भारत की विशेषता अनेकता में एकता : सुशील मोदी

unite-india-sushil-modi
पटना 20 जनवरी, बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आज कहा कि भारत की विशेषता एकरूपता नहीं बल्कि अनेकता में एकता है। श्री मोदी ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से विद्यापति भवन में अन्तर राज्य छात्र-जीवन दर्शन कार्यक्रम के अन्तर्गत पूर्वोत्तर के छात्र-छात्राओं के पटना आगमन पर आयोजित अभिनंदन समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत की विशेषता अनेकता में एकता है । इसीलिए हम कहते हैं ,‘ अलग भाषा, अलग वेश, फिर भी अपना एक देश’ तथा ‘पटना हो या गुवाहाटी, अपना देश अपनी माटी’। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य से लेकर रामकृष्ण और विवेकानंद तथा अन्य ऋषि-मुनियों ने भी देश को हमेशा सांस्कृतिक रूप से जोड़ने का काम किया। इसी का परिणाम है कि दुनिया की कोई भी ताकत पूर्वोत्तर को देश से अलग नहीं कर पाई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की खासियत सहिष्णुता है। हमारी मान्यता है कि ईश्वर एक है, उसे प्राप्त करने के रास्ते अलग-अलग हो सकते हैं। यहां के लोग तलवार के बल पर धर्म परिवर्तन को कभी स्वीकार नहीं कर सकते हैं। उन्होंने पिछले 52 वर्षों से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से आयोजित होने वाले अन्तर राज्य छात्र जीवन दर्शन कार्यक्रम की चर्चा करते हुए कहा कि इसके तहत पूर्वोत्तर के छात्र-छात्राओं को भारत के अन्य राज्यों में तथा शेष भारत के छात्र-छात्राओं को पूर्वोत्तर के राज्यों में भ्रमण कराया जाता है। इसका मकसद भारत के प्रति एकात्म भावबोध उत्पन्न करना है। श्री मोदी ने कहा कि लम्बे समय तक पूर्वोत्तर के राज्यों के लोग शेष भारत से अलग-थलग पड़े थे लेकिन अन्तर राज्य छात्र जीवन दर्शन के माध्यम से उन्हें भारतीयता का अहसास कराने में बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने आम लोगों से एक बार पूर्वोत्तर के राज्यों के भ्रमण की अपील की और कहा कि दिल्ली-मुम्बई में बड़ी संख्या में पूर्वोत्तर के छात्र-छात्रा पढ़ते हैं, लेकिन भ्रमवश लोग उन्हें विदेशी समझ लेते हैं। जिस प्रकार पूर्वोत्तर के छात्र-छात्रा देश के अन्य राज्यों में आकर भारतीयता और एकता के भाव को समझते हैं उसी प्रकार अन्य राज्यों के लोगों को भी पूर्वोत्तर के राज्यों में जा कर वहां के प्राकृतिक-सांस्कृतिक सौन्दर्य को देखना समझना चाहिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थी परिषद के प्रयास का ही नतीजा है कि आज पूर्वोत्तर के राज्यों में भी वहां के लोग ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ का बेझिझक उद्घोष करते हैं।
Share on Google Plus

About आर्यावर्त डेस्क

एक टिप्पणी भेजें
Loading...