बिहार में कांग्रेस को प्रभावी बनाने की कवायद तेज

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पटना 13 जनवरी, बिहार में कांग्रेस को प्रभावी बनाने और पुराने नेताओं को फिर से पार्टी में वापस लाने की कवायद तेज हो गई है और इसके मद्देनजर आज पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक हुई। कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह के आवास पर वरिष्ठ नेताओं की हुई बैठक में बिहार में पार्टी को कैसे प्रभावी बनाया जाये और भूले-बिसरे निष्ठावान कांग्रेसियों को फिर से घर वापसी को लेकर शुरू होने वाली ‘आमंत्रण यात्रा’ पर लंबी चर्चा हुई। बैठक में प्रदेश के प्रभारी अध्यक्ष कौकब कादरी, पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार, राष्ट्रीय प्रवक्ता शकील अहमद, राष्ट्रीय पैनलिस्ट प्रेमचंद मिश्रा, पूर्व मंत्री डॉ. मदन मोहन झा, अवधेश कुमार सिंह, कृपानाथ पाठक के साथ पार्टी के सभी विधायक और विधान पार्षद उपस्थित थे। हालांकि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी राज्य से बाहर रहने की वजह से इस बैठक में शामिल नहीं हो सके। बैठक के बाद श्री सिंह ने बताया कि इस दौरान राष्ट्रीय और प्रदेश स्तरीय मुद्दों पर संघर्ष करने की आम राय बनी। यह भी निर्णय हुआ कि प्रखंड, जिला और प्रांत स्तरीय संघर्ष समिति बनायीं जाये और जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर आक्रामक संघर्ष किया जाये ताकि कांग्रेस अपनी खोयी हुयी जमीन को जनता के समर्थन से पुनः प्राप्त कर सके। दूर हुए निष्ठावान साथियों को पुनः पार्टी से जोड़ने के लिए आमंत्रण यात्रा शुरू की जयेयी। कांग्रेस नेता ने कहा कि राजद के साथ कांग्रेस का सम्बन्ध यथावत जारी रहेगा। देश में धर्मनिरपेक्ष शक्तियों के साथ कांग्रेस और राजद एकजुट है। राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय जनता पार्टी के विरोध में इन शक्तियों का एकजुट रहना भी राष्ट्रहित में है। उन्होंने कहा कि अगले चुनावों में सीटों का बंटवारा करने के लिए केन्द्रीय नेतृत्व अधिकृत हैं। सभी मुद्दों पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का फैसला सर्वमान्य है। 
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