कमजोर पड़ा ओखी, कल तक गुजरात पहुंचने की संभावना

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गांधीनगर/सूरत, 05 दिसंबर, दक्षिण भारत में व्यापक तबाही मचाने के बाद गुजरात की ओर बढ़ रहा समुद्री तूफान ओखी कमजोर होकर अब गहरे ‘निम्न दबाव के क्षेत्र’ (डीप डिप्रेशन) में बदल गया है और अब इसके संभवत: सामान्य निम्न दबाव के तौर पर कल गुजरात से गुजरने की संभावना है। इसके बावजूद राज्य तंत्र ने एहतियाती तौर पर इसके चलते किसी तरह के नुकसान की आशंका से निपटने के लिए व्यापक कदम उठाये हैं। राज्य आपात संचालन केंद्र से मिली सूचना के अनुसार शाम छह बजे जब ओखी सूरत तट से 310 किमी दक्षिण दक्षिण पश्चिम दिशा में स्थित था तभी यह तूफान की बजाय गहरे निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल गया इसके आगे बढने की गति 21 किमी प्रति घंटे से घट कर 15 किमी प्रति घंटा हो गयी है।  हालांकि इसके असर से राज्य के तटीय इलाकों में हो रही वर्षा के चलते सूरत समेत कई स्थानों पर स्कूलों में आज और कल छुट्टी की घोषणा कर दी गयी है। सूरत हवाई अड्डे से आने जाने वाली सभी नौ उड़ानों को रद्द कर दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कल सूरत के लिंबायत में प्रस्तावित चुनावी सभा को भी रद्द कर दिया गया है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने सूरत में डेरा डाल दिया है। वहां समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने कहा कि 1600 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। समुद्र में गयी लगभग सभी नौकाएं वापस लौट आयी हैं। उन्होंने भी तूफान के कमजोर पड़ जाने की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री स्वयं भी स्थिति पर करीबी नजर बनाये हुए हैं।

वैसे सेना, नौसेना, वायुसेना, बीएसएफ, एनडीआरएफ और राज्य आपदा राहत प्रतिक्रिया बल यानी एसडीआरएफ तथा राज्य पुलिस को सतर्क कर दिया गया है। अहमदाबाद मौसम केंद्र के निदेशक जयंत सरकार ने बताया कि दोपहर तक ओखी सूरत से दक्षिण दक्षिण पश्चिम में 350 किमी की दूरी पर था और 21 किमी प्रति घंटे की गति से आगे बढ रहा था। गुजरात तट से टकराने तब तक इसके कमजोर पड़ कर सामान्य दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो जाने की संभावना है और हवा की रफ्तार घट कर 60 से 65 किमी प्रति घंटा या इससे भी कम रह जायेगी। उधर राज्य के मुख्य सचिव जे एन सिंह ने आज गांधीनगर के राज्य आपात संचालन केंद्र में एक बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। इसके बाद राजस्व विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने बताया कि स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ की कुल 6 टीमे तैनात की गयी हैं जिनमें से 2 सूरत तथा नवसारी, भावनगर, अमरेली और वलसाड में एक एक हैं। समुद्र में गयी लगभग सभी 13 हजार नौकाएं वापस तटों पर आ गयी हैं। मूंगफली समेत अन्य कृषि उत्पाद को बचाने के लिए उपाय किये गये हैं। सूरत में तटवर्ती 145 गांवों में पुलिस तैनात कर दी गयी है। वहां स्कूलों में आज और कल छुट्टी भी घोषित कर दी गयी है। 13 लाख लोगों को एसएसएस अलर्ट भेजे गये हैं। 29 गांवों के लोगों को जरूरत पड़ने पर उन्हीं गांवों में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जायेगा। भरूच में सात हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। बारिश का जोर कल के बाद घट जाने की पूरी संभावना है। एहतियाती उपायो में कोई ढील नहीं दी जा रही है।

सूरत के कलेक्टर महेन्द्र पटेल ने तटीय क्षेत्राें में सरकारी क्षेत्र की ओएनजीसी समेत तेल, गैस और रासायनिक क्षेत्र की 11 कंपनियों समेत अन्य को एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिये हैं। समझा जाता है कि इनमें से पांच में 24 घंटे तक उत्पादन बंद रहेगा। उन्होंने बताया कि इनमें गैस के रिसाव और आग की आशंका को टालने के लिए विशेष निर्देश दिये गये हैं। ओएनजीसी के समुद्र के भीतर के काम को कुछ समय तक रोका जा सकता है। केरल से भटक कर इधर आयी 50 नौकाएं भी वेरावल तट पर हैं। उधर सौराष्ट्र में वेरावल तट के नजदीक कल रात वापस लौट रही एक नौका डूब गयी पर इसमें सवार 8 मछुआरों को बचा लिया गया। ओखी के प्रभाव से राज्य के सूरत, नवसारी, गिर सोमनाथ, भरूच, तापी, भावनगर, वलसाड समेत नौ तटीय जिलों के 85 तालुका में बरसात दर्ज की गयी इनमें से आज 52 तथा कल 33 में हुई थी। सर्वाधिक वर्षा 36 मिमी वलसाड के धर्मपुर में हुई है। मौसम विभाग ने दक्षिण गुजरात और तटीय सौराष्ट्र में आज कई स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी भी जारी की है। अहमदाबाद, पंचमहाल समेत कई गैर तटीय जिलों में भी बादल वाले मौसम और वर्षा का दौर जारी है। प्रत्येक तटीय जिले और तालुका में विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है। ओखी के कारण गुजरात मैरीटाइम बोर्ड ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों गत 22 अक्टूबर को शुरू हुई घोघा-दहेज रो रो फेरी सेवा (खंभात की खाड़ी में स्टीमर सेवा) तथा ओखा और तीर्थ स्थल बेट द्वारका के बीच चलने वाली नौकाओं को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है। मौसम विभाग ने समुद्र के बहुत उथल पुथल भरा रहने तथा इसमे एक से दो मीटर तक ऊंची लहरे उठने की बात कही है।

उधर, ओखी के चलते मौसम में बदलाव के कारण दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में विधानसभा चुनाव प्रचार भी प्रभावित हुआ है। इसके चलते भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आज होने तीन-तीन सभाएं, राजस्थान की मुख्यमंत्री विजयराजे सिंधिया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सूरत की तथा कांग्रेस के राजबब्बर की जूनागढ़ की एक सभा समेत कई सभाएं रद्द की गयी हैं। इसके अलावा रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और अभिनेता सह सांसद परेश रावल की सभाएं भी रद्द की गयी है। खराब मौसम के चलते श्री गांधी का विमान भी आज कंडला की जगह भुज हवाई अड्डे पर उतरा। वह आज केवल एक ही सभा कर सके। उनके कल के कार्यक्रमों को भी एहतियाती तौर पर रद्द किया गया है। वह दौरा रद्द कर दिल्ली लौट गये। अब वह 8 दिसंबर से फिर 4 दिन के दौरे पर गुजरात आयेंगे। उधर श्री माेदी की कल सूरत की लिंबायत सभा को रद्द कर दिया गया है जबकि धंधुका, नेत्रंग और दाहोद की सभाओं को फिलहाल रद्द नहीं किया गया है। सूरत की सभा सात दिसंबर को हाेगी। गुजरात में पहले चरण में नौ दिसंबर को दक्षिणी और सौराष्ट्र क्षेत्र में ही चुनाव होना है। इसके लिए प्रचार की आखिरी तिथि सात दिसंबर तक ही है।
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