बेगूसराय : भोजपुरी फ़िल्म के नायक यश एवं नायिका पायस से भेंटवार्ता। - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 7 अगस्त 2018

बेगूसराय : भोजपुरी फ़िल्म के नायक यश एवं नायिका पायस से भेंटवार्ता।

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बेगूसराय (अरुण कुमार) भोजपुरी फीचर फिल्म "नागराज" के प्रचार-प्रसार में नायक यश कुमार मिश्रा और नायिका पायस पंडित से मिलने का मौका उस वक्त मिला जब दोनों स्थानीय टाउनशिप कॉलोनी आई ओ सी के कल्याणकेन्द्र में दर्शकों को सम्बोधित कर रहे थे।नायक यश मिश्रा ने बताया कि कहानी एक नाग नागिन की है जो कि इच्छाधारी है,उसके साथ कुछ अमानवीय घटना मानवों के द्वारा घटित हो जाती है उसी प्रतिशोध के इर्द-गिर्द कहानी घूमती है और अन्त में जैसा कि क्लाइमेक्स में दिखाया गया है कि प्रतिशोध के ज्वाला में जलाना कितना पीड़ादायक होता है,कितना नुकसानदेह साबित होता है ये तो देखने के बाद ही समझ में आएगा।बीच में मारधाड़,एक्शन नागों का हवा में उड़ना आदि भी नये नये तकनीकों का सहारा लेकर किया गया है जो कि दर्शकों को कहीं भी उबाऊ नहीं लगने बाली है।फ़िल्म भोजपुरी ही नहीं हिन्दी फिल्मों में भी ग्लेमर दृश्य कुछ न कुछ रहता ही है सो इसमें भी ग्लेमर तो है,किन्तु उत्तेजक दृश्य कहीं कुछ भी नहीं एकदम साफ सुथरी पारिवारिक फ़िल्म है यह।यह फ़िल्म पूरे परिवार के साथ देखने लायक शिक्षाप्रद फ़िल्म है।यह फ़िल्म अभी बेगूसराय के सावित्री चित्रपट में लगी हुई है जिसे लोगों ने काफी सराहा है।यश मिश्रा की और भी दर्जनों फिल्में मार्केट में आ चुकी है किन्तु स्वयं मिश्रा का कहना है कि इस फ़िल्म से मैं काफी संतुष्ट हूँ और हमें इस फ़िल्म से काफी उम्मीद भी है,कि भोजपुरी बॉक्स ऑफिस के कसौटी पर खरा उतरेगी ये फ़िल्म नागराज।इसमें मैं भी अपनी पूरी ताकत लगा दी है आगे सबकुछ दर्शकों के ऊपर निर्भर है।इस फ़िल्म के निर्माता दीपक शाह हैं निर्देशक हैं दिनेश यादव,संगीत धनञ्जय मिश्रा, छायांकन आर आर प्रिंस,संकलन गुर्जन्ट सिंह, एक्शन(मारधाड़) बाजी राव,नृत्य कानू मुखर्जी व प्रवीण शेलार,कला नाजिर शेख,कार्यकारी निर्माता- शैलेन्द्र सिंह आदि द्वारा सुसज्जित फ़िल्म नागराज अब दर्शकों से आशीर्वाद के लिये दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत है।इस मौके पर फ़िल्म निर्माता पप्पू जी भी मंचासीन थे और इनके साथ बेगूसराय के फ़िल्म निर्माण के क्षेत्र में एक कामयाब निर्माता के रूप में थे अमित गोल्ड।इन्होंने उस वक्त फ़िल्म निर्माण करने का दुःशाहस किया जिस वक्त बेगूसराय में कोई सोच रहा होगा मगर फ़िल्म निर्माण कर नहीं रहा था।जी हाँ मैं बात कर रहा हूँ छोटकी दुल्हिन की "छोटकी दुल्हिन" 2005/6 के दशक में जो कामायाबी हासिल की थी वो बेगूसराय में बनी फिल्म अभी तक कोई भी वैसी कामायाबी नही पा सकी।हाँ दिनकर प्रोडक्शन की बात करें तो "चौहर"बेगूसराय ही नहीं भारत के कई प्रांतों में दर्शकों को बाँधे रखा।चौहर प्यार मोहब्बत की एक ऐसी सच्ची घटना पर आधारित फिल्म है जो कहानी उच्च और निम्न वर्गीय जाति भेद को दर्शाता है यह फ़िल्म भी विजनेश बढ़िया ही किया।जबकि इस फ़िल्म चौहर पर मुकदमा भी दायर हुआ था जिसके वजह से फ़िल्म प्रदर्शित होकर भी पर्दे पर 2 दिनों से अधिक नहीं चली थी,न्यायालय से मुकदमा जितने के बाद चौहर ने अपना जौहर दिखाना जब शुरू किया तो फिर बेगूसराय के अलका में काफी दिनों तक चली,बिहार से बाहर भी कई प्रांतों में दो दो,तीन तीन सप्ताह फ़िल्म सफलता पूर्वक चली।इस मौके पर और भाई के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।कल्याण केंद्र के सभागार से निकलने के बाद,डी ओ पी राहुल और पटकथा लेखक ओम दत्ता से मिलते हुए सागर सिन्हा के ऑडियो जक्शन डबिंग सेंटर पर सन्नी सिन्हा के साथ चाय नास्ता के आयोजन में शामिल हुये।वहाँ काफी देर तक बातें हुईं और फिर वहाँ से यश मिश्रा और पायस पंडित अपने गंतव्य की ओर प्रश्थान किया।मंच पर फ़िल्म बलमा रंग रसिया के नायक सुधीर कुमार भी मौजूद थे।
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