जिसकी जितनी हिस्सेदारी उसकी उतनी भागेदारी हो ? : आनन्द सम्राट - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

सोमवार, 13 अगस्त 2018

जिसकी जितनी हिस्सेदारी उसकी उतनी भागेदारी हो ? : आनन्द सम्राट

cast-rights
पटना, 12 अगस्त, मौर्य शक्ति के प्रदेश सचिव आनन्द सम्राट कुशवाहा ने कहा कि भारतीय संविधान में सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जी ने आरक्षण की व्यवस्था किया था जिससे उनको सरकारी नौकरी में मदद मिल सके पर आजादी के 70 साल बाद भी उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हो पाया है जिसके कारण उन्हें आजतक आरक्षण का हकदार माना जाता है और ये जरूरी भी है उसके बाद ओबीसी को भी आरक्षण के लिए सिफारिश आने लगी सरकार ने उसके लिए मंडल कमीशन बनाया और जांच का आदेश दिया मंडल कमीशन ने सही ठहराते हुए ओबीसी को भी आरक्षण देने की सिफारिश कर दिया अब जनरल कैटोगरी के लोग भी अपने लिए आरक्षण की मांग कर रहे हैं या आरक्षण को खत्म करने की बात कह रहे हैं जबकि सच तो ये है कि लगभग 60 फ़ीसदी उच्च पदों पर जेनरल वाले कब्जित हैं जबकी न्यायालय में यह प्रतिशत बढ़कर 80 से 85 हो जाता है उसके बाद भी आरक्षण के लिए आंदोलन किया जा रहा है तो मेरा मानना है कि आरक्षण को 100% कर दिया जाय जिसकी जितनी हिस्सेदारी उसकी उतनी भागेदारी किया जाय जिससे कोई किसी का आरक्षण नहीं खायेगा जिसका  जितना प्रतिशत जनसंख्या  होगा उसे उतना प्रतिशत आरक्षण दिया जाय इससे आरक्षण आंदोलन पूरी तरह से खत्म किया जा सकता है
एक टिप्पणी भेजें