सुधा डेयरी के दूध अब टेट्रा पैक में उप्लब्ध होंगे. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 25 सितंबर 2013

सुधा डेयरी के दूध अब टेट्रा पैक में उप्लब्ध होंगे.

सुधा डेयरी के दूध अब तीन महीने तक सुरक्षित रहेंगे. अमूल की तरह सुधा डेयरी भी लोगों को टेट्रा पैक में दूध सुलभ करायेगा. सुधा डेयरी के दूध अब तीन महीने तक सुरक्षित रहेंगे. अमूल की तरह सुधा डेयरी भी लोगों को टेट्रा पैक में दूध सुलभ करायेगा. राज्य सरकार ने दूध को तीन महीने तक सुरक्षित रखने वाले विशेष पैक में उपभोक्ताओं को दूध उपलब्ध कराने के उद्देश्य बिहार में भी 10 करोड़ रुपये की लागत वाली अल्ट्रा हिट ट्रिटेड मिल्क पैकिंग मशीन स्थापित करने का निर्णय लिया है. हालांकि विशेष पैक में सुलभ दूध की कीमत प्रति लीटर दो से ढाई गुनी अधिक होगी. 

मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार दूध उत्पादन से जुड़े लोगों के उत्पाद को बर्बाद होने से बचाने लिए राज्य सरकार ने कई कार्ययोजना तैयार की है.  अमूल और मदर डेयरी की तर्ज पर बिहार में भी दूध की गुणवत्ता तीन महीने तक सुरक्षित रखने के उद्देश्य से यूएचटी मिल्क पैकिंग मशीन स्थापित की जा रही है. इस पर दस करोड़ रुपये की लागत आयेगी. साथ ही सभी आठ दुग्ध उत्पादन सहकारी संघ लिमिटेड में तीन से पांच हजार लीटर क्षमता के 39 बल्क मिल्क कूलर की स्थापना की जायेगी. इन कूलरों की खरीद राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की 5.74 करोड़ रुपये से की जायेगी, जिसकी स्वीकृति राज्य सरकार ने दे दी है. 

अल्ट्रा हिट ट्रिटेड मिल्क पैकिंग मशीन स्थापित स्थापना के लिए राज्य सरकार ने 10 करोड़ रुपये कॉम्फेड को उपलब्ध कराये हैं. पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के विशेष सचिव देवेंद्र प्रसाद ने इस संबंध में बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य जीवाणु रहित तथा लंबी अवधि (तीन माह) तक गुणवत्ता को बरकरार रखने के लिए दूध को यूएचटी मिल्क पैकिंग मशीन द्वारा एक विशेष पैक में रखा जायेगा, ताकि राज्य के सुदूर स्थानों तक दूध की बिक्री की जा सके. उन्होंने बताया कि दुग्ध उत्पादकों द्वारा सुधा डेयरी को उपलब्ध कराये गये दूध की गुणवत्ता को अक्षुण्ण रखने के उद्देश्य से ग्रामीण स्तर पर बल्क मिल्क कूलर की स्थापना की जायेगी, ताकि उत्पादित दूध को गांव में ही तुरंत ठंडा कर तथा जीवाणु की संख्या में वृद्धि रोक कर स्वच्छ दूध उपलब्ध कराया जा सके. 

ग्रामीण स्तर पर बल्क मिल्क कूलर लगने से ज्यादा अधिक मात्रा में दूध का संग्रह हो सकेगा. इस संग्रहित दूध को बल्क मिल्क कूलर में ठंडा कर इसका भंडारण करते हुए रोड मिल्क टैंकर द्वारा डेयरी प्लांट तक पहुंचाने की व्यवस्था की जायेगी.


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