महिलायें जब होंगी आत्मनिर्भर, तभी सही मायने में विकास : नीतीश

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खगड़िया/बेगूसराय, 06 जनवरी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प दुहराते हुए आज कहा कि महिलाओं में जब आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास आएगा, तभी सही मायने में प्रदेश का विकास होगा। श्री कुमार ने विकास कार्यों की समीक्षा यात्रा के क्रम में खगडि़या और बेगूसराय जिले में आयोजित विभिन्न जनसभाओं को संबोधित करते हुए महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की चर्चा करते हुए कहा कि बिहार पहला राज्य है, जहां पंचायती राज और नगर निकाय के चुनावों में 50 प्रतिशत का आरक्षण महिलाओं को दिया गया। महिलाओं को पुलिस में 35 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया है। सात निश्चय के तहत राज्य के सभी सेवाओं में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत का आरक्षण भी लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के लिए पोशाक योजना शुरू की गयी। साइकिल योजना के कारण लड़कियों की संख्या नौवीं क्लास में एक लाख 70 हजार से बढ़कर वर्तमान में नौ लाख 43 हजार हो गयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए स्वयं सहायता समूह का गठन किया जा रहा है और राज्य में अब तक आठ लाख स्वयं सहायता समूह का गठन हो चुका है, जबकि सरकार का लक्ष्य दस लाख स्वयं सहायता समूह गठित करने का है। महिलाओं में जब आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास आएगा, तभी सही मायने में बिहार का विकास होगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अबतक गठित करीब आठ लाख स्वयं सहायता समूह में जीविका की दीदी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। जीविका के गठन से महिलाओं में आत्मनिर्भरता आई है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। सही मायने में विकास इसी को कहते हैं। श्री कुमार ने कहा कि 12वीं कक्षा के बाद जो लड़के एवं लड़कियों गरीबी के कारण उच्च शिक्षा नहीं ग्रहण कर पाते थे, उनके लिए सरकार ने चार लाख रुपये तक का स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना लागू की। हालांकि इसमें बैंक का सहयोग उतना नहीं मिल पाया है इसलिये अगले वित्तीय वर्ष से राज्य का अपना वित्त निगम इस कार्य को करेगा। अभी बिहार में उच्च शिक्षा 13.9 प्रतिशत है, जिसे 30 प्रतिशत तक ले जाना है। मुख्यमंत्री ने सात निश्चय योजना की चर्चा करते हुए कहा कि योजना के तहत हर घर तक पक्की गली-नाली का निर्माण, हर घर नल का जल, हर घर में शौचालय का निर्माण किया जा रहा है। हर घर में शौचालय एक राष्ट्रीय अभियान है, जिसमें बिहार सरकार लोहिया स्वच्छ बिहार योजना के तहत अपनी तरफ से योगदान दे रहा है। चार वर्ष के अंदर सात निश्चय की इन योजनाओं को पूरा कर लिया जाएगा। हर गांव में दिसंबर 2017 तक बिजली का कनेक्शन पहुंच गया है, जो टोले बचे रह गए हैं, अप्रैल 2018 तक वहां बिजली का कनेक्शन पहुंच जाएगा। 

श्री कुमार ने समाज में व्याप्त कुरीतियों की चर्चा करते हुए कहा कि दहेज प्रथा एवं बाल विवाह को समाप्त करने के लिए अभियान चलाया गया है। 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की एवं 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के की शादी गैर कानूनी है। बाल विवाह से कितना नुकसान है, सबको पता है। कम उम्र में गर्भधारण के कारण महिलाएं मौत की शिकार हो जाती हैं और जो बच्चे पैदा होते हैं, वे मंदबुद्धि एवं बौनेपन के शिकार होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र की ओर से जारी होने वाले आपराधिक आंकड़े में बिहार की स्थिति में काफी सुधार हुआ है लेकिन दहेज के कारण हत्या एवं उत्पीड़न के मामले ज्यादा है। उन्होंने कहा, “दहेज प्रथा बुरी चीज है, इससे छुटकारा पाना होगा। यह कहने से काम नहीं चलेगा, इसका एक उपाय है कि आपका कोई कितना भी नजदीकी क्यों न हो, अगर वह दहेज वाली शादी है तो उसमें आप शामिल न हों। आपलोग जिस दिन यह मन बना लीजिएगा, उस दिन से दहेज प्रथा का खात्मा हो जाएगा।” श्री कुमार ने खगड़िया में 236 करोड़ रुपये की लागत वाली 294 जबकि बेगूसराय में करीब 300 करोड़ रुपये की 376 योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास रिमोट के माध्यम से किया। इस मौके पर प्रदेश सरकार के कई मंत्री, विधायक, विधान पार्षद, पुलिस एवं प्रशासन के वरीय अधिक मौजूद थे। 
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