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शुक्रवार, 6 अक्तूबर 2017

हस्त निर्मित वस्त्रों पर जॉबवर्क पर जीएसटी कर से राहत

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नयी दिल्ली 06 अक्टूबर, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने कई उत्पादों और सेवाओं पर जीएसटी कर में कमी करने का निर्णय लिया है जिससे वस्त्र उद्योग में काम करने वाले हस्तशिल्पियों को भी बड़ी राहत मिली है। वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में आज यहां हुयी जीएसटी परिषद की 22वीं बैठक में कई उत्पादों और सेवाओं पर जीएसटी में कमी करने का निर्णय लिया गया। बैठक के बाद श्री जेटली ने संवाददाताओं को बताया कि हस्त निर्मित वस्त्रों के जाॅबवर्क पर लगने वाले जीएसटी को 12 प्रतिशत से घटाकर पाँच प्रतिशत और हस्त निर्मित धागे पर 18 फीसदी से कम कर 12 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। वित्त मंत्री ने कहा कि मानव निर्मित धागे, कृत्रिम धागे और सिंथेटिक धागे पर जीएसटी को 18 फीसदी से कम कर 12 फीसदी कर दिया गया है। जरी वर्क पर लगने वाला जीएसटी भी 12 फीसदी से घटकर पांच प्रतिशत हो गया है। आम के सूखे टुकड़े और खखरा तथा सादी रोटी पर जीएसटी को 12 फीसदी से घटाकर पांच प्रतिशत किया गया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र या राज्य सरकारों द्वारा अनुमोदित योजनाओं के तहत समाज के कमजोर वर्ग को वितरित किये जाने डिब्बाबंद खाद्य पदाथों पर जीएसटी को 12 फीसदी से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है। अनब्रांडेड नमकीन और अनब्रांडेड आयुर्वेदिक, यूनानी और सिद्ध दवाओं पर भी जीएसटी की दर 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत की गयी है। पोस्टर कलर और बच्चों के मॉडलिंग पेपर पर कर 28 फीसदी से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। प्लास्टिक कचरे और रबर कचरे पर कर को 18 से कम कर पांच प्रतिशत तथा पेपर कचरे पर 12 प्रतिशत से कम कर पांच प्रतिशत कर दिया गया है। हार्ड रबर कचरे को 28 फीसदी की जगह पांच प्रतिशत के स्लैब में रखा गया है। ई-कचरे पर लगने वाले 28 और 18 प्रतिशत कर को पांच प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि 15 हॉर्स पावर तक के डीजल इंजन और पावर पंपों के कलपुर्जाें पर कर को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है। इसके साथ ही यूनिसेफ, डब्ल्यूएचओ और रेड क्रॉस जैसे संगठनों द्वारा नि:शुल्क वितरण के लिए आयातित दवाओं पर एकीकृत जीएसटी को शून्य कर दिया गया है। ये उत्पाद पहले पाँच और 12 प्रतिशत के स्लैब में थे।

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