हम भ्रष्टाचार को उखाड़ फेकेंगे : गड़करी

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रांची, 11 सितंबर, केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आज यहां परोक्ष रूप से कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस देश में लंबे समय तक एक परिवार की राजनीति हावी रही और अब देश में नरेन्द्र मोदी सरकार भ्रष्टाचार को उखाड़ फेंकने के लिए कटिबद्ध है। केन्द्रीय सड़क परिवहन, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं जहाजरानी तथा जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री गडकरी ने आज यहां रघुवर दास सरकार के एक हजार दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में ढाई हजार करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं समेत कुल 5500 करोड़ रुपये की आधारभूत परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण करते हुए यह बात कहीं। गडकरी ने रघुवर सरकार को पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर एक लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं का तोहफा देने की भी बात कहीं। गडकरी ने कहा, ‘‘इस देश में आजादी के बाद लंबे समय तक परिवार की राजनीति हुई। एक पार्टी और एक परिवार का शासन चलता रहा। गरीबी हटाओ के नारे लगते रहे लेकिन गरीबी नहीं हटी। गरीबी भी केवल कुछ नेताओं और उनके करीबियों की ही दूर हुई।’’ उन्होंने दावा किया, ‘‘अब देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार चल रही है। जहां भ्रष्टाचार का कोई स्थान नहीं है। हम भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेकेंगे।’’ अपने मंत्रालय का उदाहरण देते हुए गडकरी ने कहा ‘‘मेरे मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण साढ़े छह लाख करोड़ रुपये के ठेके दे चुका है लेकिन एक भी ठेकेदार को काम लेने के लिए मेरे दफ्तर आने की जरूरत नहीं पड़ी।’’ उन्होंने कहा कि अब देश बदल रहा है यहां सब कुछ पारदर्शी और भ्रष्टाचार विहीन तरीके से होगा।


गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें नदी विकास विभाग का दायित्व भी दिया है जिसके तहत देश में नदियों को आपस में जोड़ने की परियोजना को मूर्त रूप देना है। गडकरी ने कहा कि हर साल देश में बाढ़ आती है और नदियों को आपस में जोड़ना ही इस समस्या का हल है। उन्होंने कहा कि नदियों को जोड़ने की तीस परियोजनाएं हैं और आने वाले तीन महीने के भीतर पांच परियोजनाएं प्रारंभ करने जा रहे है और सभी का शुभारंभ प्रधानमंत्री मोदी करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘इनमें से पहली परियोजना ब्रह्मपुत्र नदी को पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, छत्तीसगढ़ होते हुए कावेरी तक जोड़ देने की है जिससे ब्रह्मपुत्र का बाढ़ के समय का अतिरिक्त पानी देश के अन्य हिस्सों में ले जाया जा सकेगा और उत्तर पूर्व के बड़े हिस्से को बाढ़ से बचाया जा सकेगा।’’ सिंचाई परियोजनाओं के विकास पर जोर देते हुए गड़करी ने कहा कि जब तक झारखंड में 50 प्रतिशत खेती की भूमि सिंचाई आधारित नहीं होगी तब तक पैदावार में दोगुनी वृद्धि नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे यहां महाराष्ट्र में सिंचाई की सुविधा वाली कृषि भूमि 22 प्रतिशत है जबकि झारखंड 20 प्रतिशत के साथ आखिरी पायदान पर है।’’ उन्होंने कहा कि हमारा ध्यान सिर्फ विकास पर है और परिवहन विभाग में तो सरकार क्रांतिकारी परिवर्तन करने जा रही है।
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