारिक रूप से नियम एवं परम्पराओं के आधार पर केन्द्र सरकार से सीमित राशि की मांग की है। सरकार ने आपदा पीडि़तों के बीच राहत वितरण के लिएअपने खजाने से 2451 करोड़ रूपये अतिरिक्त उपलब्ध कराया है। व्यावहारिक नजरिया अपनाते हुये हमने केन्द्र सरकार से 7,636 करोड़ रूपये की आशा प्रकट की है, जो मिलना चाहिये।” 

मुख्यमंत्री ने बाढ़ के बाद संभावित जलजनित बीमारियों के संदर्भ में कहा कि बाढ़ग्रस्त इलाकों में पानी घटने पर कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। इसके लिये पानी में डी0डी0टी0 का छिड़काव किया जाता है तथा लोगों को दवाई उपलब्ध करायी जाती है। आपदा विभाग इन सभी चीजों का समन्वय कर रहा है। इस संबंध में प्रतिदिन रिपोर्ट ली जा रही है। श्री कुमार ने कोशी त्रासदी की चर्चा करते हुए कहा कि त्रासदी में केन्द्र से एक हजार दस करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता मिली थी।यह बुनियादी राहत कार्य के लिये मिला था। बाकी जो राशि की मांग राज्य सरकार ने की थी, वह अबतक नहीं मिली है। त्रासदी से प्रभावित लोगों की मदद के उद्देश्य से राज्य सरकार ने विश्व बैंक से कर्ज लेकर राहत एवं बचाव कार्य किया था। नोटबंदी के संदर्भ में पूछे गये एक सवाल के जवाब में श्री कुमार ने कहा कि नोटबंदी का असर लंबे अवधि में दिखेगा। नोटबंदी से किसके पास कितना पैसा है, इसके बारे में उन्हें समझाना तो होगा ही। नोटबंदी गरीबों को अच्छा लगा था। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद अब बेनामी संपति पर हमला शुरू हो गया है। बेनामी संपति पर जब पूरे देश में हमला होगा तथा बेनामी संपति को जब्त किया जायेगा तो इसका और फायदा होगा। 

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