बिहार : गुड फ्राइडे के दिन छुट्टी नहीं देने पर बिफरे लोग - Live Aaryaavart

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शनिवार, 31 मार्च 2018

बिहार : गुड फ्राइडे के दिन छुट्टी नहीं देने पर बिफरे लोग

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पटना. सोशल मीडिया पर गुड फ्राइडे के दिन छुट्टी घोषित नहीं होने, बेतिया में कुछ लोगों का पैर प्रत्येक साल पैर धोने और पटना में विक्टर फ्रांसिस द्वारा निर्मित  झांकी नहीं निकालने को लेकर गर्मागरम चर्चा चलती रही.तथाकथित राजनीतिक दामन थामने वाले ईसाई नेताओं पर कीचड़ उछाला गया कि हिम्मत है तो गुड फ्राइडे की छुट्टी दिला दें. बता दें कि सरकार पर दबाव बनाने के लिये अखबार का सहारा लिया.इस पर सरकार ने संज्ञान नहीं ली.तब सरकार के पक्ष में नेता बोलने लगे और मुद्दे को विषयांतर कर दिये.मिशनरियों द्वारा संचालित स्कूलों में 1 नवम्बर को सभी संतों के पर्व के दिन मिलने वाली छुट्टी को रद्द कर दी गयी है. इसको लेकर बवाल काटे. बेतिया चर्च के फादर और बिशप पर फेसबुकिया हमला किया गया.यहां पर लगातार पेटेंट लोगों का ही पैर धोया जा रहा है.पुण्य वृहस्पतिवार को बहुत सारे बुर्जुग हैं जो पैर धुलवाने का माद्दा रखते हैं.इस विषय को लेकर यहाँ पर और भी लोगों के रिएक्शन देख कर अच्छा लग रहा है और इससे यह साबित होता है की इन चमचों और पैरिश  प्रिस्ट के कार्यों से सिर्फ़ यूथ ही नहीं बल्कि पैरिश के लोग भी परेशान है.7 तारीख़ के बाद साथ आइए साथ बैठिए और आगे का रूप रेखा तैयार करिए और पैरिश को चाटुकारों से बचाइए.

कुर्जी चर्च में गुड फ्राइडे के दिन सुबह में विक्टर फ्रांसिस के द्वारा निर्मित झांकी प्रस्तुत की जाती थी जिसे इस साल प्रदर्शित करने नहीं दिया गया.उसके बदले फादर जोनसन,फादर सुशील और फादर देवाशीष ने मिलकर बुनियादी समस्याओं को समेटकर चौदह मुकाम पेश किये.जो घंटाभर में खत्म हुआ.इसे लोगों ने नकारा.विक्टर फ्रांसिस के समक्ष आकर चिंता व आक्रोश व्यक्त किये.खुद विक्टर ने कहा कि सैकड़ों लोग आकर कहा कि धार्मिक आयोजन फीका रहा.मीडिया का भी रूझान नहीं था.चटपटा नहीं था लोग  कैसे आयेंगे. कुर्जी पल्ली परिषद के पूर्व पार्षद क्लारेंस हेनरी ने कहा कि अनुमानित 90 प्रतिशत लोग झांकी देखने के समर्थन और मूड में हैं. 10 प्रतिशत लोग आड़गा लगा रखा.ऐसे लोग के विचार से परिवर्तन कर दिया गया.एक बार याजक और अयाजक वर्ग आमने-सामने आ गये हैं.नोट्रेडम एकेडमी द्वारा क्रिश्चियन बच्चों को स्कूल में एडमिशन लेने तिड़कमबाजी अपनाया जाता है.
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