झारखण्ड : नक्सली बंद का झारखंड में मिलाजुला असर

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रांची 20 दिसम्बर, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) उग्रवादियों ने ‘ऑपरेशन ग्रीन हंट’ के विरोध में आज झारखंड-बिहार बंद का झारखंड में मिलाजुला असर देखा गया। राजधानी रांची में बंद का कोई कोई खास असर नहीं देखा गया लेकिन लंबी दूरी के वाहन नहीं चले। रांची से सुबह में पलामू, जमशेदपुर, गुमला, हजारीबाग के लिए खुलने वाली एक भी बस नहीं खुलीं। सभी वाहन पड़ाव में ही खड़े रहे जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। नक्सलियों के बंद की वजह से कुडू, लोहरदगा, चंदवा, खूंटी, मुरहू, सिमडेगा, बुंडू, तमाड़ क्षेत्र में दुकानें बंद रही। रेलवे ट्रैक पर पहले ही अलर्ट घोषित कर दिया गया था । गिरिडीह जिले के मधुबन थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने कई पोस्टर चिपकाए जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। वहीं मीरजाडीह गांव में नक्सलियों ने एक मोबाइल टावर को भी उड़ा दिया। इधर, चाईबासा में दस किलोग्राम के पांच बम बरामद किए गए हैं।  गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार झा ने बताया कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मीरजाडीह गांव में बीती रात एयरटेल-वोडाफोन के संयुक्त मोबाइल टावर को उड़ाने की कोशिश की गई है। मामले की पूरी जांच की जा रही है। गिरिडीह से नक्सल पोस्टर भी बरामद किये गये हैं। जिले के कराईकेला थाना क्षेत्र स्थित पोड़ाहाट जंगल से बुधवार की सुबह सुरक्षा बलों ने पांच आईईडी बमों को बरामद किया है। केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बदल (सीआरपीएफ) के कमांडेंट अरुण झा ने बताया कि दस-दस किलोग्राम के पांच बम बरामद किए गए हैं। बम सुरक्षा बलों को बड़ा नुकसान पहुंचाने के लिए लगाए गए थे। बरामद बम कराईकेला थाना क्षेत्र में सड़क के नीचे लगाए गए थे। सुरक्षा बलों ने सभी बमों को डिफ्यूज कर दिया है। 

रामगढ़ जिले के रजरप्पा और उरीमारी में नक्सलियों की बंदी से कोयला ढुलाई प्रभावित हुई है। कई जगहों पर ढुलाई का काम ठप रहा। बंद को देखते हुए डालटनगंज-रांची और डालटनगंज-औरंगाबाद मुख्य पथ पर एक भी यात्री बसों का परिचालन नहीं हो पाया। सारी बसें यात्री पड़ाव में खड़ी रही। बाजारों पर भी बंद का प्रभाव पड़ा जिससे व्यवसाय प्रभावित हुआ।  नक्सली बंद का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिला। सुदूरवर्ती पांकी, मनातू, तरहसी, हुसैनाबाद, छत्तरपुर, मोहम्मदगंज, हरिहरगंज में नक्सली बंद का व्यापक असर पड़ा। इस इलाके की छोटी-बड़ी सभी तरह की दुकानें बंद रही। बिहार में नक्सली घटना को देखते हुए पलामू जिले में स्थित डालटनगंज सहित अन्य रेलवे स्टेशनों पर नक्सली बंद से निपटने के लिए कई ऐहतियाती कदम उठाए गए थे। ट्रेनों का परिचालन से पूर्व रेलवे लाइन और पटरियों की विशेष जांच की जा रही थी। संवेदनशील स्टेशनों पर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया था। साथ ही किसी भी घटना की सूचना मिलने पर पुख्ता पुष्टि करने के बाद भी घटनास्थल पर रवाना होने का निर्देश पुलिसकर्मियों को दिया गया था।  नक्सली बंद का खासा असर आज राज्य के सर्वाधिक नक्सल प्रभावित चतरा जिले में भी देखा गया। हालांकि जिले से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है लेकिन जनजीवन पर बंद का व्यापक असर देखा गया। जिले में शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी बंद को लेकर सन्नाटा पसरा रहा तथा शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों की कई दुकाने बंद रही। वाहनों का आवागमन पूर्णतः ठप रहा। दूसरी ओर यात्री एवं मालवाहक गाड़ियों के चक्के भी पूरी तरह से थमे रहें। चतरा की महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 99 एवं 100 पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। चतरा के मगध एवंआम्रपाली कोल परियोजना तथा पिपरवार के सीसीएल की खदानों में भी कोयलें का उत्पादन और ढुलाई का कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो जाने के कारण करोड़ों के नुकसान की संभावना जताई गई है। 
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